Patna Crime News: राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने पटना के पाटलिपुत्र रेलवे जंक्शन पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग करोड़ रुपये मूल्य की मेथैक्यूलोन नामक नशीली दवा जब्त की है। यह कार्रवाई पूर्वोत्तर एक्सप्रेस (12505) में यात्रा कर रही एक नाइजीरियाई महिला से की गई। विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर,इस महिला यात्री को पकड़ा गया और नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम, 1985 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। डीआरआई के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी महिला गुवाहाटी से नई दिल्ली जा रही थी, तभी ट्रेन के एच1 कोच में उसे रोका गया। इस मामले में आगे की जांच जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह बरामदगी किसी बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़ी है या नहीं।
डीआरआई ने ऐसे की कार्रवाई
डीआरआई अधिकारियों को विशेष सूचना मिली थी कि एक विदेशी नागरिक अपने सामान में नशीले पदार्थ छिपाकर ले जा रहा है। इसी सूचना पर कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने यात्री के काले ट्रॉली बैग की गहन तलाशी ली। तलाशी के दौरान, बैग के अंदर छिपाए गए दो पॉलीथीन पैकेट मिले, जिनमें लगभग 2.949 किलोग्राम सफेद पाउडर था। एजेंसी ने बताया कि फील्ड-टेस्टिंग किट का उपयोग करके जांच करने पर यह पदार्थ मेथैक्यूलोन पाया गया।






गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई
डीआरआई के अनुसार, एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत कुल 2,949 ग्राम मेथैक्यूलोन जब्त किया गया। आरोपी महिला को गिरफ्तार कर पटना की विशेष एनडीपीएस अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अधिकारियों ने कहा कि कथित मादक पदार्थ सिंडिकेट से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान करने के लिए जांच जारी है।
बिहार में डीआरआई की नशीले पदार्थों के खिलाफ मुहिम
डीआरआई ने बताया कि वर्ष 2026 के जनवरी से बिहार में नशीले पदार्थों की तस्करी पर अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इस अवधि में एजेंसी ने महत्वपूर्ण बरामदगियां की हैं:
- 241 किलोग्राम गांजा
- 31.1 किलोग्राम चरस
- 8.144 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड
- 6.2 किलोग्राम अन्य नशीले पदार्थ
- 2.949 किलोग्राम मेथैक्यूलोन
डीआरआई के अनुसार, इन जब्त किए गए नशीले पदार्थों का कुल मूल्य लगभग 36 करोड़ रुपये है। एजेंसी ने बताया कि एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत दर्ज छह अलग-अलग मामलों में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
डीआरआई अधिकारी ने बताया, “हमारी जांच जारी है ताकि इस ड्रग तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान की जा सके और जब्त किए गए नशीले पदार्थों के स्रोत और गंतव्य का पता लगाया जा सके। हमारा ध्यान रेल और अन्य परिवहन नेटवर्क के माध्यम से नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध वितरण को रोकने पर केंद्रित है।”
अधिकारी ने यह भी कहा कि इस मामले में आगे की कड़ियां जोड़ने और अंतरराष्ट्रीय संबंधों का पता लगाने के लिए गहनता से काम किया जा रहा है। डीआरआई की यह कार्रवाई बिहार में नशीले पदार्थों के खिलाफ चल रही मुहिम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य राज्य को नशा मुक्त बनाना है।
29 लाख की ड्रग्स, नाइजीरियाई महिला और पाटलिपुत्र जंक्शन: DRI ने कैसे बिछाया जाल?
Patna Drug News: राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने पाटलिपुत्र जंक्शन पर नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान के तहत पूर्वोत्तर एक्सप्रेस से सफर कर रही एक नाइजीरियाई महिला को मेथाक्वालोन ड्रग्स की भारी मात्रा के साथ गिरफ्तार किया गया है। बरामद ड्रग्स की अनुमानित कीमत लगभग 29.49 लाख रुपये बताई जा रही है, जो एक महत्वपूर्ण सफलता है।
डीआरआई अधिकारियों को इस ड्रग्स खेप के बारे में पहले से ही खुफिया जानकारी मिल चुकी थी। इसी सूचना के आधार पर टीम ने ट्रेन नंबर 12505 पूर्वेत्तर एक्सप्रेस के पाटलिपुत्र जंक्शन पहुंचने का इंतजार किया। ट्रेन के आते ही, अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महिला को धर दबोचा।
गुप्त सूचना पर DRI ने ऐसे दबोचा नाइजीरियाई तस्कर
डीआरआई टीम को मिली गुप्त सूचना बिल्कुल सटीक थी। ट्रेन नंबर 12505 पूर्वेत्तर एक्सप्रेस के पाटलिपुत्र जंक्शन पहुंचते ही, अधिकारी तुरंत फर्स्ट एसी कोच एच-1 में पहुंचे। वहां उन्होंने सीट नंबर 9 पर बैठी नाइजीरियाई महिला कीमती ओघेनेमारो ओमोफे को पहचान लिया। तलाशी लेने पर उसके बैग से 2,949 ग्राम यानी लगभग 2.949 किलोग्राम मेथाक्वालोन बरामद हुआ। यह प्रतिबंधित नशीला पदार्थ दिल्ली ले जाया जा रहा था, जिसका खुलासा प्रारंभिक पूछताछ में हुआ है।
डीआरआई अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क की कड़ियों का पता लगाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
अंतर्राष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क पर शिकंजा कसने की उम्मीद
गिरफ्तारी के बाद, डीआरआई ने महिला को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ शुरू कर दी है। मेथाक्वालोन एक अत्यधिक प्रतिबंधित नशीला पदार्थ है, जिसका उपयोग शामक के रूप में होता है और अवैध बाजार में इसकी भारी मांग है। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क के स्रोत, डिलीवरी पॉइंट और महिला के सहयोगियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
यह घटना भारतीय रेलवे नेटवर्क का इस्तेमाल कर नशीले पदार्थों की तस्करी की बढ़ती चुनौती को उजागर करती है। डीआरआई जैसी एजेंसियां लगातार ऐसे अभियानों को अंजाम दे रही हैं ताकि समाज और युवाओं को नशे के चंगुल से बचाया जा सके। इस मामले में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है और गिरफ्तार महिला को जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पूरी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए जांच जारी है।








