Muzaffarpur Illegal Hospital: मुजफ्फरपुर जिले में उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल एसकेएमसीएच (SKMCH) के गेट नंबर-1 के ठीक सामने होटल की आड़ में चल रहे एक कथित अवैध निजी अस्पताल का प्रशासन ने भंडाफोड़ किया है। मरीजों के परिजनों से मिली गुप्त सूचना के आधार पर एसडीओ पूर्वी आनंद उत्सव के नेतृत्व में एक प्रशासनिक टीम ने मौके पर छापेमारी की। जांच के दौरान अस्पताल में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद हड़कंप मच गया।
प्रशासनिक टीम जब मौके पर पहुंची तो जिस भवन के बाहर होटल का बोर्ड लगा था, उसके अंदर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान अस्पताल में न तो कोई योग्य चिकित्सक मिला और न ही कोई मेडिकल स्टाफ मौजूद था। यह कार्रवाई जिले में अवैध नर्सिंग होम और निजी अस्पतालों के संचालन पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
होटल का बोर्ड, अंदर अस्पताल का पूरा सेटअप
प्रशासनिक टीम ने बताया कि भवन की पहली मंजिल पर ‘होटल’ का बोर्ड लगा था, लेकिन अंदर का पूरा सेटअप किसी अस्पताल जैसा था। वहां मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा था। जांच के दौरान वहां कोई भी डॉक्टर या मेडिकल स्टाफ नहीं मिला। इसी भवन के ग्राउंड फ्लोर पर एक कमरा बाहर से ताला लगा हुआ था। जब प्रशासनिक टीम ने उस कमरे का ताला तोड़ा तो अंदर करीब 15 मरीज भर्ती पाए गए। इसके बाद मौके पर मौजूद मरीजों के परिजनों से भी विस्तार से जानकारी ली गई।
मरीजों के परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
छापेमारी के दौरान मरीजों के परिजनों ने प्रशासनिक टीम के सामने अस्पताल कर्मियों पर लगातार पैसे मांगने का गंभीर आरोप लगाया। परिजनों का कहना था कि भुगतान नहीं करने पर मरीजों को अस्पताल से बाहर निकालने की धमकी दी जाती थी। जांच में यह भी सामने आया कि अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं का अभाव था। इसके साथ ही, अस्पताल के निर्धारित नियमों के अनुरूप व्यवस्था और साफ-सफाई भी नहीं थी, जो मरीजों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। एसकेएमसीएच के मुख्य गेट के ठीक सामने होटल के नाम से बोर्ड लगाकर कथित तौर पर अस्पताल चलाए जाने को लेकर अब प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
एसडीओ पूर्वी आनंद उत्सव ने बताया, ‘अवैध अस्पतालों के संचालन की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक टीम ने सबसे पहले मेडिकल ओवरब्रिज के पास स्थित दो निजी अस्पतालों की जांच की थी। वहां जांच के दौरान किसी तरह की अनियमितता नहीं मिली, इसलिए तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद टीम को एसकेएमसीएच मेडिकल कॉलेज अस्पताल के गेट नंबर-1 के सामने होटल की आड़ में अवैध अस्पताल संचालित होने की सूचना मिली। सूचना के आधार पर टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की।’
प्रशासन की सख्त कार्रवाई, सील करने की तैयारी
एसडीओ पूर्वी आनंद उत्सव के अनुसार, मौके पर अस्पताल संचालन से संबंधित आवश्यक कागजात नहीं मिले। अस्पताल में एक गंभीर मरीज भी भर्ती मिला है, जिसकी देखरेख के लिए तुरंत उचित व्यवस्था की गई। मामले की विस्तृत जांच के लिए MOIC (मेडिकल ऑफिसर इन-चार्ज) को रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से इस अवैध अस्पताल को सील करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद जिले में संचालित अन्य कथित अवैध नर्सिंग होम और निजी अस्पतालों की व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन अब इस तरह के अन्य संस्थानों के संचालन और उनके दस्तावेजों की भी जांच कर सकता है, जिससे अवैध स्वास्थ्य सेवाओं पर नकेल कसी जा सके।







