Muzaffarpur Samir Murder Case: बिहार के मुजफ्फरपुर में चर्चित पूर्व मेयर समीर कुमार हत्याकांड में एक बड़ा फैसला सामने आया है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्वेता कुमारी सिंह के कोर्ट ने गुरुवार को इस मामले के पहले सेशन-ट्रायल के सभी छह आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष को पूरी तरह से असफल बताते हुए यह निर्णय सुनाया, जिससे न्याय प्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि अभियोजन पक्ष कोर्ट में पर्याप्त साक्ष्य पेश करने में नाकाम रहा, जिसके कारण सभी आरोपी दोषमुक्त हो गए। इस फैसले से पीड़ित परिवार को बड़ा झटका लगा है, वहीं हत्याकांड की गुत्थी और उलझ गई है।






मुजफ्फरपुर AK-47 हत्याकांड: पूर्व मेयर समीर मर्डर केस में सभी आरोपी बरी, कोर्ट ने कहा- अभियोजन फेल!
Muzaffarpur Samir Murder Case: मुजफ्फरपुर में हुए पूर्व मेयर समीर कुमार और उनके कार चालक रोहित कुमार हत्याकांड में गुरुवार को बड़ा फैसला आया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्वेता कुमारी सिंह के कोर्ट ने पहले सेशन-ट्रायल के सभी छह आरोपितों को बरी कर दिया। इस चर्चित दोहरे हत्याकांड में अभियोजन पक्ष कोर्ट में साक्ष्य पेश करने में पूरी तरह विफल रहा, जिसके बाद सभी आरोपी दोषमुक्त करार दिए गए।
23 सितंबर 2018 को नगर थाना क्षेत्र के नवाब रोड चंदवारा में समीर कुमार और रोहित कुमार को AK-47 राइफल से गोलियों से भून दिया गया था। इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे बिहार को हिला दिया था। अब इस मामले में कुमार रणंजय ओंकार, मृत्युंजय कुमार उर्फ पिंटू सिंह, श्यामनंदन मिश्र, सुशील छापड़िया, सुजीत कुमार और नवीन कुमार को कोर्ट ने बरी कर दिया है।
अधूरा न्याय: केस से जुड़े कई किरदार हुए खत्म
कोर्ट ने इस मामले में अभियोजन को पूरी तरह फेल बताते हुए सभी को बरी किया है।
समीर हत्याकांड की जांच के दौरान कई चौंकाने वाले मोड़ आए और इस केस से जुड़े कई अहम किरदारों की भी बाद में हत्या कर दी गई। प्रॉपर्टी डीलर आशुतोष शाही, जो समीर कुमार के शागिर्द थे और इस कांड में अभियुक्त बनाए गए थे, उनकी भी बाद में चार बॉडीगार्ड्स के साथ विदेशी हथियारों से छलनी कर हत्या कर दी गई थी।
AK-47 चलाने का आरोपी भी मारा गया
इस हत्याकांड में AK-47 से फायर करने के आरोपी गोविंद कुमार की भी हत्या हो चुकी है। बदमाशों ने उसके घर में घुसकर उसे गोलियों से भून दिया था। यह दर्शाता है कि इस हाई-प्रोफाइल मामले के तार कितने गहरे और खूनी रहे हैं।
दूसरे सेशन-ट्रायल में गवाहों की पेशी जारी
एक तरफ जहां पहले सेशन-ट्रायल के सभी आरोपी बरी हो गए हैं, वहीं दूसरी ओर इसी हत्याकांड के दूसरे सेशन-ट्रायल का सामना तीन अन्य आरोपी कर रहे हैं। इस ट्रायल में अभियोजन पक्ष की ओर से गवाह पेश किए जा रहे हैं। मुजफ्फरपुर समीर हत्याकांड में पहले ट्रायल के फैसले ने न्याय प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जबकि दूसरे ट्रायल का नतीजा अभी आना बाकी है।
AK-47 से हुआ था पूर्व मेयर का कत्ल
यह घटना 23 सितंबर 2018 को मुजफ्फरपुर के नगर थाना अंतर्गत नवाब रोड, चंदवारा में हुई थी। पूर्व मेयर समीर कुमार और उनके कार चालक रोहित कुमार को एके-47 जैसे अत्याधुनिक हथियार से भून दिया गया था। इस जघन्य हत्याकांड ने पूरे शहर को दहला दिया था।
“कोर्ट ने इस मामले में अभियोजन को पूरी तरह फेल बताते हुए सभी को बरी किया है। अभियोजन पक्ष कोर्ट में साक्ष्य पेश करने में असफल रहा।”
मामले से जुड़े कई और किरदारों की भी हुई हत्या
समीर हत्याकांड की जांच के दौरान कई चौंकाने वाले मोड़ आए। इस कांड में अभियुक्त बनाए गए प्रॉपर्टी डीलर आशुतोष शाही, जो समीर कुमार के शागिर्द भी थे, उनकी भी हत्या कर दी गई थी। आशुतोष को उसके चार बॉडी गार्ड के साथ विदेशी हथियारों से छलनी कर दिया गया था। इसके अलावा, समीर पर एके-47 से फायर करने के आरोपी गोविंद कुमार की भी बाद में हत्या हो चुकी है। बदमाशों ने गोविंद के घर में घुसकर उसे मौत के घाट उतार दिया था।
दूसरे सेशन ट्रायल में जारी है सुनवाई
समीर हत्याकांड में अभी भी तीन अन्य आरोपी दूसरे सेशन ट्रायल का सामना कर रहे हैं। इस ट्रायल में अभियोजन पक्ष की ओर से गवाह पेश किए जा रहे हैं। पहले सेशन ट्रायल के आरोपियों के बरी होने के बाद, अब दूसरे सेशन ट्रायल पर सभी की निगाहें टिकी हैं कि क्या इसमें अभियोजन पक्ष अपनी भूमिका ठीक से निभा पाएगा या नहीं। यह देखना बाकी है कि क्या इस बहुचर्चित मामले में न्याय मिल पाएगा।








