Jamui News: बिहार के जमुई में एक नाबालिग छात्रा के साथ छेड़खानी और उसके पुरुष साथी के साथ बदसलूकी के मामले में मंत्री एवं स्थानीय विधायक श्रेयसी सिंह के एक बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने इस घटना को लेकर ‘मोरल पुलिसिंग’ पर टिप्पणी की थी, जिसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने उन पर निशाना साधा है। दोनों पार्टियों ने मंत्री के इस बयान को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिससे बिहार की सियासत गरमा गई है।
मंत्री के बयान पर राजनीतिक दलों का हमला
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके श्रेयसी सिंह की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पार्टी ने उनके बयान को शर्मनाक बताते हुए पूछा कि किस तरह की बात को सामान्य बनाने की कोशिश की जा रही है। CJP ने इस मामले में मंत्री से स्पष्टीकरण की मांग की है।
इसी तरह, RJD ने भी श्रेयसी सिंह के बयान पर सवाल खड़े किए हैं। RJD ने मंत्री के उस कथन का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि लड़का और लड़की जमुई के ही रहने वाले हैं, तो उनके साथ ऐसा व्यवहार कैसे किया जा सकता है। RJD ने पूछा कि क्या किसी पीड़ित की स्थानीय पहचान के आधार पर उसके साथ हुई हिंसा को अलग नजरिए से देखा जाना चाहिए।
क्या कहा था श्रेयसी सिंह ने और फिर दी सफाई
एक न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान श्रेयसी सिंह ने ‘मोरल पुलिसिंग’ को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा था कि इसे अधिक सभ्य और शालीन तरीके से किया जा सकता है। उन्होंने यह भी जोड़ा था कि जिस तरह लड़के और लड़की के साथ बदसलूकी हुई, वह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। मंत्री ने जमुई में ऐसी घटना होने पर आश्चर्य भी व्यक्त किया था।
हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद श्रेयसी सिंह ने अपने बयान पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि इंटरव्यू की पूरी क्लिप नहीं दिखाई गई। उनके अनुसार, उन्होंने बातचीत के दौरान बार-बार यह स्पष्ट किया था कि ऐसे असामाजिक तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। इस विवाद के बाद अब देखना होगा कि राजनीतिक गलियारों में यह मुद्दा और कितना गरमाता है।







