Bihar Flood: बिहार में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से कई निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी से फोन पर बातचीत की। उन्होंने फरक्का बैराज के सभी गेट खोलने का आग्रह किया ताकि गंगा के पानी का प्रवाह सुचारु हो सके और बिहार में बाढ़ के दबाव को कम किया जा सके।
नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के कारण पटना, वैशाली, भोजपुर, बक्सर, भागलपुर, मुंगेर, समस्तीपुर और बेगूसराय के निचले इलाकों में पानी फैलने लगा है। सैकड़ों एकड़ में लगी फसलें भी प्रभावित हुई हैं।
▶️केंद्रीय जल आयोग की जानकारी के अनुसार, पटना के सभी प्रमुख घाटों पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है।
▶️बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने पश्चिम बंगाल सरकार से फरक्का बराज के सभी फाटक खोलने का आग्रह किया है।
▶️मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से फोन पर बातचीत कर स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया।
▶️मुख्यमंत्री ने कहा कि फरक्का बराज के सभी गेट खोलने से गंगा के जलप्रवाह को सुगम बनाने और बिहार में बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इस बातचीत की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ने और बिहार में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए फरक्का बैराज के सभी द्वार खोलने का अनुरोध किया गया है। उनके अनुसार, पानी के प्रवाह को रास्ता मिलने से बिहार में बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
बिहार में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर एवं बाढ़ की स्थिति को देखते हुए आज पश्चिम बंगाल के माननीय मुख्यमंत्री श्री शुभेंदु अधिकारी जी से दूरभाष पर बातचीत की और फरक्का बराज के सभी गेट खोलने का आग्रह किया।फरक्का बराज के गेट खुलने से गंगा के जलप्रवाह को सुगम बनाने तथा बिहार में बाढ़ की…— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) August 23, 2026
बिहार में बाढ़ की मौजूदा स्थिति
बिहार में गंगा का बढ़ता जलस्तर फिलहाल प्रशासन के लिए बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, बक्सर से लेकर मनिहारी तक गंगा के कई हिस्सों में पानी बढ़ने से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। पटना और बक्सर के कुछ क्षेत्रों में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने की भी सूचना है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
फरक्का बैराज और गंगा जल संधि
फरक्का बैराज का मुद्दा केवल मौजूदा बाढ़ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत और बांग्लादेश के बीच हुई गंगा जल संधि से भी जुड़ा है। 12 दिसंबर 1996 को दोनों देशों ने गंगा के पानी के बंटवारे को लेकर एक महत्वपूर्ण संधि पर हस्ताक्षर किए थे। यह समझौता 30 वर्षों के लिए किया गया था और इसकी अवधि दिसंबर 2026 में पूरी हो रही है। इस संधि की समाप्ति के बाद गंगा नदी के जल प्रबंधन को लेकर नए सिरे से विचार-विमर्श की आवश्यकता होगी।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने इस मामले में जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उम्मीद है कि फरक्का बैराज के गेट खुलने से बिहार को बाढ़ के संकट से कुछ राहत मिलेगी। हालांकि, गंगा जल संधि की अवधि समाप्त होने के बाद भविष्य में इस तरह की स्थितियों से निपटने के लिए नए समाधान खोजना एक बड़ी चुनौती होगी।








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