Nawada Medical Negligence: नवादा जिले के हिसुआ में एक शराब मुक्ति क्लिनिक में इलाज के दौरान 18 वर्षीय युवक प्रिंस कुमार की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। परिजनों ने क्लिनिक के संचालक और कथित डॉक्टर नौशाद आलम पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने और 40 हजार रुपये लेकर फरार होने का गंभीर आरोप लगाया है। यह घटना हिसुआ के एक निजी क्लिनिक में हुई, जहां प्रिंस को शराब की लत छुड़ाने के लिए भर्ती कराया गया था।
मृतक प्रिंस के परिवार के सदस्यों ने बताया कि क्लिनिक संचालक नौशाद आलम ने इलाज के लिए कुल 50 हजार रुपये की मांग की थी, जिसमें से 40 हजार रुपये अग्रिम के तौर पर दिए जा चुके थे। परिजनों के अनुसार, पिछले तीन दिनों से प्रिंस को सांस लेने में काफी परेशानी हो रही थी, लेकिन क्लिनिक की ओर से उसकी हालत को गंभीरता से नहीं लिया गया। उन्हें लगातार यह आश्वासन दिया जाता रहा कि प्रिंस जल्द ही ठीक हो जाएगा।
इलाज में लापरवाही और ऑक्सीजन की कमी का आरोप
परिजनों का आरोप है कि प्रिंस की तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही थी, लेकिन क्लिनिक प्रबंधन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। जब रात में उसकी हालत अत्यधिक गंभीर हो गई, तो क्लिनिक में ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई। इसके बाद परिजनों को प्रिंस को किसी दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए कहा गया, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई।
“प्रिंस को पिछले तीन दिनों से सांस लेने में तकलीफ थी। हमने कई बार क्लिनिक वालों को बताया, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया। जब हालत बहुत बिगड़ी तो ऑक्सीजन नहीं होने का बहाना बनाकर हमें दूसरे अस्पताल ले जाने को कह दिया।”
परिवार के लोग तुरंत प्रिंस को लेकर सदर अस्पताल नवादा पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस खबर से पूरे परिवार में मातम छा गया। परिजनों ने पुलिस को घटना की सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, कथित डॉक्टर नौशाद आलम क्लिनिक पर नहीं मिले और फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस जांच जारी, दलाल के माध्यम से मिली थी जानकारी
पुलिस ने इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और मृतक प्रिंस कुमार के शव को पोस्टमार्टम के लिए नवादा सदर अस्पताल भेज दिया है। परिजनों ने बताया कि उन्हें क्लिनिक के बारे में एक दलाल के माध्यम से जानकारी मिली थी, जिसने शराब की लत छुड़ाने के लिए इस क्लिनिक में भर्ती कराने की सलाह दी थी।
इस घटना के बाद क्लिनिक बंद पाया गया है और कथित डॉक्टर नौशाद आलम फरार हैं। पुलिस अब डॉक्टर की तलाश कर रही है और पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने की कोशिश कर रही है। इस घटना ने ऐसे निजी शराब मुक्ति क्लिनिकों की कार्यप्रणाली और उनकी विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसकी जांच आवश्यक है।







