Bihar Vigilance Raid: बिहार में भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में पटना के ADM (आपूर्ति) रवींद्र कुमार दिवाकर के ठिकानों पर छापेमारी की गई है। इस दौरान उनके और उनकी पत्नी कुमारी स्वीटी से जुड़ी करोड़ों रुपये की आय से अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ है, जिसमें भारी मात्रा में नकदी और महंगी घड़ियां शामिल हैं।
विजिलेंस की छापेमारी में बरामद हुई करोड़ों की संपत्ति
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में रवींद्र कुमार दिवाकर और उनकी पत्नी के पटना और बेगूसराय स्थित आवासों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई में लगभग 79 लाख रुपये नकद बरामद किए गए।
पटना स्थित आवास से करीब 70 लाख रुपये मिले, जबकि बेगूसराय के पैतृक आवास से 9 लाख रुपये से अधिक की नकदी जब्त की गई। नोटों की गिनती के लिए मशीन का इस्तेमाल करना पड़ा।
आज पटना और बेगूसराय में ADM Supply रविंद्र कुमार दिवाकर और उनकी पत्नी, सब-रजिस्ट्रार दानापुर कुमारी स्विटी के ठिकानों पर निगरानी विभाग की छापेमारी हुई। नोटों के बंडल और घड़ियों का कलेक्शन देखकर सवाल उठना लाजमी है बिहार में लूट और भ्रष्टाचार का खेल आखिर कितना बड़ा है? सरकारी नौकरी में रहते हुए इतनी संपत्ति कैसे जुटी, इसका जवाब अब जांच में सामने आएगा।
तस्वीरें देखकर बस इतना कहिए जनता की कमाई या भ्रष्टाचार की कमाई?
तलाशी के दौरान 48 महंगी घड़ियां, सोने-चांदी के आभूषण और करोड़ों रुपये के निवेश व संपत्ति से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले हैं। अधिकारी दंपती से जुड़े पटना में दो फ्लैट और कई भूखंडों के कागजात भी विजिलेंस टीम के हाथ लगे हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है।
शिक्षक से ADM तक का सफर, कैसे पहुंचे इस मुकाम तक?
रवींद्र कुमार दिवाकर का प्रशासनिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। उनका जन्म 25 जून 1975 को बेगूसराय में हुआ था। उन्होंने वर्ष 2000 में एक सरकारी शिक्षक के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी। शिक्षण कार्य के साथ-साथ उन्होंने प्रशासनिक सेवाओं में जाने की तैयारी भी जारी रखी। कड़ी मेहनत के बाद वर्ष 2011 में उन्होंने BPSC परीक्षा पास की और बिहार प्रशासनिक सेवा का हिस्सा बने।
प्रशासनिक अधिकारी के रूप में उनका पहला महत्वपूर्ण पद वर्ष 2009 में सारण जिले में जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (DPRO) का था। इसके बाद वर्ष 2010-11 में कटिहार में सहायक उप समाहर्ता/वरीय उप समाहर्ता, वर्ष 2014 में दरभंगा, वर्ष 2018 में सहरसा में लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी (PGRO), वर्ष 2020 में समस्तीपुर में SDM, वर्ष 2023 में गया और वर्ष 2024 में पटना में वरीय उप समाहर्ता/ADC के रूप में उन्होंने अपनी सेवाएं दीं। अक्टूबर 2025 से उन्हें पटना के ADM (आपूर्ति) की जिम्मेदारी मिली हुई है, और वे इसी पद पर रहते हुए अब निगरानी की जांच के दायरे में आए हैं।
पत्नी कुमारी स्वीटी भी सरकारी अधिकारी, दानापुर में सब-रजिस्ट्रार
रवींद्र कुमार दिवाकर की पत्नी कुमारी स्वीटी भी बिहार निबंधन सेवा की अधिकारी हैं। वर्तमान में वह दानापुर में जिला अवर निबंधक यानी सब-रजिस्ट्रार के पद पर तैनात हैं। इससे पहले उन्होंने तेघड़ा, हवेली खड़गपुर और सकरा जैसे निबंधन कार्यालयों में भी अपनी सेवाएं दी हैं। दोनों अधिकारी दंपती के ठिकानों पर ही निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने यह बड़ी कार्रवाई की है।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, प्रारंभिक जांच में रवींद्र कुमार दिवाकर की ज्ञात आय और संपत्ति के बीच लगभग 1 करोड़ 6 लाख 85 हजार 900 रुपये की ऐसी संपत्ति का पता चला है, जिसे आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक माना गया है। इसी आधार पर निगरानी थाना कांड संख्या 113/26 दर्ज किया गया है।
अदालत से सर्च वारंट मिलने के बाद 28 सितंबर को यह तलाशी अभियान चलाया गया। बरामद नकदी, आभूषण, दस्तावेज और अन्य संपत्तियों का सत्यापन अभी जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही आय से अधिक संपत्ति के इस मामले में अंतिम मूल्यांकन और आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो पाएगी।








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