Bihar Train Fire: बिहार के समस्तीपुर रेल मंडल अंतर्गत सहरसा जिले में बड़ा रेल हादसा टल गया। आज तड़के सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर खड़ी समस्तीपुर-सहरसा पैसेंजर ट्रेन (63344) की तीन बोगियों में भीषण आग लग गई। गनीमत रही कि इस घटना में किसी भी यात्री को कोई नुकसान नहीं हुआ। आग लगने के कारण सहरसा-मानसी रेलखंड पर लगभग तीन घंटे तक ट्रेनों का परिचालन बाधित रहा, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
आग लगने का पूरा घटनाक्रम और राहत कार्य
तड़के लगभग 3:25 बजे जब समस्तीपुर-सहरसा पैसेंजर ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर खड़ी थी, तभी अचानक उसकी तीन बोगियों में आग लग गई। सिमरी बख्तियारपुर के स्टेशन मास्टर संजय कुमार सज्जन ने बताया कि उन्हें 3 बजकर 22 मिनट पर इस घटना की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही तत्काल फायर ब्रिगेड की टीम को बुलाया गया। स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीमों ने मिलकर करीब ढाई घंटे तक कड़ी मशक्कत की, जिसके बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाया जा सका। सुबह 6 बजे के बाद सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन पर रेल यातायात सामान्य हो सका।






स्टेशन मास्टर संजय कुमार सज्जन ने बताया, “3 बजकर 22 मिनट पर उन्हें जानकारी मिली कि प्लेटफार्म नंबर दो पर खड़ी मेमू पैसेंजर ट्रेन में आग लग गई है। फौरन फायर ब्रिगेड की टीम को सूचना दी गई।”
इन ट्रेनों का परिचालन हुआ प्रभावित
ट्रेन में आग लगने और राहत कार्य चलने के कारण सहरसा-मानसी रेलखंड पर ट्रेनों का आवागमन ठप हो गया। इस दौरान कई महत्वपूर्ण ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चलीं या उन्हें रोकना पड़ा, जिससे यात्रियों को असुविधा हुई।
- मनिहारी जयनगर जानकी एक्सप्रेस
- सहरसा समस्तीपुर पैसेंजर ट्रेन
- सावन स्पेशल ट्रेन (सरायगढ़ – देवघर)
- पूर्णिया-हटिया कोसी एक्सप्रेस ट्रेन
इन ट्रेनों के यात्रियों को लगभग तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा, जिससे उनके यात्रा कार्यक्रम में बाधा आई।
आग लगने के कारणों की होगी जांच
रेलवे प्रशासन ने इस आगजनी की घटना को गंभीरता से लिया है। फिलहाल आग लगने के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है। स्टेशन मास्टर संजय कुमार सज्जन ने जानकारी दी कि आग लगने की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच की जाएगी। इसके साथ ही, आग से क्षतिग्रस्त हुई तीनों बोगियों को हुए नुकसान का भी विस्तृत आकलन किया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।








