Gaya Pitru Paksha Mela: आगामी गया पितृपक्ष मेला 2026 के लिए जिला प्रशासन और सड़क निर्माण विभाग ने कमर कस ली है। लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की उम्मीद के साथ, शहर में सड़क मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का काम युद्धस्तर पर जारी है। 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलने वाले इस मेले के लिए प्रमुख धार्मिक स्थलों तक बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि पिंडदानियों को सुगम आवागमन मिल सके।
सड़क निर्माण विभाग (RCD) ने मेला क्षेत्र और महत्वपूर्ण तीर्थ यात्रा मार्गों पर कुल 35 सड़कों की पहचान की है, जिनकी मरम्मत और मजबूतीकरण का कार्य किया जाना है। इन मार्गों में विष्णुपद मंदिर, गया रेलवे स्टेशन, पिंडदान स्थल, फल्गु नदी के घाट और बोधगया को जोड़ने वाली सड़कें शामिल हैं।
35 सड़कों की पहचान, युद्धस्तर पर मरम्मत जारी
गया शहर क्षेत्र में विशेष रूप से 21 सड़कों को चिह्नित किया गया है, जो सीधे विष्णुपद मंदिर से जुड़ी हैं या वहां तक पहुंचने के लिए मुख्य मार्ग के रूप में उपयोग होती हैं। प्रशासन के अनुसार, 19 सितंबर तक इन 21 विष्णुपद-संबंधित सड़कों में से 14 पर मरम्मत का काम पूरा हो चुका है। इस कार्य में गड्ढों को भरना, सड़क की सतह को ठीक करना और अन्य आवश्यक सुधार शामिल हैं।
शेष सड़कों पर काम तेजी से चल रहा है और प्रशासन ने 24 सितंबर को कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसका मतलब है कि मेला शुरू होने से ठीक एक दिन पहले तक सभी लक्षित सड़क कार्य पूरे कर लिए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।
इन प्रमुख मार्गों पर हो रहा है काम
तीर्थयात्रियों और स्थानीय निवासियों द्वारा उपयोग की जाने वाली कई महत्वपूर्ण सड़कें सुधार कार्यक्रम का हिस्सा हैं। इनमें निम्नलिखित प्रमुख मार्ग शामिल हैं:
- बाटा मोड़–रेलवे अस्पताल–काजमी मोड़–मिर्जा गालिब कॉलेज रोड
- काशीनाथ मोड़–बाटा मोड़–गुरुद्वारा रोड
- वेस्ट चर्च रोड
- गेवाल बीघा रोड
- गोदावरी रोड
- गया-बोधगया रोड
- चांद चौरा–रामसागर–कोइरीबाड़ी रोड
- गया स्टेशन–गुरुद्वारा–गोलपत्थर चौक रोड
- चांद चौरा–विष्णुपद–बंगाली आश्रम–एनएच-82 रोड
यातायात प्रबंधन और अन्य तैयारियां भी अहम
अधिकारियों ने संबंधित इंजीनियरों को निर्देश दिया है कि मेले की शुरुआत से पहले सभी आवश्यक सड़क सुधार कार्य पूरे कर लिए जाएं। मरम्मत कार्य के दौरान सामान्य यातायात और तीर्थयात्रियों की आवाजाही में न्यूनतम व्यवधान सुनिश्चित करने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। सड़क तैयारियों को मेला क्षेत्र में यातायात प्रबंधन, पार्किंग, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल और स्वच्छता की व्यवस्थाओं के साथ समन्वित किया जा रहा है।
जिला प्रशासन इन सभी तैयारियों की नियमित समीक्षा कर रहा है, ताकि पितृपक्ष मेले के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सड़क मरम्मत के साथ-साथ यातायात प्रबंधन, पार्किंग, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल और स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे मेला सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।








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