Bihar Rajbhawan March: बिहार की राजधानी पटना में आज राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राजभवन मार्च से पहले एक अप्रत्याशित घटनाक्रम देखने को मिला। जेपी गोलंबर पर जुटे RJD कार्यकर्ताओं को पटना सदर की एसडीएम कृतिका ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को सही तरीके से पकड़ने और उसकी गरिमा बनाए रखने की नसीहत दी। हाथों में तिरंगा लेकर बड़ी संख्या में पहुंचे प्रदर्शनकारियों से एसडीएम ने कहा कि यह देश की आन-बान-शान है, इसलिए इसके सम्मान का पूरा ध्यान रखा जाए। यह मार्च छात्रों से जुड़े मुद्दों और सीवान में कथित गोलीबारी के विरोध में बुलाया गया है।
तिरंगे को सीधा पकड़ने और सम्मान देने की अपील
एसडीएम कृतिका ने RJD कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनके हाथों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा है, जिसका सम्मान करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने खास तौर पर कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे तिरंगे को सीधा पकड़ें। उन्होंने यह भी देखा कि कई लोग राष्ट्रीय ध्वज को उल्टा पकड़े हुए थे, जिस पर उन्होंने तुरंत सुधार करने को कहा।
एसडीएम कृतिका ने कहा, ‘आपके हाथों में देश की आन-बान-शान राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा है। इसलिए मार्च के दौरान तिरंगे की गरिमा का पूरा ध्यान रखा जाए। कई लोग तिरंगे को उल्टा पकड़े हुए हैं, इसे ठीक करें। राष्ट्रीय ध्वज को सम्मान के साथ ऊपर उठाकर रखें। किसी भी स्थिति में तिरंगे को जमीन, पानी या कीचड़ में नहीं छूने दें।’
उन्होंने प्रदर्शनकारियों को यह भी समझाया कि मार्च के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि तिरंगा नीचे न गिरे। एसडीएम ने यह भी निर्देश दिया कि रैली समाप्त होने के बाद सभी राष्ट्रीय ध्वजों को सम्मानपूर्वक एक जगह एकत्रित किया जाए, जिसमें कार्यकर्ताओं को सहयोग करने को कहा गया।
राजनीतिक चिन्ह लगाने पर कड़ी चेतावनी
एसडीएम कृतिका ने राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जुड़ा एक और महत्वपूर्ण नियम याद दिलाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि तिरंगे के ऊपर किसी भी राजनीतिक चिन्ह को चिपकाना दंडनीय अपराध है। उन्होंने RJD कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे तिरंगे की गरिमा और इससे जुड़े नियमों का हर हाल में पालन करें। यह चेतावनी सुनिश्चित करती है कि राष्ट्रीय प्रतीक का उपयोग किसी भी राजनीतिक दल के प्रचार के लिए न हो।
छात्रों के मुद्दे पर तेजस्वी का बड़ा मार्च
यह पूरा घटनाक्रम नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के राजभवन मार्च के दौरान हुआ है। तेजस्वी यादव ने छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों और सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर AK-47 चलाने के कथित आरोप के विरोध में इस मार्च का आह्वान किया है। मार्च की शुरुआत जेपी गोलंबर से होनी थी, जिसमें RJD नेताओं, कार्यकर्ताओं और छात्र संगठनों से भी शामिल होने की अपील की गई थी। हालांकि, छात्र नेता दिलीप ने इस मार्च से दूरी बना ली है। उनका कहना है कि छात्र कोई राजनीतिक पार्टी नहीं हैं और उनका आंदोलन अपने स्वतंत्र मुद्दों को लेकर है।
राजभवन मार्च से पहले पटना की सड़कों पर RJD कार्यकर्ताओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कई कार्यकर्ता हाथों में तिरंगा लेकर पहुंचे हैं और छात्रों के मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने यहां तक कहा कि वे छात्रों के मुद्दे के लिए ‘AK-47 की गोली भी खाने’ को तैयार हैं, जो उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।







