Bihar Politics: कांग्रेस के राष्ट्रीय सम्मेलन में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर सवाल उठाए थे। उनकी इस टिप्पणी के बाद बिहार की राजनीति में भूचाल आ गया है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राज्यसभा सांसद संजय झा ने राहुल गांधी की भाषा और व्यवहार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि उनके बोलने के तरीके को बिहार में ‘लफुआगिरी’ कहा जाता है।
राहुल गांधी मर्यादा भूले, झा ने ‘लफुआगिरी’ बताया
संजय झा ने राहुल गांधी के बयान के बाद उन्हें सार्वजनिक जीवन की मर्यादा भूलने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राहुल गांधी ने शालीनता की सभी सीमाएं पार कर दी हैं। झा के मुताबिक, किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के बारे में टिप्पणी करते समय भाषा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
संजय झा ने कहा, ‘राहुल गांधी जिस तरह की भाषा और इशारों का इस्तेमाल कर रहे हैं, उसे बिहार में लफुआगिरी कहा जाता है। मैं इस शब्द का इस्तेमाल नहीं करना चाहता, लेकिन राहुल गांधी का व्यवहार मुझे ऐसा कहने के लिए मजबूर करता है।’
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि राहुल गांधी जिन विदेशी नेताओं को लेकर टिप्पणी कर रहे हैं, वे दूसरे देशों के संवैधानिक पदों पर विराजमान हैं। ऐसे में उनकी आलोचना करते समय गरिमा बनाए रखनी चाहिए।
विदेश नीति पर टिप्पणी से भारत के रिश्तों को खतरा?
JDU सांसद संजय झा ने राहुल गांधी की विदेश नीति पर की गई टिप्पणी को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भारत के कई देशों के साथ अच्छे और दोस्ताना संबंध हैं। ऐसे में विदेशी नेताओं का मजाक उड़ाने या उनकी विदेश यात्राओं पर तंज कसने से गलत संदेश जा सकता है।
राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा था कि ‘विदेश नीति का मतलब केवल दूसरे देशों के नेताओं से गले मिलना नहीं हो सकता।’ उन्होंने प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं और विदेशी नेताओं के साथ मुलाकातों का जिक्र करते हुए भारत और अमेरिका के रिश्तों पर भी प्रश्नचिह्न लगाए थे। संजय झा के अनुसार, इस तरह की बयानबाजी से भारत की विदेश नीति और दूसरे देशों के साथ उसके रिश्तों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
लोकतांत्रिक मर्यादा का पाठ पढ़ाया
संजय झा ने लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार के लिए इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल करने को गलत बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने का पूरा अधिकार है, लेकिन यह सब भाषा और तरीके की मर्यादा में रहकर ही होना चाहिए। राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद अब विदेश नीति का मुद्दा राजनीतिक बहस का नया केंद्र बन गया है। BJP और JDU के नेताओं के पलटवार से इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं, खासकर बिहार की राजनीति में इसका असर साफ दिख रहा है।







