Tejashwi Yadav: नहीं चलेगी AK47 वाली भ्रष्ट सरकार! छात्र माँगें कदाचार मुक्त परीक्षा का अधिकार!! Deshaj Times पर Cover image देखिए….AK47 के मॉडल के साथ प्रदर्शन करते युवा।
सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान हुई एके-47 फायरिंग के गंभीर मामले को लेकर पटना की सड़कों पर सियासी पारा चढ़ गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बुधवार को हजारों समर्थकों के साथ एक विशाल पैदल मार्च का नेतृत्व किया। यह विरोध प्रदर्शन सीवान की घटना में पुलिस की मनमानी और राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठा रहा है, जिसमें तेजस्वी यादव ने अधिकारियों के सिर्फ तबादले को अपर्याप्त बताया है।
पटना की सड़कों पर तेजस्वी का आक्रोश मार्च
तेजस्वी यादव अपने हजारों समर्थकों के साथ जेपी गोलंबर से लेकर राजभवन तक करीब पांच किलोमीटर लंबा पैदल मार्च निकाल रहे हैं। सुबह से ही जेपी गोलंबर पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जुटने लगी थी। पार्टी के कार्यकर्ता अपने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज और विरोध वाले पोस्टर लेकर पहुंचे थे। पूरे रास्ते राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई। घटना का विरोध जताने के लिए कई कार्यकर्ता अपने साथ लकड़ी से बनी प्रतीकात्मक एके-47 बंदूकें भी लेकर आए थे, जो काफी चर्चा का विषय बनीं।
पटना के अहम रास्तों पर इस प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। शहर के सबसे व्यस्त डाकबंगला चौराहे पर पहली बार बीच सड़क में भारी लोहे की बैरिकेडिंग लगाई गई थी। यहां बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई, जिनके हाथों में लाठियां और इंसास राइफलें मौजूद थीं ताकि हालात को नियंत्रण में रखा जा सके।
सीवान फायरिंग: सरकार के विरोधाभासी बयानों पर सवाल
इस महामार्च से ठीक एक दिन पहले मंगलवार को तेजस्वी यादव ने एक विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने यह अहम सवाल उठाया था कि सीवान में निहत्थे छात्रों पर इतनी खतरनाक राइफल चलाने का आदेश आखिर किसने जारी किया था। उन्होंने यह भी बताया कि वे खुद घायल छात्रों का हालचाल लेकर आए हैं।
तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “राज्यसभा में सरकार ने गोली चलने की बात से साफ इनकार किया था। इसके उलट बिहार सरकार ने अदालत में दिए अपने हलफनामे में गोली चलने की बात पूरी तरह स्वीकार की है। इसी बड़े विरोधाभास पर विपक्ष सरकार को घेर रहा है।”
तबादला नहीं, निलंबन की मांग पर अड़े तेजस्वी यादव
बढ़ते दबाव के बीच राज्य सरकार ने सीवान के जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय और पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा का तबादला कर दिया है। दोनों अधिकारियों को उनके पद से हटाकर सामान्य प्रशासन विभाग में पोस्टिंग के इंतजार में रखा गया है। इनकी जगह भारत सोनी को सीवान का नया एसपी नियुक्त किया गया है।
लेकिन तेजस्वी यादव इस सामान्य प्रशासनिक कार्रवाई से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों का सिर्फ तबादला करना कोई सजा नहीं है। उन्होंने मामले में शामिल सभी दोषी अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने की मांग की है। इसी मुख्य मांग को लेकर पटना की सड़कों पर यह भारी विरोध प्रदर्शन चल रहा है।
इस विशाल विरोध प्रदर्शन ने बिहार सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। तेजस्वी यादव और उनके समर्थक स्पष्ट कर चुके हैं कि जब तक सीवान मामले के दोषी अधिकारियों को निलंबित नहीं किया जाता, तब तक वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे। आने वाले दिनों में यह मुद्दा बिहार की राजनीति में और गरमा सकता है, जिससे सरकार के लिए नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।







