Saran Flood: बिहार के सारण जिले में बाढ़ का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार बिगड़ते हालात के बीच, रिविलगंज प्रखंड की दिलिया रहीमपुर पंचायत से सामने आई तस्वीर बाढ़ की भयावहता को दिखाता है। इस इलाके में सड़कें और घर, सब पानी में समा चुके हैं, जिससे सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
दिलिया रहीमपुर में एक महिला गर्दन तक गहरे पानी में अपने घर की ओर जाती दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि उसका घर भी पानी में डूब गया है और वह वहां से कुछ जरूरी सामान लेने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर गहरे पानी में उतरने को मजबूर हुई। साधू लाल पृथ्वीचंद स्कूल के सामने का यह इलाका अब जलमग्न है, जहां सड़क के दोनों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है।
माही नदी का तटबंध टूटा, दिघवारा में मचा हाहाकार
बाढ़ के बीच दिघवारा प्रखंड में एक और बड़ी आपदा आ गई। शनिवार, 5 सितंबर की सुबह करीब 5:30 बजे माही नदी के दाहिने तटबंध का लगभग 12 मीटर हिस्सा पानी के अत्यधिक दबाव के कारण टूट गया। तटबंध टूटने के बाद पानी तेजी से रिहाइशी इलाकों की तरफ फैलने लगा, जिससे दिघवारा क्षेत्र की तीन पंचायतें सीधे तौर पर प्रभावित हुईं।इस घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग की तकनीकी टीम तुरंत मौके पर पहुंची। मुख्य अभियंता, कार्यपालक अभियंता और सहायक अभियंता की देखरेख में तटबंध की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर जारी है, ताकि स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सके।
सारण में बाढ़ का विकराल रूप: लाखों लोग प्रभावित
जिला प्रशासन के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सारण जिले में 7 प्रखंडों की 33 पंचायतों के 93 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। इस भयंकर Saran Flood से 2,05,849 से भी अधिक लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। कई इलाकों में लोगों के घरों में पानी घुस गया है, जिससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी और आजीविका पर गहरा असर पड़ा है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में कई परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पनाह लेनी पड़ी है। कुछ लोग तिरपाल लगाकर तो कुछ सड़क किनारे अस्थायी ठिकाना बनाकर रहने को मजबूर हैं। पीने के साफ पानी, भोजन, बिजली और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी लोगों की परेशानी को और बढ़ा रही है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हाल
| प्रखंड का नाम | प्रभावित पंचायतें | प्रभावित गांव | प्रभावित आबादी |
|---|---|---|---|
| सोनपुर | 16 | 65 | लगभग 1.30 लाख |
| सदर छपरा | – | 9 | 54,328 |
| दिघवारा | – | 11 | 17,442 |
| गड़खा | – | 4 | 1,179 |
| रिविलगंज नगर पंचायत | – | – | लगभग 2,000 |
| दरियापुर | – | 3 | 600 |
| मकेर (बाघाकोल पंचायत) | 1 | 1 | लगभग 300 |
यह आंकड़ा सारण में बाढ़ की गंभीरता को दर्शाता है, जहां सबसे अधिक आबादी सोनपुर प्रखंड में प्रभावित हुई है।
राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी
प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अकिलपुर पंचायत समेत अन्य इलाकों में नावों का परिचालन हो रहा है। SDRF और NDRF की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। प्रशासन ने लोगों की आवाजाही और रेस्क्यू के लिए 119 साधारण नावों के साथ 6 बोट एंबुलेंस तैनात की हैं। इन बोट एंबुलेंस और मोबाइल मेडिकल टीमों की मदद से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में एक सुरक्षित प्रसव भी कराया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं को बनाए रखने के लिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कुल 19 मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं, जिनमें सदर छपरा और सोनपुर में 6-6, दिघवारा और रिविलगंज में 3-3, और मकेर में 1 मेडिकल टीम शामिल है। पशुओं की सुरक्षा के लिए भी प्रशासन ने कदम उठाए हैं; अब तक 377 मवेशियों को सुरक्षित आश्रय स्थलों तक पहुंचाया गया है। सोनपुर में सामुदायिक रसोई शुरू की गई है, जहां अब तक 1,056 से अधिक लोगों को भोजन कराया जा चुका है। प्रभावित परिवारों को पॉलिथीन शीट और सूखा राशन जैसी जरूरी राहत सामग्री भी वितरित की जा रही है।
जिला प्रशासन ने 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया है और लोगों से अपील की है, “घबराएं नहीं और अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य के साथ जलस्तर और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।”
बाढ़ के कारण बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई है और मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। सारण की यह स्थिति मानवीय त्रासदी के साथ-साथ प्रशासनिक चुनौतियों का भी सामना कर रही है, जहां हर दिन नए संकट खड़े हो रहे हैं।
बाढ़ प्रभावित, 2.05 लाख से अधिक आबादी प्रभावित
119 नाव एवं 06 बोट एंबुलेंस परिचालित, 377 पशुओं को पशु आश्रय स्थलों में आश्रय; माही नदी के दायाँ तटबंध की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर जारी
छपरा। सारण जिले में बाढ़ की वर्तमान स्थिति के मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार संचालित किए जा रहे हैं। जिले के 07 प्रखंडों की कुल 33 पंचायतों के 93 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं, जहां कुल 2,05,849 आबादी प्रभावित है।बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन एवं राहत-बचाव कार्यों के लिए कुल 119 नाव एवं 06 बोट एंबुलेंस परिचालित हैं। बोट एंबुलेंस के माध्यम से आवश्यकता के अनुसार प्रभावित लोगों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक 377 पशुओं को पशु आश्रय स्थलों में आश्रय दिया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में पॉलिथीन शीट, सूखा राहत राशन एवं अन्य आवश्यक राहत सामग्री का वितरण भी लगातार किया जा रहा है।
माही नदी के दायाँ तटबंध में टूटान
दिघवारा प्रखंड अंतर्गत माही नदी के दायाँ तटबंध के लगभग 7.5 किलोमीटर के पास आज प्रातः करीब 5:30 बजे पानी के अत्यधिक दबाव के कारण लगभग 12 मीटर तटबंध में टूटान हुआ। सूचना प्राप्त होते ही जिला प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग की टीमों द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया गया तथा राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया गया।तटबंध के टूटे हिस्से की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता, कार्यपालक अभियंता एवं सहायक अभियंता सहित तकनीकी टीम लगातार मौके पर कार्य कर रही है। मरम्मत कार्य को कुछ ही घंटे में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।तटबंध टूटने से दिघवारा प्रखंड की तीन पंचायतें प्रभावित हुई हैं। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई की गई है। अकिलपुर पंचायत में नावों का परिचालन जारी है तथा प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ की टीम तैनात है। एनडीआरएफ की टीम भी राहत एवं बचाव कार्य के लिए पहुंच रही है।
प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रखंडवार मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं। रिविलगंज प्रखंड में 3 मेडिकल टीमें, सदर छपरा प्रखंड में 6 मेडिकल टीमें, दिघवारा प्रखंड में 3 मेडिकल टीमें, सोनपुर प्रखंड में 6 मेडिकल टीमें तथा मकेर प्रखंड में 1 मेडिकल टीम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कार्यरत है। मेडिकल टीमों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में लगातार आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मोबाइल मेडिकल टीमों की तत्परता से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षित प्रसव भी कराया गया है।
प्रखंडवार स्थिति जानिए
सोनपुर प्रखंड:
सबलपुर पूर्वी, सबलपुर पश्चिमी, सबलपुर उत्तरी, सबलपुर मध्यवर्ती, नजरमीरा, शाहपुर, खरीका भरपुरा, गंगाजल, कस्मर, सैदपुर, हासिलपुर, रसूलपुर, शिकारपुर, जहांगीरपुर, नयागांव एवं कल्याणपुर पंचायतें प्रभावित हैं। कुल 65 गांवों की 1,30,000 आबादी प्रभावित है। यहां 55 नाव एवं 02 बोट एंबुलेंस परिचालित हैं। एक सामुदायिक रसोई संचालित है, जहां अब तक 1,056 लोगों ने भोजन किया है। दो पशु आश्रय स्थल स्थापित किए गए हैं, जिनमें 101 पशुओं को आश्रय दिया गया है। प्रभावित परिवारों के बीच अब तक 1,200 पॉलिथीन शीट वितरित की गई हैं।सदर छपरा प्रखंड:
कोटवा पट्टी रामपुर, बरहरा महाजी, रायपुर, बिनगांवा तथा आंशिक रूप से मूसेपुर, डुमरी एवं चिरांद पंचायतें प्रभावित हैं। कुल 09 गांवों की 54,328 आबादी प्रभावित है। यहां 30 नाव एवं 02 बोट एंबुलेंस परिचालित हैं। एक पशु आश्रय स्थल में 101 पशुओं को आश्रय दिया गया है।दिघवारा प्रखंड:
अकिलपुर एवं रामपुर आमी पंचायतें प्रभावित हैं। कुल 11 गांवों की 17,442 आबादी प्रभावित है। यहां 21 नाव एवं 01 बोट एंबुलेंस परिचालित हैं। दो पशु आश्रय स्थल स्थापित किए गए हैं, जिनमें 28 पशुओं को आश्रय दिया गया है। अब तक 450 पॉलिथीन शीट वितरित की गई हैं।गरखा प्रखंड:
मौजमपुर एवं इटवा पंचायतें प्रभावित हैं। कुल 04 गांवों की 1,179 आबादी प्रभावित है। यहां 02 नाव परिचालित हैं। एक पशु आश्रय स्थल में 85 पशुओं को आश्रय दिया गया है तथा 95 पॉलिथीन शीट वितरित की गई हैं।रिविलगंज नगर पंचायत:
रिविलगंज नगर पंचायत का क्षेत्र आंशिक रूप से प्रभावित है तथा लगभग 2,000 आबादी बाढ़ से प्रभावित है। यहां 06 नाव एवं 01 बोट एंबुलेंस परिचालित हैं। एक पशु आश्रय स्थल में 44 पशुओं को आश्रय दिया गया है।








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