Junior Asia Cup Hockey: भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने जूनियर एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। टीम ने चीन के मोकी में आयोजित फाइनल मुकाबले में दक्षिण कोरिया को 4-1 से करारी शिकस्त दी। इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारत ने लगातार दूसरी बार टूर्नामेंट की ट्रॉफी अपने पास बरकरार रखी है। इसके साथ ही, भारतीय टीम ने अगले साल होने वाले एफआईएच जूनियर विश्व कप के लिए भी अपनी जगह पक्की कर ली है, जो देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। टीम के इस शानदार प्रदर्शन के बाद हॉकी इंडिया ने खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए विशेष पुरस्कारों की घोषणा की है।
मुकाबले का रोमांच: शुरुआती बढ़त और दबदबा
फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही दक्षिण कोरिया पर दबाव बनाए रखा। पहले क्वार्टर में ही टीम ने दो गोल दागकर अपनी मजबूत बढ़त स्थापित कर ली। भारतीय कप्तान अनमोल इक्का ने टीम के लिए पहला गोल किया, जिसके बाद अजीत यादव ने दूसरा गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया। शुरुआती 15 मिनट में भारत की इस तेज शुरुआत ने मुकाबले की दिशा तय कर दी और प्रतिद्वंद्वी टीम को संभलने का मौका नहीं मिला।


दूसरे क्वार्टर में भी भारतीय खिलाड़ियों का आक्रामक खेल जारी रहा। प्रभदीप सिंह ने एक और गोल करके भारत की बढ़त को 3-0 तक पहुंचा दिया। दक्षिण कोरियाई टीम ने वापसी की कई कोशिशें कीं, लेकिन भारतीय डिफेंस ने उन्हें लगातार मौके नहीं दिए और मजबूती से डटा रहा। मध्यांतर तक भारत बेहद मजबूत स्थिति में था। तीसरे क्वार्टर में दक्षिण कोरिया ने अपनी रक्षात्मक रणनीति को मजबूत किया, जबकि भारतीय टीम ने अपनी बढ़त को बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित किया।
इसके बाद चौथे क्वार्टर में भारत ने एक बार फिर आक्रमण तेज किया। मुकाबले के 50वें मिनट में आशू मौर्य ने टीम के लिए चौथा गोल किया, जिससे भारत ने 4-0 की बड़ी बढ़त हासिल कर ली। दक्षिण कोरिया को मैच के अंतिम चरण में एक मात्र गोल करने में सफलता मिली। टीम के कप्तान ली मिन्ह्योक ने 54वें मिनट में यह गोल किया। इसके बाद कोई और गोल नहीं हुआ, और निर्धारित समय समाप्त होने पर भारत ने 4-1 से शानदार जीत दर्ज कर जूनियर एशिया कप का खिताब अपने नाम कर लिया।
Congratulations to our Junior Men’s Hockey Team on winning the Asia Cup with an emphatic 4-1 win in the final. It is indeed a remarkable achievement. This feat reflects the immense talent of our young players. Best wishes to the entire team!— Narendra Modi (@narendramodi) September 13, 2026
ऐतिहासिक जीत और भविष्य की राह
भारत के लिए यह जीत इसलिए भी खास रही, क्योंकि टीम ने पिछले संस्करण में जीता हुआ खिताब भी बरकरार रखा। लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने के साथ भारतीय जूनियर पुरुष टीम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह मजबूत की है। इस टूर्नामेंट में खिताब की रक्षा के साथ टीम ने अगले एफआईएच जूनियर विश्व कप का टिकट भी हासिल कर लिया है, जो युवा खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन है। हॉकी इंडिया ने खिताबी जीत के बाद खिलाड़ियों के लिए इनाम की घोषणा की है। टीम के प्रत्येक सदस्य को 3 लाख रुपये दिए जाएंगे, वहीं सपोर्ट स्टाफ के हर सदस्य को 1.5 लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा। हॉकी इंडिया ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए टीम को बधाई दी और उनकी उपलब्धि की सराहना की।
महिला टीम का भी कमाल: दोहरी खुशी का मौका
इस टूर्नामेंट में भारतीय हॉकी के लिए एक और बड़ी उपलब्धि सामने आई। इससे पहले भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम ने भी फाइनल में चीन को हराकर खिताब जीता था। महिला टीम ने लगातार तीसरी बार जूनियर एशिया कप की ट्रॉफी अपने नाम की है। इस तरह पुरुष और महिला दोनों भारतीय जूनियर टीमों ने अपने-अपने वर्ग में चैंपियन बनकर अगले साल होने वाले जूनियर हॉकी विश्व कप में अपनी जगह सुनिश्चित की है, जो भारतीय हॉकी के उज्जवल भविष्य का संकेत है।







