JPSC Scam: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर आपराधिक अनुसंधान विभाग (CID) ने राज्यभर में बड़े पैमाने पर छापेमारी की है। सोमवार को रांची, धनबाद, हजारीबाग और पलामू सहित झारखंड के कई जिलों में एक साथ कार्रवाई की गई। इस जांच का दायरा अब पड़ोसी बिहार तक फैल गया है, जहां भी कई ठिकानों पर सीआईडी की टीमें पहुंचीं।
जांच एजेंसी ने विशेष रूप से कोचिंग संस्थानों, शिक्षकों और इस बड़े घोटाले से जुड़े संदिग्ध आरोपियों के ठिकानों को निशाना बनाया। सूत्रों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर और कथित मास्टरमाइंड अभय कुमार तिवारी से हुई पूछताछ के बाद मिली महत्वपूर्ण जानकारियों के आधार पर की जा रही है। हालांकि, इन सूचनाओं की आधिकारिक पुष्टि जांच एजेंसियों द्वारा अभी तक नहीं की गई है।






जेपीएससी घोटाले में रांची से पलामू तक रेड
सीआईडी की टीम ने रांची के नामकुम क्षेत्र में आदित्य पांडे के घर पर छापा मारा। इसके साथ ही, एक कोचिंग संचालक बताए जा रहे रवि के पलामू स्थित आवास और रांची के धुर्वा क्षेत्र में भी गहन कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि इन छापों के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जांच एजेंसी के हाथ लगे हैं, जिनकी अब बारीकी से जांच की जा रही है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कुछ संदिग्ध ठिकाने ऐसी जगहों पर बनाए गए थे जहां लोगों की आवाजाही कम रहती थी, जिससे उनकी गतिविधियों पर किसी का ध्यान न जाए। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।
कोचिंग संस्थानों की भूमिका और 11 गिरफ्तारियां
सीआईडी अब इस बात की तह तक जाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस भर्ती परीक्षा घोटाले के नेटवर्क में कुछ कोचिंग संस्थानों या उनसे जुड़े लोगों की भी भूमिका थी। जांच एजेंसी विभिन्न कोचिंग संचालकों, शिक्षकों, अभ्यर्थियों और परीक्षा एजेंसी से जुड़े कर्मियों से पूछताछ की तैयारी में है। जांच का मकसद यह पता लगाना है कि क्या कथित नेटवर्क के माध्यम से अभ्यर्थियों को किसी तरह का अनुचित लाभ पहुंचाया गया था। इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
जांच एजेंसी अब तक इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। सोमवार को पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष एल. ख्यांगते से भी पूछताछ की तैयारी की गई है। सीआईडी को उम्मीद है कि पूछताछ और छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों से भर्ती घोटाले की कई नई परतें खुल सकती हैं।
सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी शुरू होने के बाद कुछ संदिग्ध अपने मोबाइल फोन बंद कर फरार हो गए हैं। सीआईडी उनकी तलाश में लगातार अभियान चला रही है, और कई स्थानों पर तलाशी अभियान अभी भी जारी है। जांच का लक्ष्य इस बड़े भर्ती घोटाले के सभी पहलुओं को उजागर करना है ताकि दोषियों को कानून के कटघरे में लाया जा सके।








