Darbhanga Sugar Mill: बिहार के दरभंगा जिले में दो नई चीनी मिलों के खुलने से किसानों के लिए आर्थिक समृद्धि का नया द्वार खुल गया है। इन चीनी मिलों के सफल संचालन को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने बड़े पैमाने पर गन्ना क्षेत्र विस्तार अभियान शुरू किया है। इस पहल के तहत, अब तक 13,000 से अधिक किसानों ने गन्ना की खेती के लिए अपना पंजीकरण करा लिया है, जो क्षेत्र में कृषि क्रांति का संकेत है।
जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार ने इस महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा करते हुए बताया कि नई रैयाम और सकरी चीनी मिलों की स्थापना को लेकर गन्ना क्षेत्र बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य जिले में गन्ना उत्पादन को बढ़ावा देना और अधिक से अधिक किसानों को इस लाभकारी कृषि से जोड़ना है।






एक चीनी मिल के लिए 30,000 एकड़ गन्ना क्षेत्र अनिवार्य
डीएम कौशल कुमार ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक चीनी मिल के सुचारु संचालन के लिए कम से कम 30,000 एकड़ क्षेत्र में गन्ना की खेती होना आवश्यक है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए जिलेभर में गन्ना का रकबा बढ़ाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में किसानों को गन्ना उत्पादन, आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार ने कहा, ‘जिले में नई रैयाम एवं सकरी चीनी मिलों की स्थापना के उद्देश्य से गन्ना क्षेत्र विस्तार हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 13000 से अधिक किसान ने गन्ना की खेती के लिए रजिस्ट्रेशन करा लिया है।’
यह अभियान सभी प्रखंडों और पंचायतों तक फैला हुआ है, जहाँ व्यापक जन जागरूकता फैलाई जा रही है। किसानों का पंजीकरण और चीनी मिल सहकारी समिति की सदस्यता सुनिश्चित करने के लिए विशेष शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं।
पंचायत स्तर पर विशेष शिविर और त्रि-सदस्यीय समिति
गन्ना क्षेत्र विस्तार अभियान के तहत, दरभंगा जिले की सभी पंचायतों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों के सफल संचालन के लिए संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) पंचायत स्तर पर सहकारिता, कृषि और पंचायती राज विभाग के पदाधिकारियों की एक त्रि-सदस्यीय समिति का गठन करेंगे। यह समिति किसानों के साथ सीधा संवाद स्थापित करेगी और उन्हें गन्ना खेती के फायदे समझाएगी।
अभियान में सहकारिता, कृषि, गन्ना उद्योग और पंचायती राज विभाग के प्रखंड एवं पंचायत स्तर के सभी पदाधिकारी व कर्मी आपसी समन्वय के साथ काम करेंगे। उनका लक्ष्य किसानों को प्रेरित करना है कि वे गन्ना उत्पादन बढ़ाएं, नई तकनीकों को अपनाएं और चीनी उद्योग से जुड़कर अपनी आय में वृद्धि करें।
अधिकारियों को निगरानी और प्रचार-प्रसार का निर्देश
जिलाधिकारी ने इस अभियान के सफल क्रियान्वयन की पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी और प्रखंड कृषि पदाधिकारी को सौंपी है। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में अभियान की नियमित निगरानी, अनुश्रवण और पर्यवेक्षण करने का निर्देश दिया है।
डीएम कौशल कुमार ने जोर देकर कहा, ‘अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान शिविरों में भाग लेकर गन्ना किसान पंजीकरण एवं सहकारी सदस्यता का लाभ प्राप्त कर सकें।’
यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक पंचायत में अधिक से अधिक किसानों की भागीदारी हो। जिला प्रशासन का मानना है कि यह अभियान न केवल गन्ना उत्पादन को बढ़ावा देगा, बल्कि क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा, जिससे किसानों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।








