Bihar Social Media Law: बिहार सरकार ने सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक, भ्रामक तथा कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली सामग्री पर नकेल कसने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब Facebook, X, Instagram और YouTube जैसे बड़े मंचों पर विवादित पोस्ट या वीडियो को हटाने की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक तेज होगी। इस संबंध में गृह विभाग की विशेष शाखा ने एक नई अधिसूचना जारी की है।
IG-DIG को मिला सोशल मीडिया पर सीधे कार्रवाई का अधिकार
नई व्यवस्था के तहत राज्य के विभिन्न पुलिस रेंज के इंस्पेक्टर जनरल (IG) और डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) को सीधे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को टेकडाउन नोटिस जारी करने का अधिकार दिया गया है। इसका मतलब है कि अब किसी आपत्तिजनक पोस्ट को हटाने के लिए लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, जिससे कार्रवाई में अभूतपूर्व तेजी आएगी।






अभी तक किसी आपत्तिजनक पोस्ट या वीडियो की जानकारी मिलने पर संबंधित जिला या रेंज की ओर से प्रस्ताव साइबर क्राइम एंड सिक्योरिटी यूनिट (CCSU) को भेजा जाता था। इसके बाद CCSU संबंधित सोशल मीडिया कंपनी को टेकडाउन नोटिस जारी करती थी। इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय लग जाता था और कई बार तब तक वह पोस्ट या वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी होती थी।
सरकार का मानना है कि अब क्षेत्रीय स्तर पर ही IG और DIG कार्रवाई कर सकेंगे। इससे अफवाह फैलाने वाले पोस्ट, भड़काऊ कंटेंट और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाली सामग्री को कम समय में हटाया जा सकेगा। यह कदम संवेदनशील मामलों में प्रशासन की प्रतिक्रिया को भी पहले से अधिक तेज बनाएगा।
इन पुलिस रेंज के IG और DIG को मिले नए अधिकार
गृह विभाग ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और आईटी नियम, 2021 के तहत राज्य के कई पुलिस रेंज के IG और DIG को यह अधिकार प्रदान किया है। इन रेंज में ये शामिल हैं:
- मगध
- तिरहुत
- मिथिला
- पूर्णिया
- सारण
- शाहाबाद
- चंपारण
- कोसी
- बेगूसराय
- मुंगेर
- भागलपुर
- रेल
- कार्मिक
यह फैसला बिहार में सोशल मीडिया पर गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने में अहम भूमिका निभाएगा।
टेकडाउन नोटिस की जानकारी तुरंत सचिव को देनी होगी
नई अधिसूचना के अनुसार, IG या DIG द्वारा जारी किए गए हर टेकडाउन नोटिस की सूचना तत्काल बिहार सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव को भेजनी होगी। राज्य सरकार ने उन्हें इस प्रक्रिया के लिए नोडल अधिकारी बनाया है, ताकि सभी कार्रवाइयों की निगरानी और समन्वय प्रभावी ढंग से हो सके।
सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों, फर्जी खबरों, भड़काऊ पोस्ट और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली सामग्री पर तेजी से कार्रवाई संभव होगी। इससे संवेदनशील परिस्थितियों में प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप करने में आसानी होगी और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी। यह बिहार सोशल मीडिया लॉ के तहत एक बड़ा बदलाव है, जिससे ऑनलाइन सुरक्षा और शांति सुनिश्चित की जा सकेगी।








