Bihar Medical College: ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज बिहटा में 2026-27 बैच के एमबीबीएस छात्रों का इंडक्शन प्रोग्राम आयोजित किया गया। इस दौरान नए विद्यार्थियों को सफेद कोट पहनाकर चिकित्सा सेवा की शपथ दिलाई गई, जो उनके आने वाले जिम्मेदारियों का प्रतीक है। इस समारोह में बिहार के क्षेत्रीय निदेशक ने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की भी जानकारी दी।
व्हाइट कोट: जिम्मेदारी और सेवा का प्रतीक
कॉलेज परिसर स्थित ऑडिटोरियम में यह समारोह हुआ, जिसकी अध्यक्षता डीन प्रो. डॉ. नंदकिशोर अल्वा एन. ने की। उन्होंने नव-नामांकित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ‘व्हाइट कोट पहनना चिकित्सा क्षेत्र में जिम्मेदारी और सेवा भावना का प्रतीक है।’ डीन ने छात्रों से अनुशासन में रहकर पढ़ाई करने और कॉलेज व अस्पताल की व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार रखने और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने पर जोर दिया।
शिक्षकों और मरीजों से बेहतर संवाद की अपील
मुख्य अतिथि बिहार के क्षेत्रीय निदेशक सीए निरंजन कुमार ने विद्यार्थियों को शिक्षकों, चिकित्सकों, कर्मचारियों और मरीजों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने की सलाह दी। उन्होंने ईएसआईसी की विभिन्न योजनाओं, उनसे मिलने वाले लाभों और लाभार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। निरंजन कुमार ने यह भी बताया कि ईएसआईसी की स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। इसी दिशा में मुजफ्फरपुर, भागलपुर और बेगूसराय में भी जल्द नए ईएसआईसी अस्पताल शुरू करने की पहल जारी है।
चुनौतियों के बीच धैर्य बनाए रखने की सलाह
इस अवसर पर विद्यार्थियों के परिजनों से भी कॉलेज और अस्पताल प्रशासन को सहयोग देने की अपील की गई। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि मेडिकल शिक्षा के दौरान छात्रों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे समय में, विद्यार्थियों और उनके परिजनों को धैर्य बनाए रखना चाहिए तथा किसी भी समस्या के समाधान के लिए आपसी संवाद कायम रखना महत्वपूर्ण है।
समारोह का संचालन डॉ. परिणीता भारती और डॉ. नेहा भारती ने किया। इस दौरान मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. खालिद राशिद, डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. भास्कर और डॉ. केसरी, रजिस्ट्रार डॉ. लवली, एमईयू कोऑर्डिनेटर डॉ. नीरज नारायण, ज्वाइंट डायरेक्टर ज्योति प्रसाद सहित कॉलेज के अधिकारी, चिकित्सक, कर्मचारी और नए विद्यार्थियों के परिजन मौजूद रहे।
यह इंडक्शन प्रोग्राम नए मेडिकल छात्रों को उनके भविष्य के महत्वपूर्ण पथ पर मार्गदर्शन प्रदान करने और उन्हें चिकित्सा पेशे की गरिमा व जिम्मेदारियों से अवगत कराने का एक महत्वपूर्ण कदम है।







