आपकी रसोई का बजट बिगड़ा! गुड़ 777, सरसों तेल 218 रुपये महंगा, क्या-क्या हुआ महंगा?
Bihar Market Prices: बीते सप्ताह देश के थोक जिंस बाजारों में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है, जिसका सीधा असर बिहार के उपभोक्ताओं पर भी पड़ेगा। आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ते हुए गुड़, चीनी और सरसों तेल समेत कई खाद्य पदार्थों के दाम तेजी से बढ़े हैं। एक ही सप्ताह में गुड़ का भाव 777 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ गया, जबकि सरसों तेल भी 218 रुपये महंगा हुआ है।
रसोई का बजट बिगड़ा! बिहार में चीनी, तेल, दालें सब महंगी, जानिए इस हफ्ते कितने बढ़े दाम
Bihar Mahngai: अगस्त 2026 के तीसरे सप्ताह में बिहार समेत देशभर के घरेलू थोक जिंस बाजारों में महंगाई का करंट लगा है। खाने-पीने की कई आवश्यक वस्तुओं के दाम तेजी से बढ़े हैं, जिससे आम लोगों का मासिक बजट प्रभावित हो रहा है। पिछले एक सप्ताह के भीतर गुड़, चीनी और सरसों तेल जैसे उत्पादों की कीमतों में भारी वृद्धि दर्ज की गई है।
आंकड़ों के अनुसार, बीते सप्ताह गुड़ के औसत भाव में सबसे बड़ा उछाल आया है। यह 777 रुपये प्रति क्विंटल महंगा होकर 5,570 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया है। वहीं, चीनी के दाम भी 323 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ गए हैं। रसोई में रोजमर्रा के इस्तेमाल होने वाले सरसों तेल की कीमत में भी 218 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है।
खाने के तेल और दालों की कीमतों में भी उछाल
सरसों तेल के साथ ही अन्य खाने के तेलों में भी तेजी देखी गई है। सोया तेल 111 रुपये प्रति क्विंटल, मूंगफली तेल 85 रुपये प्रति क्विंटल और वनस्पति घी 37 रुपये प्रति क्विंटल महंगा हुआ है। हालांकि, पाम ऑयल 84 रुपये और सूरजमुखी तेल 19 रुपये प्रति क्विंटल सस्ता हुआ, जिससे उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत मिली है।
दालों की बात करें तो चना दाल की औसत कीमत में 106 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। मसूर दाल 78 रुपये, तुअर दाल 17 रुपये और मूंग दाल 14 रुपये प्रति क्विंटल मजबूत हुई है। इसके विपरीत, उड़द दाल 49 रुपये प्रति क्विंटल सस्ती हुई है, जो दाल खाने वालों के लिए अच्छी खबर है।
चावल महंगा, गेहूं-आटा सस्ता
पिछले सप्ताह चावल की औसत कीमत में 49 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई, जिसके बाद यह 4,105 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। हालांकि, गेहूं और आटे के भाव में गिरावट दर्ज की गई है। गेहूं 22 रुपये सस्ता होकर 2,838 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया, जबकि आटे का भाव 12 रुपये घटकर 3,310 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। यह उन लोगों के लिए थोड़ी राहत की बात है जो गेहूं और आटे का नियमित उपयोग करते हैं।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में इन आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर सरकार की नीतियों और अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव का असर दिख सकता है। फिलहाल, बिहार समेत पूरे देश के उपभोक्ताओं को बढ़ती महंगाई से जूझना पड़ रहा है।
गुड़ और चीनी ने बिगाड़ा स्वाद, चावल भी महंगा
मीठे के बाजार में बीते सप्ताह बड़ी हलचल देखने को मिली। गुड़ के औसत भाव में 777 रुपये की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसके बाद यह 5,570 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। चीनी के दाम भी 323 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ गए, जिससे त्योहारों से पहले मिठास महंगी हो गई है। चावल की औसत कीमत में भी 49 रुपये का इजाफा हुआ है और यह 4,105 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया है।
हालांकि, कुछ राहत की बात यह रही कि गेहूं और आटे के भाव में मामूली गिरावट आई। गेहूं 22 रुपये सस्ता होकर 2,838 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया, जबकि आटे का भाव भी 12 रुपये घटकर 3,310 रुपये प्रति क्विंटल हो गया।
दाल और खाद्य तेलों के दाम में उतार-चढ़ाव
दालों के मोर्चे पर भी आम उपभोक्ताओं को झटका लगा है। चना दाल 106 रुपये और मसूर दाल 78 रुपये प्रति क्विंटल महंगी हुई है। तुअर दाल में 17 रुपये और मूंग दाल में 14 रुपये की मजबूती आई। हालांकि, उड़द दाल 49 रुपये प्रति क्विंटल सस्ती हुई, जिससे थोड़ी राहत मिली।
खाद्य तेलों के दाम में बड़ा उछाल
खाद्य तेलों के मोर्चे पर उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा है। सरसों तेल का औसत भाव 218 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ गया है, जिससे रसोई का खर्च और बढ़ जाएगा। सोया तेल भी 111 रुपये महंगा हुआ, जबकि मूंगफली तेल में 85 रुपये और वनस्पति में 37 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, पाम ऑयल 84 रुपये और सूरजमुखी तेल 19 रुपये फिसल गया, जिससे इन तेलों के इस्तेमाल करने वालों को थोड़ी राहत मिल सकती है।
| वस्तु | प्रति क्विंटल मूल्य परिवर्तन (रुपये में) | सप्ताहांत औसत भाव (रुपये प्रति क्विंटल) |
|---|---|---|
| गुड़ | +777 | 5,570 |
| चीनी | +323 | – |
| चावल | +49 | 4,105 |
| गेहूं | -22 | 2,838 |
| आटा | -12 | 3,310 |
| चना दाल | +106 | – |
| मसूर दाल | +78 | – |
| तुअर दाल | +17 | – |
| मूंग दाल | +14 | – |
| उड़द दाल | -49 | – |
| सरसों तेल | +218 | – |
| सोया तेल | +111 | – |
| मूंगफली तेल | +85 | – |
| वनस्पति | +37 | – |
| पाम ऑयल | -84 | – |
| सूरजमुखी तेल | -19 | – |
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि खाद्य पदार्थों की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है। गुड़ और सरसों तेल जैसी दैनिक जरूरत की चीजों का महंगा होना आम परिवारों के मासिक बजट को बुरी तरह प्रभावित करेगा। आने वाले समय में इन कीमतों पर सरकारी नियंत्रण और बाजार की स्थितियों पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।







