Bihar Cyber Police: बिहार में साइबर अपराधियों के खिलाफ समस्तीपुर साइबर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ताजपुर की एक महिला से 13 लाख 30 हजार रुपये की ठगी के मामले में पुलिस ने दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मुजफ्फरपुर और पटना में छापेमारी के बाद की गई। इस गिरोह के तार अब कई और मामलों से जुड़ने की आशंका है, जिसकी जांच जारी है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मुजफ्फरपुर जिले के पारु थाना क्षेत्र के गोसाई टोल निवासी मोहम्मद रियाकत हुसैन के बेटे मोहम्मद शमशाद और पटना के रामनाथ तिवारी के बेटे प्रिंस कुमार के रूप में हुई है। इन दोनों ने मिलकर इस ठगी की वारदात को अंजाम दिया था।






बिहार में ‘लंदन वाले’ ठग का अंत! महिला से 13 लाख हड़पे, पटना-मुजफ्फरपुर से पकड़े गए 2 आरोपी
Samastipur Cyber Fraud: बिहार में ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोहों पर समस्तीपुर साइबर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। एक महिला से 13 लाख 30 हजार रुपये की धोखाधड़ी के मामले में दो शातिर साइबर ठगों को मुजफ्फरपुर और पटना से गिरफ्तार किया गया है। इन आरोपियों ने खुद को लंदन का निवासी बताकर महिला को अपने जाल में फंसाया था।
सोशल मीडिया पर दोस्ती, फिर लंदन के नाम पर ठगी
समस्तीपुर जिले के ताजपुर की रहने वाली एक महिला ने साइबर थाने में अप्रैल महीने में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने बताया कि मोहम्मद शमशाद नामक एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया, खासकर फेसबुक और इंस्टाग्राम के माध्यम से उससे दोस्ती की थी। बातचीत के दौरान शमशाद ने खुद को लंदन का निवासी बताया और महिला को विदेश बुलाने का झांसा दिया।
ठग शमशाद ने महिला से कहा कि विदेश आने के लिए पासपोर्ट बनवाना होगा, जिसके लिए उसे दिल्ली आना पड़ेगा। जब महिला दिल्ली पहुंची, तो वहां एयरपोर्ट पर अपहरण का षड्यंत्र रचकर उससे करीब 13 लाख 30 हजार रुपये ठग लिए गए। पैसे लेने के बाद शमशाद ने महिला का नंबर ब्लॉक कर दिया, जिसके बाद उसे ठगी का एहसास हुआ।
पटना और मुजफ्फरपुर से दबोचे गए ठग
साइबर पुलिस ने इस मामले की गहन जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मुजफ्फरपुर जिले के पारु थाना क्षेत्र के गोसाई टोल निवासी मोहम्मद रियाकत हुसैन के बेटे मोहम्मद शमशाद को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही, पटना निवासी रामनाथ तिवारी के बेटे प्रिंस कुमार को भी पकड़ा गया, जिसके खाते में ठगी की रकम पहले लेयर में ट्रांसफर की गई थी।
जांच में खुलासा हुआ कि प्रिंस कुमार अपना बैंक अकाउंट साइबर अपराधियों को किराए पर देता था, जिसके बदले उसे मोटी रकम मिलती थी। प्रिंस कुमार के खिलाफ पहले से ही साइबर अपराध के 6 मामले दर्ज हैं और उसका अकाउंट पहले भी ब्लॉक किया जा चुका है।
साइबर डीएसपी बोले- पूरे नेटवर्क की हो रही जांच
साइबर डीएसपी दुर्गेश दीपक ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया, “गिरफ्तार किए गए दोनों साइबर ठगों मोहम्मद शमशाद और प्रिंस कुमार को जेल भेजा जा रहा है। प्रिंस पर पहले भी साइबर ठगी के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इस गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों की पहचान कर रही है और पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।”
यह कार्रवाई साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस की सख्ती को दर्शाती है। आम लोगों को सोशल मीडिया पर अंजान व्यक्तियों से दोस्ती करने और पैसों के लेनदेन में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, खासकर जब कोई विदेशी नागरिक होने का दावा करे।
फेसबुक-इंस्टाग्राम पर दोस्ती, फिर लंदन का झांसा
जांच में सामने आया है कि मोहम्मद शमशाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए ताजपुर निवासी महिला से दोस्ती की थी। खुद को लंदन का निवासी बताकर उसने महिला को अपने जाल में फंसाया। अप्रैल महीने में शमशाद ने महिला को विदेश बुलाने का झांसा दिया और पासपोर्ट बनवाने के लिए दिल्ली आने को कहा। दिल्ली में एयरपोर्ट पर अपहरण का षड्यंत्र रचकर उसने महिला से कुल 13 लाख 30 हजार रुपये ठग लिए।
जब शमशाद ने महिला का नंबर ब्लॉक कर दिया, तब जाकर उसे ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद अप्रैल महीने में ही समस्तीपुर के साइबर थाने में मोहम्मद शमशाद और प्रिंस कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
साइबर ठगों का पुराना रिकॉर्ड और नेटवर्क की जांच
साइबर डीएसपी दुर्गेश दीपक ने बताया, ‘गिरफ्तार किए गए दोनों साइबर ठगों को जेल भेजा जा रहा है। प्रिंस कुमार पर पहले से ही साइबर ठगी के 6 मामले दर्ज हैं। वह अपना बैंक अकाउंट साइबर अपराधियों को किराए पर देता था, जिसके एवज में उसे अच्छी खासी रकम मिलती थी। उसका अकाउंट पहले भी ब्लॉक हो चुका है। पुलिस अब इस गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।’
पुलिस के अनुसार, महिला से ठगी की गई राशि पहले प्रिंस कुमार के पटना स्थित अकाउंट में गई थी। प्रिंस कुमार के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, ताकि साइबर अपराधों पर लगाम लगाई जा सके।








