Kishanganj Drowning Accident: बिहार के किशनगंज जिले में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। टेढ़ागाछ प्रखंड की मटियारी पंचायत के वार्ड संख्या 10 में स्थित एक तालाब में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना के बाद पूरे गांव में गहरा शोक व्याप्त है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, मृतक बच्चे वार्ड सदस्य मो. इजहार के भतीजे और भगिना थे। उनकी उम्र लगभग 10 और 12 वर्ष बताई जा रही है। शनिवार के दिन दोनों बच्चे अपने घर से करीब 500 मीटर दूर स्थित एक तालाब में नहाने गए थे।
किशनगंज में कोहराम! तालाब में डूब गए 2 बच्चे, गांव में पसरा मातम
Kishanganj Drowning: बिहार के किशनगंज जिले से एक हृदय विदारक खबर सामने आई है, जहां टेढ़ागाछ प्रखंड की मटियारी पंचायत के वार्ड संख्या 10 में शनिवार को दो बच्चों की तालाब में डूबने से मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव और पंचायत क्षेत्र में गहरे दुख का माहौल है।
मिली जानकारी के अनुसार, मृतक बच्चे वार्ड सदस्य मो. इजहार के भतीजे और भगिना थे। उनकी उम्र लगभग 10 और 12 वर्ष बताई जा रही है। शनिवार को दोनों बच्चे अपने घर से लगभग 500 मीटर दूर स्थित एक तालाब में नहाने गए थे। नहाते समय वे अनजाने में गहरे पानी में चले गए और डूब गए, जिससे उनकी जान चली गई।
मासूमों की पहचान और घटना का दुखद विवरण
मटियारी पंचायत के ग्रामीणों ने इस घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि जैसे ही ग्रामीणों को बच्चों के डूबने की खबर मिली, बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। तालाब के किनारे लोगों की भीड़ जमा हो गई और बच्चों को पानी से बाहर निकालने के लिए तेजी से प्रयास शुरू किए गए।
ग्रामीणों ने बताया, ‘घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे। तालाब के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। काफी प्रयास के बाद बच्चों को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।’
बच्चों को पानी से बाहर तो निकाल लिया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दोनों की मौत हो चुकी थी। इस खबर के फैलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि ये बच्चे अक्सर दूसरे बच्चों के साथ उस तालाब में नहाने जाते थे, लेकिन इस बार गहरे पानी में चले जाने से यह भीषण हादसा हो गया।
ग्रामीणों की मांग: जलाशयों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हों
इस दुखद घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मृतक बच्चों के घर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जलाशयों, विशेषकर तालाबों के आसपास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। इसके साथ ही, बच्चों को ऐसे पानी वाले स्थानों के खतरों के प्रति जागरूक करने के लिए भी कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
गहरे पानी में जाने से हुआ हादसा
तालाब में नहाते समय दोनों मासूम गहरे पानी में चले गए। जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते और मदद के लिए पहुंच पाते, तब तक वे डूब चुके थे। मटियारी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सफदर हुसैन अंसारी ने इस दुखद घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बच्चों को बचाने का प्रयास किया।
ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों को तालाब से बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उनकी मौत हो चुकी थी। इस खबर के फैलते ही पूरे पंचायत क्षेत्र में मातम छा गया। मृतक बच्चों के घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है।
सुरक्षा उपायों की उठाई मांग
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि ये बच्चे अक्सर अन्य बच्चों के साथ इसी तालाब में नहाने जाते थे। हालांकि, इस बार गहरे पानी में चले जाने के कारण यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हो गया। इस घटना ने तालाबों और अन्य जलस्रोतों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत तालाबों के आसपास पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने बच्चों को जलाशयों के खतरों के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाने का भी अनुरोध किया है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।







