Bihar Tejashwi Yadav: आज नेता प्रतिपक्ष पटना में तेजस्वी यादव के राजभवन मार्च को लेकर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। इस बड़े प्रदर्शन से पहले शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में होने वाले इस मार्च में बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता शामिल होने वाले हैं, जिसके मद्देनजर प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं।
पुलिस प्रशासन किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क है। सुरक्षा व्यवस्था की कमान खुद वरिष्ठ अधिकारियों ने संभाल रखी है। यह मार्च बिहार की राजनीतिक सरगर्मी को और बढ़ा सकता है।
पटना में आज RJD मार्च: घर से निकलने से पहले जान लें ये रास्ते, वरना फंस सकते हैं जाम में!
Patna Traffic News: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राजभवन मार्च के मद्देनजर बुधवार को पटना शहर की यातायात व्यवस्था में बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए हैं। सुबह 9 बजे से यह मार्च समाप्त होने तक कई मुख्य सड़कों पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी या उन्हें अन्य रास्तों पर मोड़ा जाएगा। ट्रैफिक पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे भीड़ और जाम से बचने के लिए निर्धारित वैकल्पिक रास्तों का ही उपयोग करें।
राजद का यह मार्च राजभवन की ओर निकाला जा रहा है, जिसके कारण पुलिस ने कई स्थानों पर विशेष यातायात व्यवस्था लागू की है। इसका सीधा असर शहर के प्रमुख व्यावसायिक और यातायात मार्गों पर देखने को मिलेगा।
पटना में इन प्रमुख मार्गों पर रहेगा वाहनों का परिचालन बंद
- पटना जंक्शन से डाकबंगला चौराहा: सुबह 9 बजे से मार्च की समाप्ति तक इस मार्ग पर वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा। वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना होगा।
- गांधी मैदान के आसपास: गांधी मैदान के चारों ओर व्यावसायिक वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इस क्षेत्र में जाने से पहले वैकल्पिक मार्गों का चयन करें।
ऑटो और ई-रिक्शा के लिए विशेष रूट
राजधानी पटना में ऑटो और ई-रिक्शा के लिए भी कई रूट तय किए गए हैं, ताकि उनकी आवाजाही सुचारू बनी रहे लेकिन मुख्य मार्गों पर भीड़ न लगे:
- एग्जीबिशन रोड: भट्टाचार्या चौराहा से गांधी मैदान की ओर जाने वाले ऑटो और ई-रिक्शा को आगे जाने की अनुमति नहीं होगी। उन्हें निर्धारित स्थान से ही वापस लौटना होगा।
- एसपी वर्मा रोड: इस मार्ग से गांधी मैदान की तरफ जाने वाले ऑटो और ई-रिक्शा केवल स्वामीनंदन तिराहा तक ही जा सकेंगे। इसके आगे उनका परिचालन प्रतिबंधित रहेगा।
- बुद्धमार्ग: बुद्धमार्ग पर भी कई हिस्सों में ऑटो और ई-रिक्शा की आवाजाही प्रभावित रहेगी। छज्जूबाग से टीएन बनर्जी पथ, पुलिस लाइन से बैंक रोड और पुलिस लाइन तिराहा से कोतवाली-टी तक इन वाहनों के परिचालन पर रोक रहेगी।
- दानापुर से राजापुर पुल: दानापुर की तरफ से राजापुर पुल होकर गांधी मैदान जाने वाले ऑटो और ई-रिक्शा को पुलिस लाइन तिराहा पर ही रोक दिया जाएगा। उन्हें सीधे आगे जाने की अनुमति नहीं मिलेगी।
यातायात डायवर्जन और पुलिस की अपील
आयकर चौराहे से मंदिरी नाले की ओर जाने वाले रास्ते पर भी ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है। इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को पुलिस द्वारा तय वैकल्पिक रास्तों का पालन करना होगा। ट्रैफिक एसपी सागर कुमार ने जनता से अपील की है कि मार्च के दौरान अनावश्यक रूप से प्रभावित इलाकों की ओर जाने से बचें। उन्होंने कहा कि जो लोग आवश्यक यात्रा कर रहे हैं, वे पहले से ही वैकल्पिक मार्ग चुन लें, जिससे जाम की स्थिति से बचा जा सके। राजद के राजभवन मार्च के कारण यातायात व्यवस्था में किए गए ये बदलाव कार्यक्रम समाप्त होने तक प्रभावी रहेंगे। पुलिस आवश्यकतानुसार यातायात व्यवस्था में आगे भी संशोधन कर सकती है।
डाकबंगला चौराहे पर विशेष निगरानी
राजभवन मार्च के मुख्य मार्ग पर पड़ने वाले डाकबंगला चौराहे पर सुरक्षा के सबसे कड़े इंतजाम किए गए हैं। यहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और हर आने-जाने वाले पर पैनी नजर रखी जा रही है। किसी भी तरह की भीड़ को जमा होने से रोकने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। यह चौराहा मार्च के लिए एक महत्वपूर्ण बिंदु माना जा रहा है।
राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
तेजस्वी यादव के आह्वान पर हो रहे इस मार्च को देखते हुए पूरे शहर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। मुख्य सड़कों और संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है। पुलिस के जवान लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे। मार्च के दौरान किसी भी तरह के व्यवधान को रोकने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं।
तेजस्वी यादव के राजभवन मार्च से पहले चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात, सड़क पर उतरेंगे नेता-कार्यकर्ता।
इस राजभवन मार्च का उद्देश्य और इसके पीछे के मुद्दे फिलहाल स्पष्ट नहीं किए गए हैं, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। आने वाले समय में देखना होगा कि इस मार्च का बिहार की राजनीति पर क्या असर पड़ता है और सरकार की प्रतिक्रिया क्या रहती है।







