Bihar Ring Road: बिहार की राजधानी पटना में भीषण जाम की समस्या से अब जल्द ही राहत मिलेगी। उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। पटना रिंग रोड के कन्हौली-शेरपुर हिस्से पर 6 लेन की ग्रीनफील्ड सड़क का निर्माण कार्य अक्टूबर महीने से शुरू करने की तैयारी है। इस परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण का काम तेजी से चल रहा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अनुसार, करीब 9 किलोमीटर लंबी इस महत्वपूर्ण सड़क के लिए 4 किलोमीटर हिस्से में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। लक्ष्य रखा गया है कि अक्टूबर महीने तक लगभग 80 प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण पूरा कर निर्माण एजेंसी को सौंप दिया जाए, ताकि काम समय पर शुरू हो सके।

778 करोड़ की लागत से बनेगी यह अहम सड़क
कन्हौली-शेरपुर 6 लेन सड़क परियोजना पर कुल 778 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना के लिए आवश्यक राशि आवंटित की जा चुकी है, जिसमें केंद्र सरकार और राज्य सरकार की 50-50 फीसदी की हिस्सेदारी है। इस सड़क के निर्माण के लिए कुल 177 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। इसमें बिहटा अंचल की करीब 71 एकड़ और मनेर अंचल की लगभग 105 एकड़ जमीन शामिल है। जमीन अधिग्रहण के दायरे में पैनाल, कन्हौली, मुस्तफापुर, रसूलपुर विजयगोपाल और बलुआ जैसे कई गांव आ रहे हैं। रैयतों के कागजातों की जांच और मुआवजा वितरण का काम भी युद्धस्तर पर जारी है।
कन्हौली में बनेगा बड़ा जंक्शन, कई सड़कों से जुड़ेगा
कन्हौली के पास इस सड़क का एक महत्वपूर्ण जंक्शन विकसित किया जाएगा। यह जंक्शन आसपास की कई प्रमुख सड़कों से जुड़ेगा, जिससे कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। यह कन्हौली-रामनगर, दानापुर-बिहटा और शेरपुर-कन्हौली रोड से सीधा जुड़ेगा। इसके अतिरिक्त, कन्हौली गोलंबर से इसे जोड़ने के लिए 1.5 किलोमीटर लंबा रैंप भी बनाया जाएगा। इस नई कनेक्टिविटी से पटना के पश्चिमी हिस्से में यात्रा करने वाले लाखों लोगों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
शहर में नहीं घुसेंगे भारी वाहन, ट्रैफिक का दबाव होगा कम
इस ग्रीनफील्ड सड़क का सबसे बड़ा लाभ पटना के ट्रैफिक सिस्टम को मिलेगा। उत्तर बिहार के छपरा, सीवान और मुजफ्फरपुर से आने वाले भारी मालवाहक वाहन अब दक्षिण बिहार और झारखंड की ओर जाने के लिए पटना शहर के भीतर प्रवेश किए बिना ही सीधे शेरपुर-कन्हौली मार्ग से आगे निकल सकेंगे। इससे दानापुर, खगौल, सगुना मोड़ और बेली रोड पर भारी वाहनों का दबाव काफी कम होगा। शहर के अंदर जाम का एक बड़ा कारण बनने वाले मालवाहक वाहनों को बाहर से ही रास्ता मिल जाने से आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
कन्हौली-शेरपुर सड़क को बिहटा-दानापुर एलिवेटेड रोड से भी जोड़ा जाएगा, जिससे बिहटा एयरपोर्ट, IIT पटना और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा। बिहटा, मनेर और दानापुर के बीच यात्रा का समय भी काफी घट जाएगा। साथ ही, रास्ते में आने वाले दर्जनों गांवों को मुख्य हाईवे नेटवर्क से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
तीन जिलों को जोड़ेगी सड़क, 2028 तक पूरा होगा कनेक्टिविटी नेटवर्क
यह सड़क सिर्फ पटना तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पटना, सारण और वैशाली जैसे तीन महत्वपूर्ण जिलों को आपस में जोड़ेगी। इस परियोजना को गंगा पर बन रहे और प्रस्तावित कई बड़े प्रोजेक्ट्स से भी जोड़ने की योजना है। शेरपुर-दीघवारा के बीच निर्माणाधीन गंगा पुल से भी कन्हौली-शेरपुर सड़क का जुड़ाव होगा। वहीं, कन्हौली से आगे का हिस्सा बिहटा-सरमेरा रोड से जुड़ेगा। इस पूरे नेटवर्क का कनेक्शन कच्ची दरगाह-बिदुपुर गंगा पुल से भी होगा, जो पहले ही बनकर तैयार हो चुका है।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार ने बताया, “कन्हौली-शेरपुर 6 लेन सड़क का निर्माण अक्टूबर तक शुरू करने की तैयारी है। करीब 9 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए 4 किलोमीटर हिस्से में जमीन अधिग्रहण पूरा हो चुका है। बाकी जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है।”
दीघवारा से बिदुपुर के बीच सड़क निर्माण का काम भी तेजी से चल रहा है, जिसे 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच सड़क संपर्क और भी मजबूत होगा। इसका सीधा फायदा न केवल पटना के ट्रैफिक को मिलेगा, बल्कि बिहार के कई जिलों के बीच सफर आसान होगा और माल ढुलाई का समय भी काफी कम हो जाएगा।







