Bihar Railway Safety: सोशल मीडिया पर बिहार के एक रेलवे लेवल क्रॉसिंग का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था। इस वीडियो में दिखाया गया था कि ट्रेन को पास कराने के लिए फाटक को रस्सी की मदद से बंद किया जा रहा है। इस दृश्य ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए थे, जिसके बाद समस्तीपुर मंडल को इस पर स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा है। रेलवे ने साफ किया है कि यह व्यवस्था सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपनाई गई है।
वायरल वीडियो पर रेलवे का अहम स्पष्टीकरण
समस्तीपुर मंडल ने बताया है कि यह मामला सकरी और हरनगर के बीच पड़ने वाले एक ब्रांच सेक्शन का है। यह कोई मुख्य रेल लाइन नहीं है। इस ब्रांच लाइन पर पूरे दिन में केवल एक ही ट्रेन का परिचालन होता है। यही कारण है कि इस लेवल क्रॉसिंग पर कोई स्थाई स्टाफ तैनात नहीं रहता है।

जनसंपर्क अधिकारी, समस्तीपुर मंडल ने कहा, “इस संबंध में स्पष्ट करना है कि यह सकरी और हरनगर के बीच एक ब्रांच सेक्शन है। इस रूट पर सिर्फ़ 1 ट्रेन चलती है। यह एक ब्रांच लाइन है। सिर्फ ट्रेन के चलने के कारण इस पर अभी कोइ स्थाई लेवल क्रॉसिंग स्टाफ नहीं रहता है। ट्रेन इस लेवल क्रॉसिंग से पहले रुकती है। स्टाफ़ नीचे उतरता है। स्टाफ़ ट्रेन को सुरक्षित रूप से पार कराता है। फिर लेवल क्रॉसिंग पूरे दिन खुली रहती है। कृपया इसे मेन लाइन पर मेनलाइन लेवल क्रॉसिंग समझने में कंफ्यूज़ न हों। यह सकरी और हरनगर के बीच एक ब्रांच सेक्शन है। इस सेक्शन में सिर्फ़ 1 ट्रेन चल रही है।”
सुरक्षा और चोरी रोकने के लिए उठाया गया कदम
रेलवे के अनुसार, ट्रेन जब इस लेवल क्रॉसिंग के पास पहुंचती है, तो वह पहले रुक जाती है। इसके बाद ट्रेन का स्टाफ नीचे उतरकर रस्सी की मदद से फाटक को बंद करता है और ट्रेन को सुरक्षित रूप से क्रॉसिंग पार कराता है। ट्रेन के गुजरने के बाद फाटक को फिर से खोल दिया जाता है और वह पूरे दिन खुला रहता है। रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि इसे मुख्य लाइन के लेवल क्रॉसिंग से भ्रमित नहीं किया जाना चाहिए, जहां चौबीसों घंटे स्टाफ तैनात रहता है।
समस्तीपुर मंडल ने इस व्यवस्था के पीछे के कारणों को भी समझाया। रेलवे के लिए लोहे के बूम की चोरी एक बड़ी चिंता है। अगर बूम को बिना देखरेख के छोड़ दिया जाए, तो सड़क पर चलने वाले लोग भ्रमित हो सकते हैं। इसके अलावा, लॉरी, ट्रक या बसों से बूम बैरियर को टक्कर लगने का भी खतरा रहता है, जिससे पूरा सड़क ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है और मरम्मत के लिए स्टाफ को पहुंचने में काफी समय लगेगा।
स्थाई स्टाफ की तैनाती तक जारी रहेगी यह व्यवस्था
इन सभी पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श के बाद, रेलवे ने फैसला किया है कि जब तक परमानेंट स्टाफ की नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक इसी तरह से ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सड़क और रेल दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों और आम जनता से अपील की है कि वे इस अस्थाई व्यवस्था को समझें और सहयोग करें। स्थाई समाधान होने तक यह प्रक्रिया बिहार रेलवे सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।







