Muzaffarpur Flood News: मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट प्रखंड की कांटा पिरौंछा दक्षिणी पंचायत में बुधवार को बाढ़ पीड़ितों का गुस्सा फूट पड़ा। राहत सामग्री और सहायता की कमी से नाराज ग्रामीणों ने जदयू विधायक कोमल सिंह की गाड़ी घेर ली। बाढ़ प्रभावित लोग छह दिनों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी प्रशासन या जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई मदद न मिलने से आक्रोशित थे। उन्होंने विधायक से राहत सामग्री, सामुदायिक किचन और जीआर (ग्रेच्युटस रिलीफ) राशि तुरंत उपलब्ध कराने की मांग की।
विधायक कोमल सिंह बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने पहुंची थीं, लेकिन उन्हें स्थानीय लोगों के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीण महिलाओं ने विधायक को घेरकर अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने कहा,


‘वोट मांगे आवल छय त कहे छय कि बेटी छियै, जीते के बाद मिले तक ना आइल। देखे तक ना आइल की हम कैसे रहल छियै।’
बाढ़ पीड़ितों का आरोप था कि सड़कें टूट चुकी हैं और अधिकांश लोगों को पॉलीथीन तक नहीं मिली है। उन्होंने विधायक से पूछा कि चुनाव के समय वह खुद को गायघाट की बेटी बताती थीं, लेकिन बाढ़ की इस विपदा में छह दिनों तक कहीं नजर नहीं आईं। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि अगर विधायक खुद नहीं आ सकीं, तो उनके प्रशासन या सहयोगियों को तो पहुंचना चाहिए था।
आप वोट के वक्त बेटी थीं, अब कहां गईं? मुजफ्फरपुर में MLA की गाड़ी रोककर बाढ़ पीड़ितों का गुस्सा
Muzaffarpur Flood News: बाढ़ से बेहाल मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट प्रखंड में स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। कांटा पिरौंछा दक्षिणी पंचायत में बुधवार को जदयू विधायक कोमल सिंह को ग्रामीणों के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा। आक्रोशित बाढ़ पीड़ितों ने विधायक की गाड़ी को घेर लिया और राहत सामग्री, सामुदायिक किचन तथा जीआर (ग्रेच्युटस रिलीफ) राशि की तत्काल मांग करते हुए जोरदार हंगामा किया। यह घटना तब हुई जब विधायक बाढ़ प्रभावित लोगों से मिलने पहुंची थीं।
ग्रामीण महिलाओं ने विधायक से सीधे सवाल किया, ‘वोट मांगे आवल छय त कहे छय कि बेटी छियै, जीते के बाद मिले तक ना आइल। देखे तक ना आइल की हम कैसे रहल छियै।’ उनका आरोप था कि बाढ़ आए छह दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन न तो विधायक और न ही प्रशासन का कोई प्रतिनिधि उनकी सुध लेने पहुंचा है। लोगों ने बताया कि सड़कें पूरी तरह टूट चुकी हैं, अधिकांश बाढ़ पीड़ितों को अब तक पॉलीथीन तक नहीं मिली है और राहत सामग्री का वितरण भी नहीं हुआ।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, कहा – ‘वोट के वक्त बेटी, अब कहां गईं?’
बाढ़ पीड़ितों ने विधायक कोमल सिंह से कहा कि चुनाव के समय वे खुद को गायघाट की बेटी बताती थीं, लेकिन इस भीषण विपदा में छह दिन तक कहीं नजर नहीं आईं। ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि विधायक खुद नहीं आ सकीं, तो उनके प्रशासन और सहयोगियों को तो पीड़ितों तक पहुंचना चाहिए था। लोगों ने विधायक से गांव का दौरा कर बाढ़ से हुई तबाही का जायजा लेने की मांग की।
विधायक के वापस लौटने के दौरान ग्रामीणों का गुस्सा और भड़क गया। बड़ी संख्या में लोगों ने उनकी गाड़ी को फिर से घेर लिया और राहत कार्य तुरंत शुरू करने की मांग पर अड़ गए। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर विधायक को सुरक्षित वहां से बाहर निकाला।
प्रशासन को करना पड़ा हस्तक्षेप, ये है बाढ़ पीड़ितों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने एक स्वर में तीन प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने सामुदायिक किचन तत्काल शुरू करने, सभी बाढ़ प्रभावित परिवारों को पर्याप्त राहत सामग्री उपलब्ध कराने और जीआर (ग्रेच्युटस रिलीफ) की राशि जल्द से जल्द जारी करने की अपील की। इस दौरान विधायक कोमल सिंह के साथ अंचल अधिकारी (सीओ), प्रखंड प्रमुख श्रवण कुमार सिंह, पंचायत समिति सदस्य रीना देवी और स्थानीय जनप्रतिनिधि संजागर सहनी भी मौजूद थे। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द इन समस्याओं का समाधान करे, ताकि बाढ़ पीड़ितों को थोड़ी राहत मिल सके।
बाढ़ पीड़ितों ने घेरी विधायक की गाड़ी, प्रशासन ने संभाली स्थिति
विधायक से ग्रामीणों ने गांव का दौरा कर बाढ़ से हुई तबाही का जायजा लेने की मांग की। जब कोमल सिंह वहां से लौटने लगीं, तो लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और राहत कार्य तत्काल शुरू करने की मांग पर अड़ गए। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर विधायक को सुरक्षित वहां से निकाला। इस घटना ने मुजफ्फरपुर में बाढ़ पीड़ितों की बदहाली और जनप्रतिनिधियों के प्रति उनके आक्रोश को उजागर किया है।
तत्काल राहत की मांग, सामुदायिक किचन शुरू करने की अपील
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने एकजुट होकर कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। उनकी प्रमुख मांगों में सामुदायिक किचन तत्काल शुरू करना, सभी बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराना और जीआर राशि जल्द जारी करना शामिल था। इस दौरान विधायक के साथ अंचल अधिकारी (सीओ), प्रखंड प्रमुख श्रवण कुमार सिंह, पंचायत समिति सदस्य रीना देवी और स्थानीय जनप्रतिनिधि संजागर सहनी भी मौजूद थे। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।







