Prashant Kishor: जन सुराज नेता और पटना की बांकीपुर सीट से विधायक प्रशांत किशोर ने केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता गिरिराज सिंह पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने गिरिराज सिंह को सीधी चुनौती देते हुए कहा है कि अगर वे ‘अनाप-शनाप’ बोलेंगे तो उनकी पूरी ‘कुंडली’ जनता के सामने रख दी जाएगी। प्रशांत किशोर इन दिनों अपनी ‘आभार यात्रा’ के तहत अलग-अलग इलाकों में लोगों से मिल रहे हैं, उनकी समस्याएं सुन रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को वार्ड नंबर 17 समेत कई क्षेत्रों में मुलाकात के दौरान उन्होंने ये तीखी बातें कहीं।
गिरिराज सिंह पर जाति की राजनीति का आरोप
प्रशांत किशोर ने गिरिराज सिंह पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे बेगूसराय में कुशवाहा समाज के वोट को साधने के लिए सम्राट चौधरी के समर्थन में बोलने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इसे जाति की ओछी राजनीति बताया, जिसे समाज भली-भांति समझता है। प्रशांत किशोर ने कहा कि गिरिराज सिंह पहले भी कई मुद्दों पर ऐसी बातें करते रहे हैं और लोग अक्सर उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं।

अगर गिरिराज सिंह जरूरत से ज्यादा बोलेंगे तो उनकी पूरी कुंडली जनता के सामने रख दी जाएगी।
– प्रशांत किशोर, जन सुराज नेता
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि गिरिराज सिंह के लिए ‘झटका मीट’, ‘हिंदू-मुसलमान’, ‘टीका’ और ‘टिक्की’ जैसे मुद्दों पर बोलना ही ठीक है। प्रशांत किशोर के अनुसार, किसी गंभीर मामले पर गिरिराज सिंह का बोलना उनकी समझ से परे है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बेगूसराय की एक लड़की को होटल से जबरदस्ती ले जाने के मामले में गिरिराज सिंह ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। इसी तरह, पटना में नीट की छात्रा से रेप और हत्या के मामले पर भी गिरिराज सिंह की ओर से कोई आवाज नहीं उठाई गई।
टेक्सटाइल मंत्री के रूप में प्रदर्शन पर सवाल
प्रशांत किशोर ने केंद्रीय टेक्सटाइल मंत्री के रूप में गिरिराज सिंह के कार्यकाल पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि अगर उन्होंने बिहार में टेक्सटाइल से जुड़ी कोई फैक्ट्री लगाई है तो बताएं। प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि मंत्री होने के बावजूद बिहार में इस क्षेत्र में कोई बड़ा काम नहीं हुआ है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब गिरिराज सिंह का रिटायरमेंट का समय आ रहा है।
बिहार की शराबबंदी और बढ़ते सूखे नशे पर चिंता
प्रशांत किशोर ने बिहार में लागू शराबबंदी कानून पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि यह मौजूदा कानून सही तरीके से काम नहीं कर रहा है, जिसके कारण राज्य में सूखे नशे की समस्या तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस समस्या पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में यह और भी बड़ी चुनौती बन सकती है।
शराबबंदी के नाम पर बनी मौजूदा व्यवस्था से नशे की समस्या खत्म होने के बजाय उसका रूप बदल रहा है और सूखे नशे का खतरा बढ़ रहा है।
– प्रशांत किशोर, जन सुराज नेता
उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों और शराब माफिया की मिलीभगत से घर-घर तक सूखा नशा पहुंच रहा है। प्रशांत किशोर ने जोर देकर कहा कि शराबबंदी के नाम पर जो व्यवस्था बनाई गई है, उससे नशे की समस्या खत्म होने के बजाय उसका स्वरूप बदल गया है और सूखे नशे का खतरा लगातार बढ़ रहा है, जिसका समाज पर गहरा नकारात्मक असर पड़ेगा।







