Madhubani Electricity: गर्मी के बढ़ते प्रकोप और लगातार बढ़ रही बिजली की मांग के बीच मधुबनी में विद्युत संकट की आशंका को खत्म करने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा ने शहरी क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अहम बैठक की है। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
डीएम आनंद शर्मा ने विद्युत कार्यपालक अभियंता के साथ समीक्षा बैठक में मौजूदा विद्युत लोड और आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए चल रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने नए पावर सब-स्टेशनों के निर्माण की प्रगति पर भी विशेष ध्यान दिया।
मधुबनी वालों के लिए खुशखबरी! बिजली संकट से मिलेगी राहत, DM ने उठाया ये बड़ा कदम
Madhubani Electricity: बिहार के मधुबनी जिले में बढ़ती बिजली की मांग को देखते हुए प्रशासन अलर्ट हो गया है। संभावित विद्युत संकट से निपटने और आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा ने विद्युत कार्यपालक अभियंता के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की है। इस बैठक में शहरी क्षेत्र की बिजली क्षमता बढ़ाने और चार नए पावर सब-स्टेशनों (PSS) के निर्माण पर जोर दिया गया है, जिससे आने वाले समय में हजारों उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिल सकेगी।
बैठक में बताया गया कि जिले में लगातार हो रहे विकास कार्यों के कारण बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष शहरी क्षेत्र में लगभग 4 मेगावाट अधिक बिजली का उपभोग हो रहा है। मधुबनी विद्युत आपूर्ति प्रमंडल में विद्युत इनपुट भी लगातार बढ़ा है। अप्रैल 2026 में 4.02 करोड़ यूनिट, मई में 4.48 करोड़ यूनिट, जून में 5.51 करोड़ यूनिट और जुलाई 2026 में यह आंकड़ा 6.13 करोड़ यूनिट तक पहुंच गया। शहरी क्षेत्र में विद्युत लोड भी जुलाई 2025 में 17 मेगावाट था, जो जुलाई 2026 में बढ़कर 21 मेगावाट और अगस्त 2026 में 21.6 मेगावाट हो गया है। वर्तमान में पावर सब-स्टेशन की कुल क्षमता 27 मेगावाट है, जिस पर लगभग 80 प्रतिशत लोड है।
मधुबनी में क्षमता विस्तार, मिलेगी बेहतर बिजली
बढ़ते लोड को ध्यान में रखते हुए विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। एक 10 MVA क्षमता का पावर ट्रांसफॉर्मर स्थापित किया जा चुका है, जिसे एक सप्ताह के भीतर चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, शहरी क्षेत्र के PSS को एक अतिरिक्त 33 KV लाइन से जोड़ा गया है। इससे मधुबनी जीएसएस और पंडौल जीएसएस से दो अलग-अलग रूट के माध्यम से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी, जिससे विश्वसनीयता बढ़ेगी।
विद्युत कार्यपालक अभियंता मो. अरमान ने बताया, ‘जिला पदाधिकारी महोदय के प्रयासों से मधुबनी शहरी क्षेत्र में चार नए विद्युत शक्ति उपकेंद्र (PSS) के निर्माण के लिए चार स्थानों पर निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराई गई है। इन उपकेंद्रों का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है।’
ये नए PSS बसुआड़ा, मेडिकल कॉलेज, लहेरियागंज और अहमद में प्रस्तावित हैं। इन उपकेंद्रों के चालू होने से बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। बसुआड़ा से लगभग 8 हजार, मेडिकल कॉलेज से 9 हजार, लहेरियागंज से 8 हजार और अहमद से 7 हजार उपभोक्ताओं को सीधे बिजली आपूर्ति का फायदा मिलने की संभावना है। संबंधित एजेंसियों ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है और निर्धारित समय में इसे पूरा करने का लक्ष्य है।
DM आनंद शर्मा ने दिए समय पर काम पूरा करने के निर्देश
जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा ने विद्युत कार्यपालक अभियंता को सभी निर्माणाधीन और प्रस्तावित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने तथा मधुबनी में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
आनंद शर्मा ने कहा, ‘बढ़ती विद्युत मांग के अनुरूप विद्युत आधारभूत संरचना का विस्तार आवश्यक है। नए PSS, अतिरिक्त 33 KV लाइन और 10 MVA ट्रांसफॉर्मर के माध्यम से शहरी क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की क्षमता और विश्वसनीयता बढ़ेगी।’
उन्होंने यह भी बताया कि नए PSS को शहरी क्षेत्र की चारों दिशाओं में विकसित किए जाने से अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा और स्थानीय स्तर पर बिजली संबंधी छोटी-छोटी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो सकेगा।
मधुबनी में क्यों बढ़ रही बिजली की मांग?
जिले में हो रहे तेज विकास कार्यों के कारण बिजली की मांग में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पिछले एक साल में शहरी क्षेत्र में लगभग 4 मेगावाट अतिरिक्त बिजली का उपभोग हो रहा है। मधुबनी विद्युत आपूर्ति प्रमंडल के आंकड़ों के अनुसार, बिजली इनपुट में भी लगातार वृद्धि हुई है।
- अप्रैल 2026 में 4.02 करोड़ यूनिट
- मई 2026 में 4.48 करोड़ यूनिट
- जून 2026 में 5.51 करोड़ यूनिट
- जुलाई 2026 में 6.13 करोड़ यूनिट
शहरी क्षेत्र में विद्युत लोड जुलाई 2025 में 17 मेगावाट था, जो जुलाई 2026 में बढ़कर 21 मेगावाट और अगस्त 2026 में 21.6 मेगावाट तक पहुंच गया है। वर्तमान में पावर सब-स्टेशन (PSS) की क्षमता 27 मेगावाट है, जिस पर लगभग 80 प्रतिशत लोड है।
शहरी उपभोक्ताओं के लिए क्षमता वृद्धि, क्या हैं इंतजाम?
बढ़ते लोड को देखते हुए विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। एक 10 MVA क्षमता का पावर ट्रांसफॉर्मर स्थापित किया जा चुका है, जिसे अगले एक सप्ताह के भीतर चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अतिरिक्त, शहरी क्षेत्र के PSS को एक और 33 KV लाइन से जोड़ा गया है। इससे मधुबनी जीएसएस और पंडौल जीएसएस से दो अलग-अलग रूट के माध्यम से बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी, जिससे विश्वसनीयता बढ़ेगी।
मधुबनी विद्युत आपूर्ति प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता मो. अरमान ने बताया, ‘जिला पदाधिकारी महोदय के प्रयास से मधुबनी शहरी क्षेत्र में चार नए विद्युत शक्ति उपकेंद्र (PSS) के निर्माण के लिए चार स्थानों पर निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराई गई है। इन उपकेंद्रों का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है।’
नए पावर सब-स्टेशन से हजारों घरों को मिलेगी राहत
शहरी क्षेत्र में चार नए विद्युत शक्ति उपकेंद्रों (PSS) के निर्माण से हजारों उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। इन उपकेंद्रों के लिए बसुआड़ा, मेडिकल कॉलेज, लहेरियागंज और अहमद में निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराई गई है और निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।
| नए PSS का स्थान | अनुमानित उपभोक्ता लाभ |
|---|---|
| बसुआड़ा | लगभग 8,000 |
| मेडिकल कॉलेज | लगभग 9,000 |
| लहेरियागंज | लगभग 8,000 |
| अहमद | लगभग 7,000 |
इन चारों नए PSS से कुल मिलाकर करीब 32 हजार उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर बेहतर और निर्बाध विद्युत आपूर्ति का लाभ मिलेगा। संबंधित एजेंसियों द्वारा निर्माण कार्य निर्धारित समय में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा ने विद्युत कार्यपालक अभियंता को सभी निर्माणाधीन और प्रस्तावित कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने तथा विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि बढ़ती विद्युत मांग के अनुरूप विद्युत आधारभूत संरचना का विस्तार बेहद आवश्यक है। नए PSS को शहरी क्षेत्र की चारों दिशाओं में विकसित किए जाने से स्थानीय स्तर पर बिजली संबंधी छोटी-छोटी समस्याओं का तुरंत समाधान हो सकेगा। बैठक में विद्युत विभाग के संबंधित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।








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