Bihar Job Fraud: पटना के ज्ञान भवन में आयोजित मेगा जॉब फेयर में सामने आए एक गंभीर मामले ने बिहार सरकार की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि राज्य सरकार द्वारा बांटे गए नियुक्ति पत्र फर्जी कंपनियों से जुड़े हैं, जो बिहार की युवा महिलाओं को गंभीर संकट में धकेल रहे हैं।

तेजस्वी यादव ने लिखा है कि सम्राट चौधरी के CM बनने के बाद अब मुख्यमंत्री पद की विश्वसनीयता और गरिमा इतनी रह गई है कि मुख्यमंत्री अपने हाथों से फर्जी कंपनियों के ऐसे जॉइनिंग लेटर बांट रहे हैं जो बिहार की बच्चियों को देह व्यापार में धकेल रही हैं? CM ने Joining लेटर ICU नर्स का दिया और कंपनी काम Call Girl का कराने लगी। शर्मनाक!
क्या हमारी बहन-बेटियों को गुमराह करने के लिए सम्राट चौधरी को BJP/RSS ने Selected CM बनाया है?
जब अधिकारियों को यह आभास हो जाता है कि CM हल्का है, अंदर से थोथा है। ज्ञान है नहीं लेकिन जुबान अधिक चलाता है तो फिर अधिकारी CM से फर्जी कंपनियों की आड़ में सुपारी किलिंग, अवैध हथियार, अवैध शराब, नशीले पदार्थ, सूखे नशे, परीक्षा माफिया, मानव तस्करी, बच्चा चोरी इत्यादि से जुड़े गिरोहों में भी युवक-युवतियों की भर्ती करा जॉइनिंग लेटर बंटवाना शुरू करवा ही देंगे। नौकरशाही में चर्चाएं है कि अधिकारी लोग भी CM के पुराने ट्रैक रिकॉर्ड को देखकर उनसे वही काम करवा रहे है।
नियुक्ति पत्र फर्जी, दिल्ली में मिली भयावह हकीकत
दरअसल, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हाथों 48 हजार रुपये प्रति माह के वेतन पर हेकम कंपनी का नियुक्ति पत्र पाने वाली एक अभ्यर्थी जब दिल्ली पहुंची, तो उन्हें अस्पताल के बजाय एक तथाकथित हॉस्टल में रखा गया। वहां उन्हें नर्सिंग के काम के बजाय तय समय से अधिक काम कराया गया और रहने की समुचित व्यवस्था नहीं होने की शिकायत थी। दिल्ली में उन्हें हेकम के बजाय शिवम नामक कंपनी के ठिकाने पर रखा गया, जहां लड़के-लड़कियों को एक साथ रखा जाता था। कई अन्य अभ्यर्थियों ने भी इसी तरह के धोखे की शिकायत की है।
तेजस्वी यादव के गंभीर आरोप: ‘CM ने ICU नर्स का दिया लेटर, कंपनी ने कराया दूसरा काम’
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के CM बनने के बाद अब मुख्यमंत्री पद की विश्वसनीयता और गरिमा इतनी रह गई है कि मुख्यमंत्री अपने हाथों से फर्जी कंपनियों के ऐसे जॉइनिंग लेटर बांट रहे हैं जो बिहार की बच्चियों को देह व्यापार में धकेल रही हैं? CM ने Joining लेटर ICU नर्स का दिया और कंपनी काम Call Girl का कराने लगी। शर्मनाक! क्या हमारी बहन-बेटियों को गुमराह करने के लिए सम्राट चौधरी को BJP/RSS ने Selected CM बनाया है? जब अधिकारियों को यह आभास हो जाता है कि CM हल्का है, अंदर से थोथा है। ज्ञान है नहीं लेकिन जुबान अधिक चलाता है तो फिर अधिकारी CM से फर्जी कंपनियों की आड़ में सुपारी किलिंग, अवैध हथियार, अवैध शराब, नशीले पदार्थ, सूखे नशे, परीक्षा माफिया, मानव तस्करी, बच्चा चोरी इत्यादि से जुड़े गिरोहों में भी युवक-युवतियों की भर्ती करा जॉइनिंग लेटर बंटवाना शुरू करवा ही देंगे। नौकरशाही में चर्चाएं है कि अधिकारी लोग भी CM के पुराने ट्रैक रिकॉर्ड को देखकर उनसे वही काम करवा रहे है।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इन आरोपों को लेकर बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की विश्वसनीयता इतनी गिर गई है कि उनके हाथों से फर्जी कंपनियों के जॉइनिंग लेटर बंटवाए जा रहे हैं, जो बिहार की बेटियों को देह व्यापार में धकेल रही हैं। तेजस्वी ने सवाल उठाया कि क्या सम्राट चौधरी को भाजपा/आरएसएस ने हमारी बहन-बेटियों को गुमराह करने के लिए ‘सिलेक्टेड सीएम’ बनाया है। उन्होंने अधिकारियों पर भी सवाल उठाए कि वे मुख्यमंत्री के पुराने ट्रैक रिकॉर्ड को देखकर उनसे ऐसे काम करवा रहे हैं, जिससे अवैध हथियार, शराब, मानव तस्करी जैसे गिरोहों को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने मोतिहारी होटल सेक्स रैकेट का भी जिक्र किया, जिसमें चार नाबालिगों को बचाया गया था।
मेगा जॉब फेयर पर उठे सवाल, कंपनियों की पड़ताल में चूक?
इस घटना ने 19 से 23 अगस्त तक पटना के ज्ञान भवन में आयोजित उस मेगा जॉब फेयर की पड़ताल पर गंभीर सवाल उठा दिए हैं, जिसमें सरकार ने 20 हजार से अधिक युवाओं को नौकरी देने का दावा किया था। मेले में देशभर से आई 112 कंपनियों में हेकम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड भी शामिल थी। यह कंपनी अक्टूबर 2025 में दिल्ली में पंजीकृत हुई थी और खुद को एक प्लेसमेंट व एचआर एजेंसी बताती है। सरकारी दावों के विपरीत, फर्जी या संदिग्ध कंपनियों का सरकारी मंच से नियुक्ति पत्र बांटना युवाओं की सुरक्षा के साथ बड़ा खिलवाड़ साबित हो रहा है। समापन समारोह में एक करोड़ रोजगार और युवाओं का पलायन रोकने के बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि सुरक्षा और जांच-परख के अभाव में पीड़ित युवाओं को दर-दर भटकना पड़ रहा है।
इस गंभीर आरोप के बाद बिहार सरकार और विशेष रूप से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की विश्वसनीयता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। विपक्ष की मांग है कि इस पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखा जा सके।








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