Bihar Mining Police: बिहार में अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जल्द ही एक समर्पित खनन पुलिस बल का गठन किया जाएगा। राज्य के खान एवं भूतत्व विभाग ने खनन सिपाहियों की भर्ती के लिए पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है। यह प्रस्ताव अब अंतिम चरण में है और मंत्री की सहमति मिलने के बाद इसे राज्य कैबिनेट के अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बालू और अन्य छोटे खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर अंकुश लगाना है।
खनन सिपाहियों का क्या होगा काम?
प्रस्तावित खनन सिपाही खान एवं भूतत्व विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर काम करेंगे। इनकी मुख्य जिम्मेदारी अवैध गतिविधियों पर नजर रखना और प्रवर्तन अभियानों में सहयोग करना होगा। इन सिपाहियों की तैनाती केवल बालू खनन स्थलों या घाटों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन्हें उन सभी क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा जहां अन्य छोटे खनिजों का खनन, परिवहन या भंडारण होता है। विभाग द्वारा तैयार किए गए खाके में प्रत्येक जिले में आवश्यक खनन सिपाहियों की संख्या, उनके पर्यवेक्षण अधिकारी और अन्य लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं का भी निर्धारण किया गया है।
पहले भी बना था प्रस्ताव, अब नए सिरे से तैयारी
राज्य में अवैध बालू खनन और परिवहन की लगातार मिल रही शिकायतों के बीच खान एवं भूतत्व विभाग कई वर्षों से एक समर्पित खनन पुलिस प्रणाली पर विचार कर रहा था। लगभग दो साल पहले भी इस तरह के बल के गठन का एक प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन कुछ अपरिहार्य कारणों से वह आगे नहीं बढ़ पाया था। विभाग ने अब अपने पिछले अनुभव के आधार पर एक नई भर्ती योजना तैयार की है। कैबिनेट से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद, विभाग खनन सिपाहियों के पदों के सृजन, भर्ती और बाद में उनकी तैनाती की प्रक्रिया शुरू करेगा।
राजस्व हानि रोकने पर रहेगा जोर
विभाग को उम्मीद है कि इस समर्पित प्रणाली से जमीनी स्तर पर निगरानी में सुधार होगा और अवैध खनिज व्यापार के खिलाफ प्रवर्तन में तेजी आएगी। अधिकारियों का यह भी मानना है कि खनन पुलिस विभागीय कर्मचारियों पर प्रवर्तन के बोझ को कम करने में मदद करेगी और अवैध खनन तथा खनिजों के अनाधिकृत परिवहन एवं भंडारण से होने वाले राजस्व के नुकसान को रोकने में सहायक सिद्ध होगी। यह प्रस्तावित प्रणाली सभी जिलों में खनन और खनिज-परिवहन क्षेत्रों को कवर करेगी, जिसमें खनन सिपाही नामित विभागीय अधिकारियों के पर्यवेक्षण में कार्य करेंगे।
खनन पुलिस बल का गठन बिहार में अवैध खनन पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। इससे न केवल राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। कैबिनेट की मंजूरी के बाद, इस योजना को जल्द ही धरातल पर उतारने की तैयारी है, जिससे राज्य में खनिज संपदा के अवैध दोहन पर प्रभावी रोक लग सके।







