Jamui Crime News: बिहार में 21 सितंबर 2026 को जमुई जिले में एक नाबालिग छात्रा और उसके दोस्त के साथ हुई कथित बदसलूकी के वीडियो सामने आने के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। इस घटना ने विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के कई नेताओं को भी आक्रोशित कर दिया है, जिन्होंने कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है।
सांसद राजेश वर्मा की ‘एनकाउंटर’ की मांग
खगड़िया से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सांसद राजेश वर्मा ने इस घटना को ‘घृणित, अमानवीय और शर्मनाक’ बताते हुए आरोपियों के लिए सीधे एनकाउंटर की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से अपील की है कि ऐसी घटिया मानसिकता वाले अपराधियों को कड़ा संदेश देने के लिए तत्काल कार्रवाई की जाए।
सांसद राजेश वर्मा ने लिखा, “छोटी बहन के साथ ऐसे घटिया कृत्य करने वाले दरिंदे का सीधे एनकाउंटर होना चाहिए ताकि ऐसे घटिया मानसिकता वाले अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश बने।”
तेजस्वी यादव ने साधा निशाना, गुंडाराज का आरोप
जदयू नेता उमेश कुशवाहा ने जमुई की इस घटना को ‘छिटपुट’ बताया, जिस पर राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव भड़क गए। तेजस्वी यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह घटना बिहार में ‘गुंडाराज’ का प्रमाण है और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सत्ता पक्ष के लोग ही ऐसी घटनाओं को सामान्य बता रहे हैं, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।
पुलिस की कार्रवाई और सांसद भारती का बयान
पुलिस ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जमुई से सांसद भारती ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक से बात की है और पूरे मामले पर गंभीरता से नजर बनाए रखने की बात कही है। उन्होंने बच्चों को हुई पीड़ा पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया है कि सभी दोषियों की पहचान कर ली गई है और जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस हरसंभव प्रयास कर रही है। सांसद ने जोर देकर कहा कि कोई भी अपराधी बख्शा नहीं जाएगा।
इस जघन्य अपराध को लेकर बिहार में आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और उम्मीद है कि सभी दोषियों को जल्द ही कानून के दायरे में लाया जाएगा ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।







