Bihar Executive Officer: डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या के बाद बिहार के सभी कार्यपालक अधिकारियों (EO) में जबरदस्त आक्रोश है। सुरक्षा की मांग को लेकर पटना में बिहार अर्बन सर्विस एसोसिएशन (BUSA) के सदस्य उनके शव के साथ मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें दानापुर टी-प्वाइंट पर ही रोक दिया। तेज बारिश के बावजूद अधिकारी सड़क पर डटे रहे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहे।
पटना में बवाल! डेहरी EO के शव के साथ सड़क पर उतरे अधिकारी, मंत्री का इस्तीफा मांगा
Patna Protest: पटना के दानापुर में डेहरी के ईओ विमल कुमार की मौत के बाद बड़ा बवाल देखने को मिला. दिवंगत ईओ के शव को लेकर नगर निकाय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. उनका काफिला मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के इरादे से आगे बढ़ रहा था, लेकिन पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में ही रोक दिया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नगर विकास मंत्री से इस्तीफे की मांग की, जिससे राज्य की सियासत गरमा गई है.






गोला रोड स्थित गंगा कुटीर से ईओ विमल कुमार का शव वाहन निकाले जाने के बाद नगर निकाय के ईओ और कर्मचारी आक्रोशित हो उठे. वे अपनी मांगों के साथ आगे बढ़ रहे थे और रास्ते में कई जगहों पर पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोकने की कोशिश की. प्रदर्शनकारी सड़क पर खड़े वाहनों को हटाते हुए लगातार आगे बढ़ते रहे, उनका लक्ष्य सीएम आवास तक पहुंचना था.
पुलिस ने रोका रास्ता, बारिश में भी डटे रहे प्रदर्शनकारी
गोला रोड पर संत कैरेंस स्कूल मोड़ के पास सिटी एसपी पश्चिमी संकेत कुमार और नगर विकास सचिव समेत भारी पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया. इसके बाद भी प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे. तेज बारिश के बावजूद वे सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे.
बारिश में भीगते हुए भी ईओ और कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े रहे. वे मौके पर नगर विकास के प्रधान सचिव को बुलाने की मांग कर रहे थे. इसके साथ ही, उन्होंने नगर विकास मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग उठाई. इस प्रदर्शन के दौरान ईओ पंकज कुमार अचानक बेहोश हो गए, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई.
सुरक्षा और लाइसेंसी हथियार की मांग पर अड़े अधिकारी
कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या के विरोध में राज्यभर के ईओ ने कामकाज पूरी तरह बंद कर दिया है। बिहार अर्बन सर्विस एसोसिएशन (BUSA) ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, हड़ताल जारी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि उन्हें पर्याप्त सुरक्षा दी जाए और आत्मरक्षा के लिए लाइसेंसी हथियार उपलब्ध कराए जाएं।
एसोसिएशन ने कहा, ‘हमने हड़ताल की घोषणा कर दी है। जब तक मांगें नहीं मानी जाएगी, हड़ताल जारी रहेगी। हम ईंट से ईंट बजा देंगे।’
दानापुर में विमल कुमार का शव पहुंचते ही BUSA सदस्यों ने अपनी आवाज बुलंद की। इसके बाद एंबुलेंस से शव को लेकर वे सीएम आवास की ओर रवाना हुए। उनका इरादा मुख्यमंत्री आवास के सामने ही शव की अंत्येष्टि करने का था, जो उनके गहरे आक्रोश को दर्शाता है।
अधिकारियों को समझाने पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी
कार्यपालक अधिकारियों को रोकने के बाद उन्हें समझाने के लिए प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। नगर विकास एवं आवास विभाग के विशेष सचिव अनिमेष पराशर ने अधिकारियों से बात करने की कोशिश की। उनके बाद पटना नगर निगम के आयुक्त यशपाल मीणा और नगर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी साकेत कुमार भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे, लेकिन अधिकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। बारिश और पुलिस द्वारा रोके जाने के बावजूद उनका प्रदर्शन जारी है, जो सुरक्षा को लेकर उनकी चिंता और गुस्से को उजागर करता है।
डेहरी ईओ हत्याकांड: ड्राइवर ने कबूला जुर्म
यह विरोध प्रदर्शन डेहरी के ईओ विमल कुमार की हत्या के मामले से जुड़ा है. जानकारी के अनुसार, उनकी पत्नी ने ड्राइवर के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी. पुलिस पूछताछ में आरोपी ड्राइवर ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. इसी हत्याकांड में न्याय और जवाबदेही की मांग को लेकर नगर निकाय के अधिकारी सड़क पर उतरे हैं.
नगर निकाय अधिकारियों का यह प्रदर्शन सरकार पर दबाव बढ़ा रहा है. एक अधिकारी की मौत और उसके बाद मंत्री के इस्तीफे की मांग ने पूरे प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है. अब देखना होगा कि सरकार इस मामले पर क्या कदम उठाती है और प्रदर्शनकारियों की मांगों पर क्या फैसला लिया जाता है.
इस घटना ने बिहार में अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कार्यपालक पदाधिकारियों का यह राज्यव्यापी आंदोलन प्रशासन पर उनकी मांगों को मानने का दबाव बढ़ा रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।








