Dr Vikram Mishra: दरभंगा के लाल बिहार के डॉ. विक्रम मिश्रा को ‘प्राइड ऑफ भारत सम्मान 2026’ से नवाजा गया है। समाज सेवा और लेखन के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय कार्यों को पहचान देते हुए, पटना के ताज होटल में आयोजित एक भव्य समारोह में बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान ने उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। डॉ. मिश्रा की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
डॉ. विक्रम मिश्रा, जो प्रखंड के पिंडारूच पंचायत के गोपालपुर गांव के निवासी हैं, हाल ही में अपनी पहली पुस्तक ‘ट्रेन इयोर ब्रेन टू वीन’ (Train Your Brain To Win) के प्रकाशन के बाद सुर्खियों में आए थे। यह किताब देखते ही देखते अमेजन की बेस्टसेलर सूची में शामिल हो गई, जिसने उन्हें एक स्थापित लेखक के रूप में पहचान दिलाई। इस पुस्तक के माध्यम से उन्होंने पाठकों को सकारात्मक सोच, मानसिक क्षमता बढ़ाने और सफलता की दिशा में प्रेरित करने का महत्वपूर्ण प्रयास किया है।

सारा अली खान ने किया सम्मानित, राष्ट्रीय पहचान मिली
पटना में आयोजित इस सम्मान समारोह ने डॉ. विक्रम मिश्रा की यात्रा में एक नया मील का पत्थर जोड़ा। बॉलीवुड की जानी-मानी हस्ती सारा अली खान के हाथों सम्मान प्राप्त करना उनकी मेहनत और समर्पण का प्रतीक है। ‘प्राइड ऑफ भारत सम्मान’ मिलना उनके साहित्यिक और सामाजिक योगदान की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति को दर्शाता है। यह सम्मान उन्हें भविष्य में और भी बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।
आगामी पुस्तक पर बनेगी हिंदी फिल्म, चेतन भगत करेंगे विमोचन
डॉ. मिश्रा की साहित्यिक यात्रा यहीं नहीं रुकने वाली। उनकी अगली पुस्तक भगवान महादेव से जुड़े एक पात्र पर आधारित है, जिसका विमोचन अक्टूबर में मुंबई के ताज होटल में प्रसिद्ध लेखक चेतन भगत द्वारा किए जाने की योजना है। इस बीच, निर्देशक रवि राज मुर्मू ने डॉ. मिश्रा की इस आगामी पुस्तक और उसके पात्र को सिनेमाई रूप देने की इच्छा जताई है। रवि राज मुर्मू ने इस पर हिंदी फिल्म बनाने में गहरी रुचि दिखाई है। गौरतलब है कि रवि राज मुर्मू हाल ही में अपनी लघु फिल्म ‘आगेंन’ के लिए 72वें नेशनल फिल्म फेयर अवार्ड में सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक का सम्मान प्राप्त कर चुके हैं, जिससे उनकी इस परियोजना को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है। यह उनके लेखन के प्रभाव और उसकी व्यापक अपील को दर्शाता है।
डॉ. विक्रम मिश्रा का यह सम्मान और उनकी आगामी परियोजनाओं की घोषणा बिहार के युवा लेखकों और समाजसेवियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी सफलता यह दिखाती है कि कड़ी मेहनत और सही दिशा में किए गए प्रयास न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय फलक पर भी पहचान दिला सकते हैं।







