Uttar Pradesh Elections 2027: विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रांका की बंद कमरे में हुई मुलाकात ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। सपा मुख्यालय में दोनों नेताओं के बीच करीब डेढ़ घंटे तक गहन बातचीत हुई। इस बैठक को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे अहम मुद्दों पर आने वाले दिनों में सपा और CJP के एक साथ आने के कयास लगाए जा रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, आशुतोष रांका अपने कुछ साथियों के साथ सपा मुख्यालय पहुंचे थे और अखिलेश यादव से मिले। बैठक में करीब सात लोग मौजूद थे। इस दौरान CJP प्रवक्ता ने जंतर-मंतर आंदोलन के समय सपा प्रमुख और उनके सांसदों द्वारा दिए गए समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। उस आंदोलन में डिंपल यादव सहित समाजवादी पार्टी के कई सांसदों ने पहुंचकर समर्थन दिया था, जिसका उल्लेख भी किया गया।
शिक्षा और रोजगार पर सपा का नया दांव?
पिछले महीने जयपुर में CJP के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के दौरान आशुतोष रांका और उनकी टीम पर हमला हुआ था। उस समय भी सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस घटना की कड़ी निंदा की थी। उन्होंने छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों के साथ उनके समर्थन में खड़े होने का स्पष्ट संदेश दिया था। इस मुलाकात में छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ जैन-जी और जैन-अल्फा से राजनीतिक संवाद को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। समाजवादी पार्टी पहले से ही भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमलावर रही है। पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली को लेकर पार्टी लगातार सवाल उठाती रही है।
आगामी 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर समाजवादी पार्टी प्रदेशभर में विलय किए गए परिषदीय स्कूलों के बाहर कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी में है। ऐसे में माना जा रहा है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे आने वाले दिनों में समाजवादी पार्टी की राजनीति का एक प्रमुख हिस्सा बन सकते हैं। CJP भी अपने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान को लगातार आगे बढ़ा रही है। संगठन की ओर से सरकारी स्कूलों की स्थिति, शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को लेकर एक बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के विस्तार और युवाओं से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक स्तर पर उठाने की संभावनाओं पर भी दोनों पक्षों के बीच महत्वपूर्ण चर्चा हुई है।
2027 विधानसभा चुनाव की बिसात पर नई चाल
सियासी नजरिए से देखें तो विधानसभा चुनाव 2027 से करीब एक साल पहले हुई यह मुलाकात बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसका कारण यह है कि शिक्षा, रोजगार और पेपर लीक जैसे मुद्दे सीधे तौर पर युवाओं से जुड़े हुए हैं, जो किसी भी चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। समाजवादी पार्टी इन मुद्दों पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है, वहीं CJP भी अपने अभियान के जरिए इन मुद्दों को प्रमुखता से उठा रही है।
अखिलेश यादव और आशुतोष रांका की मुलाकात के बाद फिलहाल किसी राजनीतिक गठजोड़ या औपचारिक सहयोग की कोई घोषणा नहीं हुई है। हालांकि, दोनों के बीच भविष्य की रणनीति और सहयोग को लेकर गंभीर चर्चा हुई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सपा और CJP कई मुद्दों पर, विशेषकर शिक्षा और परीक्षा से जुड़े मामलों में, एक-दूसरे के समर्थन में खड़े दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर बन रही यह संभावित नजदीकी उत्तर प्रदेश की सियासत में नए समीकरणों की आहट मानी जा रही है। कौशल किशोर की 13 सितंबर को होने वाली आत्मसम्मान रैली से पहले यह मुलाकात और भी अहम हो जाती है।







