Bihar BUHS Protest: सोमवार को पटना में बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BUHS) से जुड़े मेडिकल और नर्सिंग छात्रों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर छात्रों ने गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च किया। इस प्रदर्शन में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव भी शामिल हुए, जिन्होंने छात्रों की मांगों का पुरजोर समर्थन किया। हालांकि, प्रदर्शनकारियों को डाकबंगला चौराहे पर भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग का सामना करना पड़ा, जहां उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया गया।
छात्रों की भविष्य से जुड़ी ये हैं प्रमुख मांगें
BUHS के छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं, जो सीधे तौर पर उनके शैक्षणिक भविष्य और करियर से जुड़ी हैं। इन मांगों में स्थायी कुलपति की नियुक्ति सबसे प्रमुख है। छात्रों का कहना है कि एक स्थायी कुलपति के अभाव में विश्वविद्यालय की प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्था सुचारु रूप से नहीं चल पा रही है। इसके अलावा, छात्रों ने परीक्षा की कॉपियों की दोबारा जांच की व्यवस्था शुरू करने की मांग भी की है।
पप्पू यादव ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा, ‘BUHS में स्थायी कुलपति की नियुक्ति जरूरी है। इससे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु तरीके से चलाने में मदद मिलेगी।’ उन्होंने आगे कहा कि छात्रों को अपनी उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन पर आपत्ति होने की स्थिति में दोबारा जांच का अवसर मिलना चाहिए।
समयबद्ध शैक्षणिक कैलेंडर लागू करना भी छात्रों की एक बड़ी मांग है। उनका तर्क है कि परीक्षाओं और अन्य शैक्षणिक कार्यक्रमों में देरी से उनकी पढ़ाई और करियर पर नकारात्मक असर पड़ता है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने परीक्षा परिणाम से जुड़े मुद्दों को भी उठाया, जो अक्सर देरी और अनियमितताओं का शिकार होते हैं। साथ ही, पप्पू यादव ने BUHS से जुड़े छात्रों को स्टाइपेंड देने की मांग भी रखी, ताकि उन्हें आर्थिक रूप से सहायता मिल सके।
गांधी मैदान से डाकबंगला तक मार्च, फिर पुलिस ने रोका
छात्रों का यह मार्च गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से शुरू हुआ। उनका लक्ष्य मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचना था, ताकि उनकी आवाज सीधे सरकार तक पहुंच सके। पप्पू यादव स्वयं छात्रों के साथ पैदल मार्च करते हुए डाकबंगला चौराहे तक पहुंचे। लेकिन, डाकबंगला चौराहे पर पहले से ही भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात थे और मजबूत बैरिकेडिंग की गई थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को यहीं रोक दिया, जिससे वे मुख्यमंत्री आवास की ओर आगे नहीं बढ़ पाए।
सरकार को अल्टीमेटम, आंदोलन होगा और व्यापक
छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेने की अपील करते हुए पप्पू यादव ने सरकार को चेतावनी भी दी। उन्होंने साफ कहा कि यदि छात्रों की मांगों पर जल्द ही कोई समाधान नहीं निकाला गया, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा। छात्रों का यह प्रदर्शन BUHS की व्यवस्था में सुधार और उनके अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक बन गया है।







