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आपकी जान बचाएगा! बिहार में अब AI बताएगा खाली बेड, एंबुलेंस से मिलेगी तुरंत मदद | पढ़िए – मंत्री निशांत की बैठक का ‘ अत्याधुनिक तकनीक ‘

Bihar Health: स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने इमरजेंसी सेवाओं को मजबूत करने के लिए अहम निर्देश दिए हैं। अब एंबुलेंस से ही मरीज की स्थिति कंट्रोल सेंटर पहुंचेगी और अस्पतालों में खाली बेड की जानकारी तुरंत मिलेगी, जिससे सही समय पर उचित इलाज संभव हो पाएगा।

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Bihar Health: मरीजों को समय पर और सही उपचार उपलब्ध कराने के लिए बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत की अध्यक्षता में राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के सभागार में हुई एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में पेशेंट रेफरल सिस्टम, एंबुलेंस सेवाओं और अस्पतालों में बेड की रियल टाइम उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

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आपकी जान बचाएगा! बिहार में अब AI बताएगा खाली बेड, एंबुलेंस से मिलेगी तुरंत मदद | पढ़िए - मंत्री निशांत की बैठक का ' अत्याधुनिक तकनीक '

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तकनीकी क्रांति से बदलेगी मरीजों की किस्मत

स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने निर्देश दिए हैं कि रेफरल व्यवस्था को सॉफ्टवेयर के साथ एकीकृत किया जाए। इसके साथ ही, 102 और 108 एंबुलेंस सेवाओं को भी एक साथ जोड़ा जाएगा ताकि मरीजों को बिना किसी देरी के सुविधा मिल सके। आपातकालीन स्थिति में, एंबुलेंस से ही मरीज के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मापदंड (वाइटल) सीधे कंट्रोल सेंटर तक भेजे जा सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मरीज के अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी स्थिति और आवश्यक उपचार की जानकारी मिल जाए।

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AI और रियल टाइम बेड की जानकारी से मिलेगा तत्काल बिहार हेल्थ

अस्पतालों में खाली बेड की जानकारी अब एक डैशबोर्ड पर वास्तविक समय में उपलब्ध होगी। इससे मरीजों को उनकी स्थिति और बेड की उपलब्धता के आधार पर सही अस्पताल तक पहुंचाने में मदद मिलेगी, जिससे इलाज में लगने वाला समय कम हो जाएगा। इस नई व्यवस्था के पायलट प्रोजेक्ट के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH), एम्स पटना, एनएमसीएच और आईजीआईएमएस जैसे प्रमुख संस्थानों को शामिल किया गया है।

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एंबुलेंस में लगाए जाने वाले कियोस्क के माध्यम से भी सरकारी अस्पतालों में बेड की स्थिति देखी जा सकेगी, जिससे मरीज की मौजूदा लोकेशन भी संबंधित अस्पताल तक पहुंचाई जा सकेगी। स्वास्थ्य विभाग कमांड कंट्रोल सेंटर स्थापित करने की तैयारी कर रहा है, जिसके तहत क्यूआर कोड आधारित बेड मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाएगा। यह सुनिश्चित करेगा कि अस्पतालों में बेड की जानकारी लगातार अपडेट होती रहे और रेफरल के दौरान होने वाली अनावश्यक देरी से बचा जा सके।

टेलीमेडिसिन और डेटा का बेहतर उपयोग

मरीजों के खान-पान से संबंधित जानकारी को भी अब स्वास्थ्य डेटा का हिस्सा बनाया जाएगा, जिसे एएनएम, आशा और जीविका दीदी के माध्यम से जुटाया जाएगा। आयुष चिकित्सकों से प्रभावी दवाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी संकलित की जाएगी ताकि उपचार विकल्पों को बेहतर बनाया जा सके। 104 सेवा को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया गया है। इसके प्रचार-प्रसार और कॉल फॉलो-अप को बेहतर बनाने के साथ ही, इसे ई-संजीवनी से जोड़ने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है, जिससे टेलीमेडिसिन सेवाओं तक लोगों की पहुंच बढ़ेगी।

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बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके मरीजों के उपलब्ध डेटा का बेहतर इस्तेमाल करने और निर्णय लेने की प्रक्रिया को मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। विभाग को पेशेंट रेफरल सिस्टम, स्मार्ट एंबुलेंस, टेलीमेडिसिन और एआई आधारित तकनीकी व्यवस्थाओं को आपस में जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। इन सभी तकनीकी सुधारों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी मरीज को, विशेषकर आपातकालीन स्थिति में, समय पर और उपयुक्त विशेषज्ञ चिकित्सा सेवा मिल सके। यह पहल बिहार की स्वास्थ्य प्रणाली को अधिक कुशल और मरीज-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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