Bakhtiyarpur News: बख्तियारपुर से सटे देदौर गांव में कर्मा पूजा के प्रतिमा विसर्जन के दौरान मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। गंगा नदी में गहरे गड्ढे में डूबने से छह लोग इसकी चपेट में आ गए, जिसमें से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो अन्य अभी भी लापता हैं। इस घटना ने पूरे गांव में मातम फैला दिया है और त्योहार की खुशी अचानक शोक में बदल गई है।
कैसे हुआ दर्दनाक हादसा?
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, कर्मा पूजा की प्रतिमाएं लेकर लोग गंगा किनारे विसर्जन के लिए पहुंचे थे। विसर्जन के दौरान कुछ श्रद्धालु अनजाने में नदी किनारे बने एक गहरे गड्ढे में चले गए। पानी की गहराई का अंदाजा न होने के कारण देखते ही देखते छह लोग डूबने लगे, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
गांव में पसरा मातम, परिजनों का बुरा हाल
इस हादसे के बाद देदौर गांव में सन्नाटा पसर गया है। जिस त्योहार को लेकर लोग उत्साहित थे, अब उस पर दुख के बादल छा गए हैं। मृतक और लापता लोगों के परिजन गंगा किनारे पहुंच गए हैं और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि पूजा के बाद सभी उत्साह के साथ विसर्जन के लिए गए थे, लेकिन इस आकस्मिक घटना ने पूरे माहौल को गमगीन कर दिया है। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
लापता लोगों की तलाश जारी, प्रशासन की अपील
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। लापता दो लोगों की तलाश के लिए गोताखोरों की मदद से सघन बचाव अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, गंगा के तेज बहाव और अत्यधिक गहराई के कारण बचाव दल को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से घटनास्थल पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और लोगों से गंगा किनारे गहरे पानी तथा गड्ढों के पास विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके। कर्मा पूजा, जो बिहार और झारखंड के आदिवासी समुदायों का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, प्रकृति की पूजा का प्रतीक है।







