Bihar Makhana: बिहार के दरभंगा जिले में महिला किसानों के लिए एक नई उम्मीद जगी है। कृषि विज्ञान केंद्र ने मखाना प्रसंस्करण के ऐसे गुर सिखाए हैं, जिससे उनकी आय में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। जाले के काजी-बहेड़ा पंचायत स्थित नगरडीह गांव में आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण सह अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन कार्यक्रम में 24 महिला किसानों ने हिस्सा लिया, जहाँ उन्हें मखाने से मूल्यवर्धित उत्पाद बनाने की विधि सिखाई गई।
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य महिला किसानों और स्वयं सहायता समूहों को मखाना के प्रसंस्करण, आकर्षक पैकेजिंग, प्रभावी ब्रांडिंग और सही विपणन के माध्यम से अधिक आय अर्जित करने के तरीके समझाना था। गृह वैज्ञानिक डॉ. पूजा कुमारी ने इस पहल के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि कच्चे मखाने की बिक्री के बजाय, उसका प्रसंस्करण करके मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने से किसानों की आमदनी कई गुना बढ़ाई जा सकती है।

मखाने के इन उत्पादों से बढ़ेगी किसानों की आय
प्रशिक्षण के दौरान महिला किसानों को कई तरह के मखाना उत्पाद बनाने का व्यवहारिक प्रदर्शन दिखाया गया। उन्हें रोस्टेड मखाना, मखाना पाउडर, स्वादिष्ट मखाना लड्डू, मखाना स्नैक्स और खास तौर पर मखाना खीर मिक्स तैयार करने की पूरी विधि सिखाई गई। इसके साथ ही, उत्पादों की आकर्षक पैकेजिंग और बाजार में उनकी बेहतर बिक्री के लिए आवश्यक ब्रांडिंग की जानकारी भी दी गई।
गृह वैज्ञानिक डॉ. पूजा कुमारी ने कहा, ‘कच्चे मखाने की बिक्री के बजाय उसका प्रसंस्करण कर मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने से किसानों की आमदनी बढ़ायी जा सकती है।’
दरभंगा: मखाना उत्पादन का प्रमुख केंद्र और रोजगार के अवसर
वैज्ञानिकों ने बताया कि बिहार का दरभंगा क्षेत्र मखाना उत्पादन का एक प्रमुख केंद्र है। मखाने के मूल्य संवर्धन से न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। देश और विदेश दोनों में मखाने की बढ़ती मांग को देखते हुए, प्रसंस्कृत उत्पादों के लिए बाजार में अच्छी संभावनाएं हैं। प्रशिक्षण में शामिल 24 महिला किसानों ने इसे बेहद उपयोगी बताया और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की। कार्यक्रम के अंत में, सभी प्रतिभागियों को मखाना प्रसंस्करण से संबंधित एक लघु पुस्तिका भी वितरित की गई, ताकि वे इन तकनीकों को अपने घरों में भी अपना सकें।







