Bihar Sugarcane: बिहार के गन्ना किसानों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में गन्ना उत्पादन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। अब बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के सहयोग से गुणवत्तापूर्ण गन्ना बीज का उत्पादन बढ़ाया जाएगा, जिससे राज्य में 30 हजार हेक्टेयर नए क्षेत्रों में गन्ने की खेती का विस्तार होगा। यह पहल न सिर्फ किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारेगी बल्कि नई चीनी मिलों के लिए भी पर्याप्त गन्ना सुनिश्चित करेगी।
शुक्रवार, 14 अगस्त को पटना के विकास भवन स्थित ईखायुक्त कार्यालय में अनिल कुमार झा की अध्यक्षता में एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, भागलपुर के अधिकारी भी शामिल हुए। चर्चा का मुख्य केंद्र राज्य संचालित त्रिस्तरीय गन्ना बीज उत्पादन कार्यक्रम को मजबूत करना और गन्ना क्षेत्र के विस्तार से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनाना रहा।
गन्ना क्षेत्र विस्तार और गुणवत्तापूर्ण बीज की रणनीति
बैठक में ‘बिहार गन्ना निवेश प्रोत्साहन नीति-2026’ पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इस नीति का उद्देश्य राज्य में नई चीनी मिलों की स्थापना, बंद पड़ी चीनी मिलों के पुनरुद्धार और गन्ना आधारित उद्योगों में निजी निवेश को प्रोत्साहित करना है। राज्य सरकार ने गन्ना क्षेत्र के विस्तार और उत्पादकता में वृद्धि के लिए गुणवत्तापूर्ण गन्ना बीज की पर्याप्त उपलब्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इसके लिए कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के सहयोग से मॉडल गन्ना उत्पादन कॉम्प्लेक्स विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
भागलपुर में गन्ना उत्पादन की अपार संभावनाएं
जानकारी के अनुसार, भागलपुर जिले के पीरपैंती और अमरपुर क्षेत्रों में कुछ किसान अभी भी गन्ने की खेती और गुड़ उत्पादन कर रहे हैं। इन क्षेत्रों में गन्ना उत्पादन की व्यापक संभावनाओं को देखते हुए भविष्य में चीनी मिल की स्थापना होने पर लगभग 40 से 50 लाख क्विंटल गन्ने की आवश्यकता होगी। इस विशाल लक्ष्य को पूरा करने के लिए करीब 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने का विस्तार करना आवश्यक है। इस विस्तार के लिए गुणवत्तापूर्ण और रोगमुक्त गन्ना बीज की उपलब्धता को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है।
बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के निदेशक अनुसंधान ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वे लगभग 10-15 एकड़ क्षेत्र में प्रजनक बीज उत्पादन में सहयोग करेंगे। इसके अलावा, विभाग की आवश्यकता के अनुरूप टिश्यू कल्चर के माध्यम से गन्ना प्लांटलेट तैयार करने पर भी उनकी सहमति है।
किसानों को मिलेगा वैज्ञानिक खेती का लाभ
कृषि विश्वविद्यालय विभाग की विभिन्न प्रचार-प्रसार गतिविधियों में भी सहयोग प्रदान करेगा। इनमें कृषक प्रशिक्षण, सेमिनार, कार्यशालाएं और प्रचार वाहन जैसी पहल शामिल हैं, जिनके माध्यम से किसानों तक वैज्ञानिक गन्ना उत्पादन तकनीक पहुंचाई जाएगी। राज्य में गुणवत्तापूर्ण गन्ना बीज उत्पादन और वैज्ञानिक गन्ना खेती को बढ़ावा देने के लिए विभाग और बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के बीच यह सहयोग राज्य के गन्ना किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
यह सामंजस्य न केवल बिहार में गन्ना उत्पादन को बढ़ावा देगा बल्कि राज्य के कृषि आधारित उद्योगों को भी मजबूती प्रदान करेगा, जिससे अंततः ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और किसानों की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा।








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