Darbhanga Police: प्रभास रंजन दरभंगा।सोशल मीडिया पर लहेरियासराय थाना क्षेत्र में घटित दो घटनाओं को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक खबरों पर दरभंगा पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस ने इन मामलों से जुड़ी वास्तविक जानकारी साझा करते हुए एक पक्ष द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों को खारिज किया है। इन घटनाओं से जुड़े तथ्यों पर पुलिस ने स्पष्टीकरण जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि कैसे एक मामले में छेड़खानी की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जबकि घटना सिर्फ मारपीट की थी।
लहेरियासराय में पहला मामला: चार नामजद, तीन गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, लहेरियासराय थाना कांड संख्या-523/26 (प्रथम पक्ष) के वादी मोहम्मद जफर, जो मरहूम मोहम्मद मुस्तफा के पुत्र और शेर मोहम्मद भीगों, लहेरियासराय, दरभंगा के निवासी हैं, ने एक पूर्व विवाद को लेकर मामला दर्ज कराया था। उन्होंने चार नामजद प्राथमिकी अभियुक्तों पर मारपीट कर गंभीर रूप से जख्मी करने का आरोप लगाया था। इस मामले में अनुसंधान के दौरान तीन नामजद प्राथमिकी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है, जो पुलिस की त्वरित कार्रवाई को दर्शाता है।
दूसरे मामले में छेड़खानी का आरोप निकला झूठा, पुलिस ने दी नोटिस
वहीं, लहेरियासराय थाना कांड संख्या-529/26 (द्वितीय पक्ष) के वादी मोहम्मद नूर आलम, जो स्व० मोहम्मद दीन के पुत्र और शेर मोहम्मद भीगों, लहेरियासराय, दरभंगा के निवासी हैं, ने पांच नामजद प्राथमिकी अभियुक्तों के खिलाफ गाली-गलौज, मारपीट और छेड़खानी का आरोप लगाते हुए कांड दर्ज कराया था। पुलिस जांच में एक महत्वपूर्ण बात सामने आई है। अनुसंधानकर्ता ने पाया कि इस कांड को अधिक गंभीर बनाने के उद्देश्य से छेड़खानी का आरोप जोड़ा गया था, जबकि वास्तव में घटना केवल मारपीट की थी। इस मामले में प्राथमिकी अभियुक्तों को धारा-35 (3) बी०एन०एस०एस० के तहत नोटिस तामिला कराते हुए विधिवत बंध पत्र पर मुक्त किया गया है।
“द्वितीय पक्ष के द्वारा काण्ड को गंभीर बनाने के उद्येश्य से मारपीट एवं छेड़खानी के आरोप में काण्ड दर्ज कराया गया है जबकि घटना सिर्फ मारपीट की है।”
आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास
लहेरियासराय कांड संख्या-523/26 के नामजद अभियुक्तों में से एक का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ लाहेरियासराय थाना घोटाला संख्या 409/20, दिनांक 2, धारा 341/323/324/308/504/34 बी.डी.वी. के तहत पहले भी मामला दर्ज है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों को खारिज करते हुए जनता से अपील की है कि वे सत्यापित जानकारी पर ही भरोसा करें। पुलिस का कहना है कि वे हर मामले में निष्पक्ष जांच और कानून के मुताबिक कार्रवाई सुनिश्चित कर रहे हैं।







