Nalanda News: मंगलवार को नालंदा जिले के नूरसराय प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय परासी में मिड डे मील का भोजन करने के बाद लगभग 34 स्कूली बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। अचानक कई बच्चों को असहज महसूस होने लगा, जिसके बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सभी प्रभावित छात्र-छात्राओं को तत्काल बिहार शरीफ सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना के बाद हड़कंप और बच्चों का इलाज
मिड डे मील खाने के कुछ ही समय बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। स्कूल प्रबंधन और स्थानीय लोगों ने बिना देर किए सभी बीमार बच्चों को इलाज के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। डॉक्टर लगातार बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं। इस घटना से अभिभावकों और स्थानीय लोगों में काफी चिंता फैल गई है।
मंत्री श्रवण कुमार का दौरा और जांच के आदेश
घटना की जानकारी मिलते ही बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार तुरंत बिहार शरीफ सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने भर्ती बच्चों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उनके परिजनों से भी बातचीत की। मंत्री ने डॉक्टरों से बच्चों की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और उपचार के बारे में विस्तृत जानकारी ली।
मंत्री श्रवण कुमार ने इस मामले पर कहा, “मिड डे मील में हुई चूक की पूरी जांच कराई जाएगी। शुरुआती जानकारी में भोजन की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे हैं। यदि जांच में किसी कर्मचारी या जिम्मेदार व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बच्चों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और भोजन व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
मिड डे मील व्यवस्था पर सवाल
इस घटना के बाद स्कूल में मिड डे मील की व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। अब जांच में इस बात पर विशेष ध्यान दिया जाएगा कि बच्चों को परोसा गया भोजन कब तैयार किया गया था, उसकी गुणवत्ता कैसी थी और उसे परोसने की प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन किया गया था या नहीं। इन सभी पहलुओं की गहन जांच के बाद ही बच्चों की बीमारी की वास्तविक वजह स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल, समय रहते बच्चों को अस्पताल पहुंचाने से स्थिति को बिगड़ने से रोकने में मदद मिली है।







