Bihar Labour Rules: बिहार में अब कर्मचारियों के लिए काम करना पहले से अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित हो जाएगा। राज्य सरकार ने कारखानों, प्रतिष्ठानों और दुकानों में कार्यरत श्रमिकों के लिए नए नियम लागू किए हैं। इन नियमों के तहत कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य होगा, साथ ही उनके लिए सालाना मुफ्त स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था करना भी नियोक्ताओं की जिम्मेदारी होगी।
ये प्रावधान ‘बिहार व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थिति नियम, 2026’ के तहत लाए गए हैं। इनमें काम के घंटे, आराम की अवधि, कार्यस्थल पर सुरक्षा और अन्य सुविधाओं से संबंधित नियम भी शामिल हैं। इन नए नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग की टीमें कारखानों, प्रतिष्ठानों और दुकानों का निरीक्षण करेंगी।
नियुक्ति पत्र और मुफ्त स्वास्थ्य जांच अनिवार्य
नए श्रम संहिता दिशानिर्देशों के अनुसार, नियुक्ति पत्र से संबंधित प्रावधान उन कारखानों, प्रतिष्ठानों और दुकानों पर लागू होंगे जहां कम से कम 10 कर्मचारी कार्यरत हैं। हालांकि, घरेलू और कृषि क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिक इस प्रावधान के दायरे से बाहर रहेंगे। इन नियमों में महिला कर्मचारियों को उनकी सहमति से और निर्धारित शर्तों के अधीन विभिन्न प्रकार के प्रतिष्ठानों में काम करने की अनुमति देने का भी प्रावधान है।
नए नियमों के तहत, नियोक्ताओं को अपने कर्मचारियों के लिए अपने खर्च पर सालाना मुफ्त स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था करनी होगी। इन नियमों में काम के घंटे, आराम की अवधि, सुरक्षा और कार्यस्थल पर अन्य सुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधान भी शामिल हैं।
विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन प्रावधानों को लागू करने की प्रक्रिया के तहत कारखानों, प्रतिष्ठानों और दुकानों का एक डेटाबेस भी तैयार किया जाएगा। यह कदम नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद करेगा।
महिला श्रमिकों के लिए विशेष प्रावधान
नए नियमों में रात की पाली में काम करने वाली महिला श्रमिकों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था करना अनिवार्य किया गया है। महिलाओं को रात की पाली में काम करने की अनुमति तभी दी जाएगी, जब आवश्यक सुरक्षा उपाय मौजूद हों। इस नए ढांचे में नियोक्ताओं को अलग-अलग पंजीकरण कराने के बजाय एकल पंजीकरण प्रणाली का उपयोग करने की भी अनुमति दी गई है, जिससे प्रक्रिया सरल होगी।
निर्माण श्रमिकों की सुरक्षा पर जोर
भवन और अन्य निर्माण श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण के लिए भी अलग से प्रावधान किए गए हैं। नियोक्ताओं को कार्यस्थलों पर संभावित जोखिमों का आकलन करना होगा, जबकि विभाग निर्धारित सुरक्षा उपायों के अनुपालन की निगरानी करेगा। इन नए बिहार लेबर रूल्स का उद्देश्य राज्य भर के पात्र प्रतिष्ठानों में कार्यस्थल सुरक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से संबंधित प्रक्रियाओं को एक स्पष्ट नियामक ढांचे के तहत लाना है।
ये नियम बिहार के लाखों श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे कार्यस्थलों पर बेहतर माहौल बनेगा और श्रमिकों को उचित सुविधाएं मिल सकेंगी।






