Alinagar News: मनोज कुमार झा दरभंगा। बिहार के अलीनगर प्रखंड स्थित श्यामपुर गांव के लिए यह गर्व का क्षण है। एक साधारण परिवार से आने वाले सुरेंद्र कुमार देव ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में सहायक उप-निरीक्षक (ASI) का पद हासिल कर बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। उनकी इस पदोन्नति से न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव और आसपास के क्षेत्रों में खुशी का माहौल है, जो उनकी मेहनत और लगन का परिणाम है।
संघर्षों से भरा रहा जीवन का सफर
सुरेंद्र कुमार देव के जीवन का सफर चुनौतियों से भरा रहा है। उनके पिता, स्वर्गीय नागेंद्र प्रसाद देव, शारीरिक रूप से दिव्यांग थे लेकिन उन्होंने शिक्षा के महत्व को समझा। ट्यूशन पढ़ाकर उन्होंने अपने बच्चों का पालन-पोषण किया। सुरेंद्र कुमार देव अपने गांव श्यामपुर के पहले ऐसे युवक थे जिन्हें सरकारी सेवा में नियुक्त होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। उन्होंने 1999 में CISF में सिपाही के पद पर अपनी सेवाएं देना शुरू किया था।

सिपाही से ASI तक का सफर
CISF में नियुक्ति के बाद सुरेंद्र कुमार देव को देश के कई भागों में तैनाती मिली। इस दौरान उन्हें कई बार पदोन्नति का अवसर भी मिला। हाल ही में, फोर्स हेडक्वार्टर दिल्ली से उनकी पदोन्नति का पत्र जारी हुआ। एपी/इ एंड एनइ हेडक्वार्टर कोलकाता से 15 सितंबर 2026 को विधिवत रैंक लगाने की अनुशंसा की गई थी। इसके बाद 16 सितंबर को उन्हें एएसआई/एक्जीक्यूटिव यूनिट एएसजी जोरहाट, असम में सहायक उप-निरीक्षक के पद पर पदोन्नति मिली, जहां वह पहले से ही पदस्थापित थे।
सुरेंद्र कुमार देव ने मोबाइल पर अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा, ‘पदोन्नति मेहनत, लगन और उत्कृष्ट कार्य का यह सम्मान है और यह हमें माता-पिता व समाज के आशीर्वाद से प्राप्त होता है।’
पूरे गांव में खुशी की लहर
जैसे ही यह खबर परिवार वालों को मिली, उनके भाई इंजीनियर रंजीत कुमार देव ने इसकी जानकारी सभी को दी। इस खुशखबरी से श्यामपुर गांव में हर्ष का माहौल है। ग्रामीणों में शंभू कुमार देव, संजय कुमार देव, मनीष कुमार देव, जवाहर यादव, निर्भय यादव, पूर्व जिला पार्षद डॉ. मुकेश प्रसाद निराला, जदयू प्रखंड अध्यक्ष मो. मुस्लिम आजाद, छात्र नेता आसिफ आदिल, पंकज कुमार साहु, निजामुद्दीन, गिलमान अली नेयाजी सहित कई लोगों ने सुरेंद्र कुमार देव को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उनकी यह उपलब्धि अलीनगर के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है, जो यह दर्शाता है कि मेहनत और समर्पण से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।







