Bhagalpur Ship Accident: भागलपुर में गंगा नदी पर यात्रियों को लेकर जा रहे दो जहाजों की टक्कर से बड़ा हादसा टल गया। विक्रमशिला सेतु पर मरम्मत कार्य के चलते बंद परिचालन के कारण भागलपुर के वियाडा घाट से नवगछिया के लिए फेरी सेवा चल रही है, लेकिन संवेदकों के बीच समय सारणी को लेकर हुए विवाद ने यह खतरनाक स्थिति पैदा कर दी। यह घटना यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाती है।
संवेदकों की मनमानी और टक्कर की वजह
यात्रियों की आवाजाही सुगम बनाने के लिए सरकार और प्रशासन ने मिलकर वियाडा गंगा घाट से जहाज सेवा शुरू की थी। इसके बावजूद, संवेदकों के बीच पैसा कमाने की होड़ और समय सारणी को लेकर गहरे मतभेद उभर आए। इसी विवाद के कारण गंगा नदी में दो जहाजों के बीच टक्कर हुई। रेम पर संवेदक शेखर के जहाज ने पटना से चल रही एम वी स्वामी परमहंस नामक जहाज को टक्कर मार दी, जिससे बड़ा हादसा होते-होते बचा।
यात्रियों की जान पर बनी, प्रशासन पर सवाल
टक्कर के समय दोनों जहाजों पर बड़ी संख्या में यात्री सवार थे। गनीमत रही कि इस घटना में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ और सभी यात्री सुरक्षित रहे। हालांकि, इस टक्कर से यात्रियों में दहशत फैल गई। यह मामला भागलपुर के वियाडा घाट पर जहाजों के अनियमित संचालन और संवेदकों की लापरवाही को उजागर करता है। विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद यह फेरी सेवा हजारों लोगों के लिए जीवनरेखा बन गई है, ऐसे में प्रशासन को यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कड़े कदम उठाने होंगे।
गंगा नदी में एक जहाज का पिछला हिस्सा टकरा गया। हालांकि, कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और दोनों जहाजों पर सवार यात्री बाल-बाल बच गए। संवेदकों के बीच टाइम टेबल को लेकर हुए विवाद के कारण यह स्थिति बनी।
इस घटना के बाद, जिला प्रशासन को वियाडा घाट पर जहाजों के संचालन के लिए एक स्पष्ट और सख्त समय सारणी लागू करनी चाहिए। संवेदकों के बीच आपसी विवादों को सुलझाने और उनकी मनमानी पर अंकुश लगाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके और यात्रियों की सुरक्षा बनी रहे।







