Bihar Sports: खिलाड़ियों के समग्र विकास और उन्हें विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बिहार सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। राज्य के खेल संघों के साथ समन्वय को मजबूत करने की दिशा में बुधवार को उद्योग विभाग स्थित विकास भवन में एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने की, जिसमें बिहार के विभिन्न खेल संघों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रदेश में कुश्ती और मुक्केबाजी के प्रशिक्षण के लिए आधुनिक केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
▶️खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने विभिन्न खेल संघों के साथ आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में यह घोषणा की।
▶️उन्होंने बताया कि खेलो इंडिया के तहत राज्य में वूशु के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित किया जाएगा।






बैठक का मुख्य एजेंडा खेल अवसंरचना का विस्तार, खिलाड़ियों के लिए उच्चस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी और आगामी खेल कैलेंडर पर विस्तृत चर्चा करना था।

मंत्री श्रेयसी सिंह ने सभी खेल संघों के प्रतिनिधियों की समस्याओं, मांगों और सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने अधिकारियों को इन पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
विश्वस्तरीय वेटलिफ्टिंग सुविधाओं पर जोर
बैठक की शुरुआत बिहार भारोत्तोलन संघ के प्रतिनिधियों के साथ हुई। संघ ने आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने खिलाड़ियों के लिए फर्स्ट एड एवं रिकवरी सेंटर के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप एक समर्पित वेटलिफ्टिंग हॉल के निर्माण की मांग रखी। प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि राज्य के खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़नी चाहिए, बल्कि यह सुविधाएं घरेलू स्तर पर ही विकसित की जानी चाहिए।
खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने बिहार भारोत्तोलन संघ की मांगों पर संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने का स्पष्ट निर्देश दिया। उन्होंने घोषणा की कि वर्ष 2028 के कॉमनवेल्थ गेम्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं को ध्यान में रखते हुए बिहार में विश्वस्तरीय वेटलिफ्टिंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे राज्य के खिलाड़ियों को अपने गृह राज्य में ही उच्चस्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा और वे बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार हो सकेंगे।
खेल संघों के साथ निरंतर समन्वय
मंत्री श्रेयसी सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार खेलों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं, आधुनिक अवसंरचना और पर्याप्त प्रशिक्षण के अवसर प्रदान करने के लिए खेल संघों के साथ निरंतर संवाद और समन्वय बनाए रखा जाएगा। बैठक में उपस्थित अन्य खेल संघों के प्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने खेलों से संबंधित मांगें और महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।
यह बैठक बिहार में खेल संस्कृति को सशक्त बनाने और यहां के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के प्रति राज्य सरकार की गंभीरता को प्रदर्शित करती है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बैठक में लिए गए सभी निर्णयों पर शीघ्रता से अमल किया जाए, ताकि खिलाड़ी बिना किसी बाधा के अपनी तैयारी जारी रख सकें और बिहार का नाम रोशन कर सकें।









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