Patna Railway News: नेपाल में आई भीषण बाढ़ के कारण फंसे भारतीय यात्रियों के लिए पटना रेलवे ने बड़ी राहत दी है। बाढ़ से प्रभावित 106 यात्रियों को सुरक्षित रूप से नागपुर पहुंचाने के लिए भारतीय रेलवे ने पटना जंक्शन पर विशेष इंतजाम किए। इन यात्रियों में 67 महिलाएं भी शामिल थीं, जो नेपाल से लौटते समय बाढ़ के कारण फंस गई थीं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ये सभी यात्री पर्यटक थे जो नेपाल गए थे और बाढ़ के कारण कई इलाकों में आवाजाही बाधित होने के बाद अपनी यात्रा जारी नहीं रख पा रहे थे। इन फंसे हुए यात्रियों को सीतामढ़ी से राज्य सरकार की बसों द्वारा पटना लाया गया, जिसके बाद रेलवे ने उनकी आगे की यात्रा के लिए व्यवस्था की।
पटना जंक्शन पर यात्रियों को विशेष सुविधा
दानापुर के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अभिनव सिद्धार्थ ने बताया कि शुक्रवार रात पटना जंक्शन पर यात्रियों के लिए विशेष टिकट काउंटर खोले गए। इसका उद्देश्य यात्रियों को तत्काल टिकट जारी करना और उन्हें पुष्ट बर्थ उपलब्ध कराना था। रेलवे अधिकारियों ने मुख्यालय कोटा से बर्थ जारी करके इन यात्रियों को समायोजित किया।
भारतीय रेलवे के इस त्वरित कदम से सभी 106 यात्री पटना-पूर्णा एक्सप्रेस में सवार हो सके। यह ट्रेन शनिवार सुबह लगभग 7:40 बजे पटना से नागपुर के लिए रवाना हुई, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिली।
अतिरिक्त कोच और चिकित्सा सहायता
पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने जानकारी दी कि सभी यात्रियों को समायोजित करने के लिए पटना-पूर्णा एक्सप्रेस में दो अतिरिक्त 3एसी कोच जोड़े गए थे। यह व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए की गई थी कि नेपाल में बाढ़ से प्रभावित यात्री अपनी यात्रा सुरक्षित रूप से जारी रख सकें।
रेलवे ने पटना जंक्शन पर एक मेडिकल टीम भी तैनात की थी, ताकि यात्रियों को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की जा सके। कई यात्रियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे होने के कारण काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। वरिष्ठ रेलवे अधिकारी, टिकट-जांच कर्मचारी और रेलवे सुरक्षा बल के जवान भी स्टेशन पर यात्रियों की सहायता के लिए तैनात थे। उन्हें सामान उठाने में मदद करने के लिए कुलियों को भी लगाया गया था।
पुष्ट बर्थ प्राप्त करने वाले यात्रियों ने अपनी आगे की यात्रा के दौरान मिली सहायता के लिए रेलवे प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। रेलवे के इस मानवीय प्रयास ने आपदा में फंसे लोगों को समय पर मदद पहुंचाकर उनकी यात्रा को सुगम बनाया।







