Bihar Four Lane: बिहार के मुंगेर से भागलपुर और झारखंड का सफर अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज होने वाला है। 15 नवंबर से मुंगेर-मिर्जाचौकी ग्रीनफील्ड फोरलेन के पहले पैकेज पर वाहनों का परिचालन शुरू करने की तैयारी है। इस 22.56 किलोमीटर लंबी सड़क के चालू होने से Bihar के लोगों को जाम और संकरे रास्तों की परेशानी से मुक्ति मिलेगी।
मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन: जानकी नगर से खड़िया तक का सफर
फोरलेन का यह हिस्सा मुंगेर के जानकी नगर से खड़िया गांव तक बनाया गया है। इस पैकेज के निर्माण पर लगभग ₹845.27 करोड़ का खर्च आया है। पथ निर्माण विभाग के अनुसार, सड़क का 87.14 फीसदी से अधिक काम पूरा हो चुका है। फिलहाल ओवरब्रिज के पहुंच मार्ग, अंडरपास की कनेक्टिविटी और कुछ जगहों पर कंक्रीट बिछाने का काम तेजी से चल रहा है, जिसे तय समय से पहले पूरा करने की योजना है।
बाढ़ और जमीन विवाद की चुनौतियां, NTPC ने ऐसे किया सहयोग
पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने बताया कि इस फोरलेन का निर्माण कई चुनौतियों से भरा था। गंगा नदी के किनारे का इलाका होने के कारण हर साल लगभग तीन से चार महीने तक बाढ़ और जलजमाव की समस्या रहती थी। इससे तटबंध बनाने के लिए मिट्टी मिलना मुश्किल हो जाता था। इसके अलावा, जमीन के मुआवजे से जुड़े विवादों के कारण करीब 9.5 किलोमीटर हिस्से में भी काम प्रभावित हुआ था।
इन बाधाओं को दूर करने के लिए, सरकार और पथ निर्माण विभाग ने 22 सितंबर 2023 को एक प्रशासनिक फैसला लिया। इसके बाद जिला प्रशासन की मदद से चरणबद्ध तरीके से जमीन का अधिग्रहण किया गया, जिससे रुके हुए काम को गति मिली। मिट्टी की कमी से निपटने के लिए NTPC से पांड ऐश (fly ash) मंगाई गई, जिसका उपयोग तटबंधों को मजबूत बनाने में किया गया। इन लगातार प्रयासों के कारण अब यह परियोजना अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है।
बदलेगी कनेक्टिविटी, झारखंड तक सीधी पहुंच
इस फोरलेन के शुरू होने से मुंगेर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बड़े पैमाने पर राहत मिलेगी। पुरानी संकरी सड़कों और लगातार लगने वाले ट्रैफिक जाम से निजात मिलेगी। नई सड़क से मुंगेर से भागलपुर, बांका और झारखंड सीमा तक आवाजाही में काफी सुधार होगा। यह मुंगेर-मिर्जाचौकी सड़क आगे मिर्जाचौकी और साहिबगंज के रास्ते सीधे झारखंड से जुड़ जाएगी, जिससे अंतर्राज्यीय आवाजाही और माल ढुलाई और भी आसान हो जाएगी। सड़क बनने के बाद मालवाहक वाहनों के लिए समय और खर्च दोनों में महत्वपूर्ण कमी आने की उम्मीद है।







