Bihar Recruitment: बिहार सरकार ने युवाओं को रोजगार देने के अपने वादे को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव मो. सोहेल ने शुक्रवार को पटना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के दौरान प्रदेश में कुल 1,72,218 पदों पर बंपर Bihar Recruitment की जाएगी। सरकार का मुख्य ध्यान पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने पर है, ताकि योग्य युवाओं को जल्द से जल्द रोजगार के अवसर मिल सकें।
शिक्षकों और आंगनबाड़ी सेविकाओं को मिलेगी नौकरी
मो. सोहेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभिन्न विभागों में होने वाली भर्तियों का विस्तृत ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि रिक्त पदों को भरने के लिए सरकार एक चरणबद्ध योजना पर काम कर रही है। इन भर्तियों में सबसे बड़ा हिस्सा शिक्षक पदों का है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित होने वाली चौथे चरण की शिक्षक भर्ती (TRE 4.0) के तहत 32,388 शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में बीपीएससी को अधियाचना पहले ही भेज दी है, और आयोग जल्द ही परीक्षा प्रक्रिया शुरू करेगा।






इसके साथ ही, समेकित बाल विकास सेवाओं (ICDS) को मजबूत करने के उद्देश्य से आंगनबाड़ी क्षेत्र में भी बड़ी भर्तियां होंगी। लगभग 22,891 आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के पदों पर भर्ती को मंजूरी मिल चुकी है। इन भर्तियों से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे और बच्चों के पोषण व विकास कार्यक्रमों को गति मिलेगी।
सरकारी विभागों में भरे जाएंगे हजारों पद
शिक्षक और आंगनबाड़ी पदों के अतिरिक्त, शेष बचे हुए पदों को स्वास्थ्य, पुलिस, राजस्व और अन्य प्रशासनिक विभागों के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा। बिहार सरकार का लक्ष्य है कि इन दो वित्तीय वर्षों में सभी 1 लाख 72 हजार 218 पदों पर नियुक्तियां पूरी कर ली जाएं। इन भर्तियों से राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में कर्मचारियों की कमी को पूरा किया जा सकेगा और प्रशासनिक कार्यों में भी तेजी आएगी।
पारदर्शी प्रक्रिया से युवाओं को जल्द रोजगार
मो. सोहेल ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि पूरी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता का सख्ती से पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि युवाओं को अपनी नियुक्तियों के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े। इस पहल से न केवल बिहार में बेरोजगारी की समस्या से निपटने में मदद मिलेगी, बल्कि युवा शक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। यह स्पष्ट करता है कि राज्य सरकार रोजगार सृजन को अपनी शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक मानती है।
बिहार सरकार का यह कदम राज्य में बेरोजगारी दर कम करने और युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। इन भर्तियों से न केवल हजारों परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा, बल्कि विभिन्न विभागों में कर्मचारियों की कमी भी दूर होगी, जिससे सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा।







