Bihar EO Murder: डेहरी-ऑन-सोन नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार की हत्या के बाद रविवार सुबह उनका शव दानापुर के गोला रोड टी-प्वाइंट स्थित गंगा कुटीर अपार्टमेंट पहुंचा। इस हृदयविदारक दृश्य ने पूरे परिसर में मातम का माहौल बना दिया। विमल कुमार की पत्नी, बेटे और बेटी का रो-रोकर बुरा हाल था, जिसे देखकर आसपास के लोगों की आंखें भी नम हो गईं।







मृतक की पत्नी बबीता विमल ने मीडिया से बातचीत के दौरान डेहरी के विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि विधायक उनके पति पर 50 लाख रुपये देने का लगातार दबाव बना रहे थे। बबीता विमल ने बताया कि कई बार फोन कर पैसे की मांग की गई और 29 जुलाई को भी उनके पति को विधायक के आवास पर बुलाया गया था।
बबीता विमल ने कहा, ‘मेरे पति हमेशा ईमानदारी से काम करते थे और कहते थे कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है, इसलिए इतनी बड़ी रकम कहां से लाएं।’ उन्होंने आरोप लगाया कि ‘पैसे नहीं देने के कारण ही उनके पति की हत्या करा दी गई।’
पत्नी ने मुख्यमंत्री से इस मामले की निष्पक्ष जांच, सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। बातचीत के दौरान वे कई बार भावुक हो गईं, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों को झकझोर दिया।
विमल कुमार के बेटे विमन विमल और बेटी वैभव विमल अपने पिता के शव से लिपटकर लगातार रोते रहे। बच्चों की यह हालत देखकर हर आंख नम हो गई, और महिलाओं की सिसकियां व बच्चों का विलाप पूरे माहौल को और भी शोकाकुल बना रहा था।

इस नृशंस बिहार ईओ मर्डर के विरोध में स्थानीय लोगों ने गोला रोड टी-प्वाइंट के पास सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हत्यारों की तुरंत गिरफ्तारी और मृतक परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिसे बाद में पुलिस ने समझा-बुझाकर सामान्य कराया।
विमल कुमार मूल रूप से गया जिले के शेरघाटी के निवासी थे और वर्तमान में दानापुर स्थित गंगा कुटीर अपार्टमेंट में अपने परिवार के साथ रहते थे। सरकारी सेवा में उनकी पहचान एक ईमानदार और कर्मठ अधिकारी के रूप में थी।
क्या सिर्फ विमल कुमार ही नहीं, पहले भी हुई अधिकारियों की हत्याएं?
इस घटना के बाद बिहार सर्विस अर्बन एसोसिएशन में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। एसोसिएशन के सदस्य पुष्कर ने बताया कि यह पहली घटना नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि करीब तीन महीने पहले सुल्तानगंज नगर परिषद के ईओ भरत भूषण की भी दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। उस समय भी सभी कार्यपालक पदाधिकारियों की सुरक्षा की मांग की गई थी, लेकिन सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया था।
एसोसिएशन ने सरकार से मृतक के आश्रितों को पांच करोड़ रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा दोनों बच्चों की शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी लेने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि यदि अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो भविष्य में भी ऐसी घटनाएं दोहराई जा सकती हैं, जिससे सरकारी कामकाज प्रभावित होगा।
न्याय न मिला तो अनिश्चितकालीन हड़ताल पर अधिकारी
नगर परिषद के कई अधिकारी, जिनमें ईओ सुशील कुमार और पंकज कुमार भी शामिल हैं, ने विमल कुमार की हत्या के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी है। उनका स्पष्ट कहना है कि जब तक सरकार सुरक्षा और न्याय को लेकर ठोस आश्वासन नहीं देती, तब तक वे सभी सरकारी कार्यों का बहिष्कार करेंगे।
पत्नी द्वारा विधायक पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है। पुलिस सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। हत्या के पीछे की वास्तविक वजह और किसी भी संभावित साजिश का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। इस बीच, दानापुर स्थित विमल कुमार के आवास पर शोक व्यक्त करने वालों का लगातार तांता लगा हुआ है। लोगों का कहना है कि एक ईमानदार अधिकारी की हत्या ने न केवल उनके परिवार को गहरा आघात पहुंचाया है, बल्कि सरकारी अधिकारियों की सुरक्षा और बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पढ़िए विस्तार से
“विधायक ने मेरे पति को सताया, 50 लाख मांगे!” रोहतास में EO की हत्या पर पत्नी के सनसनीखेज खुलासे से हड़कंप
Rohtas News: रोहतास जिले में डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। इस हत्याकांड के बाद उनकी पत्नी बबीता देवी ने एक स्थानीय विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने विधायक पर अपने पति को लगातार परेशान करने और उनसे पैसे मांगने का आरोप लगाया है। बबीता देवी ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
विधायक पर गंभीर आरोप: 50 लाख की मांग
पोस्टमार्टम के बाद विमल कुमार का शव दानापुर स्थित उनके आवास पर लाया गया, जहां बबीता देवी ने पत्रकारों से बात की। उन्होंने बताया कि विधायक मेरे पति को बार-बार बुलाते थे और उन पर दबाव डालते थे। बबीता देवी ने आरोप लगाया कि विधायक ने उनके पति से कभी 50 लाख तो कभी 25 लाख रुपये की मांग की थी। उनके अनुसार, विमल कुमार उनसे कहते थे कि वह इतनी बड़ी रकम का इंतजाम नहीं कर सकते। हालांकि, उन्होंने विधायक के साथ हुई बातचीत का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया था। बबीता देवी ने बताया कि विधायक के लगातार दबाव के कारण उनके पति बहुत परेशान रहते थे। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अपने पति को किसी छोटे शहर में तबादला कराने की सलाह दी थी, ताकि उन्हें इस तरह के दबाव का सामना न करना पड़े।
हत्या से पहले विधायक से मुलाकात का दावा
बबीता देवी ने बताया कि 29 जुलाई को उनके पति विमल कुमार विधायक से मिले थे। घर लौटने के बाद उन्होंने इस मुलाकात के बारे में कोई बात नहीं की थी। हालांकि, अब बबीता देवी को संदेह है कि यह मुलाकात ही बाद की घटनाओं से जुड़ी हो सकती है। मृतक के एक रिश्तेदार ने विमल कुमार के ड्राइवर की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं, उनका आरोप है कि ड्राइवर का व्यवहार संदिग्ध लग रहा है। हालांकि, जांचकर्ताओं ने इस आरोप की पुष्टि नहीं की है।
ड्राइवर के बयान पर उठे सवाल
बबीता देवी के अनुसार, ड्राइवर ने उन्हें फोन पर बताया था कि अज्ञात हमलावरों ने एक अपाचे मोटरसाइकिल पर सवार होकर विमल कुमार को गोली मार दी। उन्होंने सवाल उठाया कि हमले के दौरान गाड़ी क्यों रुक गई थी और ड्राइवर ने घटना के प्रति अपनी प्रतिक्रिया के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
बबीता देवी ने अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच करने की अपील की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि संदिग्धों, जिसमें ड्राइवर भी शामिल है, की फोरेंसिक जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने सरकारी अधिकारियों की सुरक्षा पर भी चिंता व्यक्त की, कहा कि कर्तव्य निभाते हुए अधिकारी अब पहले से कहीं अधिक असुरक्षित हो गए हैं। पुलिस इस हत्या की जांच में जुटी है। पीड़ित की पत्नी द्वारा लगाए गए आरोपों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, और विधायक की ओर से इस मामले पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।









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