Bihar Floods: पूरे बिहार में बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। राजधानी पटना के शहरी इलाकों पर भी अब गंगा नदी का दबाव बढ़ने लगा है, जिससे बाढ़ की आशंका गहरा गई है। जल संसाधन विभाग की ताजा रिपोर्ट बताती है कि गांधीघाट पर गंगा नदी का जलस्तर सिर्फ चार घंटे में 10 सेंटीमीटर बढ़ गया है। शनिवार सुबह 10 बजे यहां पानी का स्तर 50.53 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के सबसे ऊंचे तय स्तर 50.52 मीटर से 1 सेंटीमीटर अधिक है। विभाग का नया अनुमान है कि रविवार सुबह 8 बजे तक गांधीघाट पर गंगा का पानी 50.62 मीटर तक पहुंच सकता है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
बिहार में बाढ़ का हाहाकार! CM सम्राट चौधरी ने उठाया ये बड़ा कदम, 12 जिलों में मंत्री-सचिव करेंगे कैंप
Bihar Flood: बिहार में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने और कई जिलों में बाढ़ की भयावह स्थिति को देखते हुए, मुख्यमंत्री बिहार के सम्राट चौधरी ने एक बड़ा और निर्णायक फैसला लिया है। अब गंगा किनारे के 12 बाढ़ प्रभावित जिलों में प्रभारी मंत्री और प्रभारी सचिव खुद कैंप कर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करेंगे। यह कदम बाढ़ से जूझ रहे लाखों लोगों को तत्काल सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ को लेकर गंभीर स्थिति की समीक्षा के बाद यह निर्देश जारी किया है। वर्तमान में पटना, आरा समेत कई जिलों में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे कई परिवार अपना घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। सरकार का यह फैसला स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है और प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक सक्रियता बढ़ाने पर जोर देता है।
गंगा के रिकॉर्ड तोड़ जलस्तर पर सरकार अलर्ट
गंगा नदी इस समय अपने उच्चतम स्तर पर बह रही है। जल संसाधन विभाग के मंत्री विजय चौधरी ने बताया कि गंगा ने आज सुबह 10:30 बजे 2016 के उच्चतम जलस्तर का रिकॉर्ड भी पार कर लिया है। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा, ‘गंगा अपने उच्चतम स्तर को पार कर गई है। जो 2016 में उच्चतम स्तर था उसको गंगा ने आज 10:30 बजे दिन में पर कर लिया है।’
विजय चौधरी ने आगे कहा, ‘पूरी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। हर जगह पर अधिकारी और प्रशासन तैनात हैं। पूरे तरीके से बाढ़ को लेकर तैयारी की जा रही है। हर परिस्थिति में निपटने के लिए प्रशासन और सरकार पूरी तरह तैयार है।’
मंत्री चौधरी के बयान के अनुसार, प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है और हर चुनौती से निपटने के लिए कमर कस चुका है।
इन 12 जिलों में तेज होगा बाढ़ राहत अभियान
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद, बक्सर से लेकर कटिहार तक गंगा किनारे बसे 12 जिलों में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाए जाएंगे। इन जिलों में प्रभारी मंत्री और प्रभारी सचिव की तैनाती से स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी और मदद तत्काल जरूरतमंदों तक पहुंच पाएगी। जिन जिलों के लिए यह निर्देश जारी किया गया है, उनमें:
- बक्सर
- भोजपुर
- पटना
- सारण
- वैशाली
- बेगूसराय
- समस्तीपुर
- लखीसराय
- खगड़िया
- मुंगेर
- भागलपुर
- कटिहार
शामिल हैं। इन सभी जिलों में गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए राहत-बचाव कार्यों की कड़ी निगरानी का आदेश दिया गया है।
पटना की सुरक्षा पर विशेष जोर
राजधानी पटना को लेकर भी विशेष अलर्ट जारी किया गया है। पटना के शहरी इलाके में गंगा के बढ़ते जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने का आदेश दिया गया है। पटना शहरी सुरक्षा तटबंध के आसपास के इलाकों पर विशेष नजर रखने के लिए पटना नगर निगम, जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि राजधानी सुरक्षित रहे और किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूरी हों।
यह महत्वपूर्ण फैसला मंत्रिमंडल उप मंत्री समिति की बैठक के बाद लिया गया है। हालांकि, यह समिति भवन निर्माण के बायलॉज को लेकर बनाई गई थी, लेकिन बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए इसमें कई महत्वपूर्ण चर्चाएं हुईं और सुझावों को सरकार ने स्वीकार करते हुए तुरंत कार्रवाई का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इस कदम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है और सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट हुई है कि वह हर हाल में जनता की सुरक्षा और सहायता सुनिश्चित करेगी।
पटना के दियारा और शहरी इलाकों पर बढ़ा दबाव
गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का सबसे ज्यादा असर पटना के आसपास के नदी क्षेत्रों और दियारा इलाकों पर दिख रहा है। पटना के अन्य घाटों पर भी पानी लगातार बढ़ रहा है। जल संसाधन विभाग ने आम लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है, खासकर उन लोगों को जो नदी के बहाव वाले क्षेत्रों में रहते हैं, उन्हें विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है। अगले कुछ घंटे पटना के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।
कई जिलों में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा
पटना के अलावा बिहार के कई अन्य जिलों में भी गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। शनिवार को दीघा में गंगा का जलस्तर 51.77 मीटर दर्ज किया गया। वहीं, हथीदह में 43.37 मीटर, मुंगेर में 39.58 मीटर, भागलपुर में 34.16 मीटर और कहलगांव में 32.31 मीटर जलस्तर रिकॉर्ड किया गया है। इन सभी जगहों पर गंगा नदी के पानी पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
प्रशासन पूरी तरह अलर्ट, निपटने की तैयारी
बढ़ते खतरे को देखते हुए जल संसाधन विभाग के अभियंता प्रमुख ने सभी जिलों के डीएम (जिलाधिकारी) और एसपी (पुलिस अधीक्षक) को चेतावनी संदेश भेजा है। इसमें स्पष्ट कहा गया है कि नदी के बहाव वाले क्षेत्रों, खासकर दियारा क्षेत्र में बाढ़ का दबाव बढ़ सकता है। सभी जिलों को जरूरी सावधानी बरतने और बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। तटबंध के नदी वाले हिस्से में रहने वाले परिवारों को भी समय पर इसकी जानकारी देने को कहा गया है। इसके साथ ही, बाढ़ से निपटने के लिए जिले में बनाई गई टीम को लगातार गश्त करने के लिए निर्देशित किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा जारी की जा रही सभी चेतावनियों और निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।








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