Bihar Teacher Transfer: राज्य के बिहार शिक्षा विभाग ने सरप्लस शिक्षकों के समायोजन को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विभाग ने 26 जिलों के लगभग 42 हजार अतिरिक्त शिक्षकों की स्थानांतरण संबंधी औपबंधिक सूची जारी कर दी है। इस सूची की सबसे खास बात यह है कि समायोजित किए गए शिक्षकों को उनके द्वारा दिए गए विकल्पों में शामिल विद्यालय ही आवंटित हुए हैं।
अब इन शिक्षकों से ऑनलाइन आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। इन आपत्तियों की जांच और उनके निराकरण के बाद ही स्थानांतरण की अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी। शिक्षा विभाग ने बुधवार को यह औपबंधिक सूची सार्वजनिक की, जिससे बड़ी संख्या में शिक्षकों को अपने पसंदीदा स्कूलों में जाने का अवसर मिला है।
सरप्लस शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया क्या है?
शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई औपबंधिक सूची में शामिल शिक्षकों को इसे देखने के बाद अपनी आपत्ति दर्ज कराने का मौका मिलेगा। विभाग इन आपत्तियों की गहन जांच करेगा और आवश्यक सुधारों के बाद ही अंतिम स्थानांतरण सूची जारी की जाएगी। सरप्लस शिक्षकों के समायोजन की इस प्रक्रिया में शिक्षकों से पहले ही विद्यालयों के विकल्प मांगे गए थे। प्रत्येक शिक्षक को अपनी पसंद के 30 विद्यालयों का विकल्प देने का अवसर दिया गया था। इसी आधार पर स्थानांतरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है। अब जारी हुई औपबंधिक सूची में शिक्षकों को उनके विकल्प वाले विद्यालय मिलने से प्रक्रिया का अगला चरण सुगम हो गया है।
बाकी 12 जिलों का क्या होगा, कब तक पूरी होगी प्रक्रिया?
हालांकि, अभी राज्य के सभी जिलों की औपबंधिक सूची जारी नहीं हुई है। राजधानी पटना सहित 12 जिले ऐसे हैं, जिनकी सूची अभी आनी बाकी है। इन जिलों के सरप्लस शिक्षकों के समायोजन के लिए भी स्थानांतरण की औपबंधिक सूची जल्द ही जारी करने की तैयारी चल रही है। इसके बाद इन जिलों के शिक्षकों को भी सूची और आपत्ति प्रक्रिया से गुजरना होगा। सरकारी विद्यालयों में कुल सरप्लस शिक्षकों की संख्या लगभग एक लाख दो हजार बताई गई है, जिसमें अलग-अलग कक्षाओं के शिक्षक शामिल हैं। इनमें पहली से पांचवीं, छठी से आठवीं, नौवीं-10वीं और 11वीं-12वीं कक्षा के शिक्षक दायरे में आते हैं। विभाग का मुख्य उद्देश्य उपलब्ध शिक्षकों को आवश्यकतानुसार विभिन्न विद्यालयों में समायोजित करना है।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने 28 अगस्त को जानकारी दी थी कि कुल 71,151 सरप्लस शिक्षकों ने समायोजन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। इनमें से लगभग 37 हजार शिक्षकों को उनके पहले से पांचवें विकल्प तक के पसंदीदा विद्यालय मिल चुके हैं। मंत्री के अनुसार, इनमें बड़ी संख्या महिला शिक्षकों की थी, जिन्हें यह राहत मिली है।
पसंदीदा स्कूल मिलने के बाद अब आगे क्या?
औपबंधिक सूची जारी होने के बाद अब पूरी प्रक्रिया का ध्यान आपत्तियों पर केंद्रित रहेगा। जिन शिक्षकों को सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि या गलती नजर आती है, वे ऑनलाइन माध्यम से अपनी आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। विभाग इन आपत्तियों की जांच के बाद ही अंतिम निर्णय लेगा। इसलिए, फिलहाल जारी की गई यह सूची अंतिम नहीं मानी जाएगी। शिक्षा विभाग ने सामान्य स्थानांतरण की प्रक्रिया के लिए भी एक समय सीमा तय की है। सामान्य स्थानांतरण के लिए आवेदन 17 सितंबर से स्वीकार किए जाएंगे। विभाग की योजना है कि स्थानांतरण से जुड़े सभी मामलों का निष्पादन 31 अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाए, जिससे सरप्लस शिक्षकों के समायोजन और सामान्य स्थानांतरण की प्रक्रियाओं को निर्धारित समय में पूरा किया जा सके।








